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महिलाओं को हक दिलाने के लिए सरकारें सक्रिय

Wed, 20 Mar 2019 12:46 AM IST
Kanpur	 Bureau कानपुर ब्यूरो
Updated Wed, 20 Mar 2019 12:46 AM IST
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महिलाओं को हक दिलाने के लिए सरकारें सक्रिय
औरैया। अमर उजाला के अभियान अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स के तहत मंगलवार को महिला थाने में परिचर्चा का आयोजन किया गया। महिला थाना प्रभारी ने महिला सिपाहियों को शपथ दिलाई और उनसे कहा कि पीड़ित महिलाओं को त्वरित न्याय दिलाने में वे अहम योगदान करें। साथ ही महिलाओं को जागरूक भी करें।
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महिला थाना परिसर में महिला थाना प्रभारी नीलम पांडेय ने कहा कि महिला सशक्तीकरण की शुरुआत घर से होनी चाहिए। शिक्षा वह अहम कड़ी है जो महिलाओं से संबंधित तमाम विसंगतियों को समाप्त कर देगी। कहा कि बेटियां किसी भी बाधा की परवाह किए बिना अपने लक्ष्य को प्राप्त करें। इस दौरान उन्होंने महिला सिपाहियों को नारी गरिमा को बनाए रखने की शपथ दिलाई। उनसे कहा कि वे पीड़ित महिलाओं का मार्गदर्शन कर उन्हें न्याय दिलाएं। महिलाओं की सुरक्षा और उनकी मजबूती के लिए सरकार ने कई सुविधाएं दी हैं। इनकी जानकारी वे महिलाओं को दें। कहा कि दूसरों की मदद से ही आगे बढ़ने का हौसला बढ़ता है। यही हौसला ही हमें जीना सिखाता है।
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महिला सिपाही कंचन साहू ने कहा कि घर के साथ ही स्वयं भी महिला सशक्तीकरण की दिशा में कार्य करना होगा। तभी अभियान को सफलता संभव है। जिस देश में समाज व नारी का सम्मान होगा, निश्चित ही उस समाज और देश का विकास होगा। नारी शिक्षा और अधिकार की बात कहने से नहीं उस पर पूरी तरह अमल करने की जरूरत है।
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महिला सिपाही आज पढ़ी लिखी महिलाएं भी घर में रहकर घरेलू हिंसा का शिकार हो रहीं हैं। वे अपने को हीन न समझें और घर के बाहर निकलकर आत्मनिर्भर बनें। देश की कई महिलाओं ने मजबूत इच्छाशक्ति और आत्मबल की बदौलत विश्व में नाम किया है।

महिला थाना प्रभारी नीलम पांडेय ने कहा कि महिलाओं को उनका हक दिलाने के लिए सरकारों ने सराहनीय काम किए हैं। महिलाओं को त्वरित सुनवाई के लिए कई हेल्प लाइन चालू की गईं हैं, जिनका महिलाएं लाभ उठाएं। महिलाएं अब अपने आप को कमजोर न समझें। बस उन्हें अपने अधिकारों को पाने के लिए सजग रहने की जरूरत है।


सिपाही विवेचना ने बताया कि महिलाओं को अपने निजी कार्यों से निकलकर अपनी पहचान बनानी होगी। मध्यकाल में महिलाएं शोषित रहीं लेकिन समय आ गया है कि महिलाएं स्वयं निर्णय लें। जिस दिन नारी पुरुष का भेद समाप्त होगा, निश्चित ही देश सशक्त होगा।

-महिला थाने में अपराजिता 100 मिलियन स्माइल्स अभियान के तहत परिचर्चा
अमर उजाला ब्यूरो
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