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व्हाट्स ऐप से होगी फसलों के स्वास्थ्य की निगरानी
Updated Tue, 30 Oct 2018 11:20 PM IST
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उरई। विभिन्न प्रजातियों के कीटों से परेशान होने वाले किसानों को अब कृषि वैज्ञानिकों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है। अब उन्हें घर बैठे ही फसल के स्वास्थ्य और उनमें लगे कीटों की जानकारी मिल सकेगी। इसके लिए कृषि विभाग ने अब सोशल मीडिया की मदद ली है। विभाग सोशल मीडिया का उपयोग कर फसलों के स्वास्थ्य पर नजर रखेगा और समय-समय पर उनके बचाव की जानकारी देगा।
बता दें कि बुंदेलखंड में लगातार बदलते मौसम के कारण तरह-तरह की विभिन्न कीटों की प्रजातियां उत्पन्न हो गईं हैं। जिनके कारण हर साल कई किसान अपनी मेहनत से हाथ धो बैठते हैं। एक आंकड़े के अनुसार 60 से 70 प्रतिशत फसलों का नुकसान किसानों को कीटों वजह से उठाना पड़ता है।
शासन स्तर हर बार इनके बचाव के लिए विभाग की ओर से कभी कार्यशाला तो कभी गोष्ठियां आयोजित की जाती हैं। फिर भी कीटों से फसलों का सही समय पर बचाव नहीं हो पाता है। इससे प्रशासन की भी सारी कवायद व्यर्थ साबित हो जाती है। किसान भी कीटों के आगे बेबस दिखाई देता है। किसानों को इस नुकसान से बचाने के लिए कृषि विभाग ने इस बार अनोखी पहल की है।
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विभाग ने रबी की फसल को कीटों से बचाने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लेते हुए व्हाट्स ऐप नंबर जारी किया है। विभागीय अधिकारियों ने व्हाट्स ऐप नंबर जारी कर किसानों से अपील की है कि वे फसल बोने से लेकर पकने तक उसमें लगने वाली किसी भी बीमारी के लिए फसल का फोटो खींचकर व्हाट्स ऐप पर डालें और स्थिति भी लिखें, जिससे विभाग के वैज्ञानिक फसल की स्थिति को देखकर उसकी बीमारी का पता लगाकर बचाव के लिए सही दवा व तरीके बता सकें।
किसानों को इस योजना का अधिक से अधिक लाभ मिल सके इसके लिए इसका प्रचार प्रसार किया जा रहा है। कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार अब विभाग के उच्च अधिकारी भी व्हाट्स ऐप के माध्यम से फसल के स्वास्थ्य पर नजर रख सकेंगे। जिससे कि किसानों को इस कीट आपदा से बचाया जा सके ।
जारी किया व्हाट्स ऐप नंबर
व्हाट्स ऐप नंबर 9452257111 में कृषि विभाग के वैज्ञानिक नजर रखेंगे। उपकृषि निदेशक ने सभी वैज्ञानिकों को निर्देश दिए हैं कि किसानों के समस्या बताने के बाद 24 घंटे में उस समस्या का निदान करें।
कृषि उप निदेशक, आरके तिवारी ने कहा कि किसानों की फसलों को कीटों से व किसी भी प्रकार की बीमारी से बचाने के लिए व्हाट्स ऐप नंबर जारी किया गया है जिससे किसानों को संबधित सफल में लगे कीटों की जानकारी व बचाव के सुझाव मिल सके।
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बता दें कि बुंदेलखंड में लगातार बदलते मौसम के कारण तरह-तरह की विभिन्न कीटों की प्रजातियां उत्पन्न हो गईं हैं। जिनके कारण हर साल कई किसान अपनी मेहनत से हाथ धो बैठते हैं। एक आंकड़े के अनुसार 60 से 70 प्रतिशत फसलों का नुकसान किसानों को कीटों वजह से उठाना पड़ता है।
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शासन स्तर हर बार इनके बचाव के लिए विभाग की ओर से कभी कार्यशाला तो कभी गोष्ठियां आयोजित की जाती हैं। फिर भी कीटों से फसलों का सही समय पर बचाव नहीं हो पाता है। इससे प्रशासन की भी सारी कवायद व्यर्थ साबित हो जाती है। किसान भी कीटों के आगे बेबस दिखाई देता है। किसानों को इस नुकसान से बचाने के लिए कृषि विभाग ने इस बार अनोखी पहल की है।
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विभाग ने रबी की फसल को कीटों से बचाने के लिए सोशल मीडिया का सहारा लेते हुए व्हाट्स ऐप नंबर जारी किया है। विभागीय अधिकारियों ने व्हाट्स ऐप नंबर जारी कर किसानों से अपील की है कि वे फसल बोने से लेकर पकने तक उसमें लगने वाली किसी भी बीमारी के लिए फसल का फोटो खींचकर व्हाट्स ऐप पर डालें और स्थिति भी लिखें, जिससे विभाग के वैज्ञानिक फसल की स्थिति को देखकर उसकी बीमारी का पता लगाकर बचाव के लिए सही दवा व तरीके बता सकें।
किसानों को इस योजना का अधिक से अधिक लाभ मिल सके इसके लिए इसका प्रचार प्रसार किया जा रहा है। कृषि विभाग के अधिकारियों के अनुसार अब विभाग के उच्च अधिकारी भी व्हाट्स ऐप के माध्यम से फसल के स्वास्थ्य पर नजर रख सकेंगे। जिससे कि किसानों को इस कीट आपदा से बचाया जा सके ।
जारी किया व्हाट्स ऐप नंबर
व्हाट्स ऐप नंबर 9452257111 में कृषि विभाग के वैज्ञानिक नजर रखेंगे। उपकृषि निदेशक ने सभी वैज्ञानिकों को निर्देश दिए हैं कि किसानों के समस्या बताने के बाद 24 घंटे में उस समस्या का निदान करें।
कृषि उप निदेशक, आरके तिवारी ने कहा कि किसानों की फसलों को कीटों से व किसी भी प्रकार की बीमारी से बचाने के लिए व्हाट्स ऐप नंबर जारी किया गया है जिससे किसानों को संबधित सफल में लगे कीटों की जानकारी व बचाव के सुझाव मिल सके।