{"_id":"5c06c705bdec22417217e06e","slug":"61543948037-auraiya-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"वेतन के लिए तीन दिन का कार्य बहिष्कार","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
वेतन के लिए तीन दिन का कार्य बहिष्कार
Updated Tue, 04 Dec 2018 11:57 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
उरई। जल संस्थान कर्मचारी यूनियन ने प्रांतीय आह्वान पर पांच माह से बकाया वेतन भुगतान न होने समेत कई मांगों को लेकर तीन दिवसीय कार्य बहिष्कार मंगलवार से शुरू कर दिया। इस दौरान कर्मचारियों ने नारेबाजी कर चेतावनी दी कि यदि जल्द समस्याओं का निराकरण नहीं हुआ तो 7 दिसंबर से पेयजल सप्लाई बंद कर देंगे।
कार्य बहिष्कार के दौरान अधिशासी अभियंता कार्यालय में धरने पर बैठे कर्मचारी यूनियन के जिलाध्यक्ष रणवीर सिंह सिसौदिया ने कहा कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन, उपादान एवं अस्थायी पंप चालकों, श्रमिकों के बकाया भुगतान आदि मांगों को लेकर कई बार शासन प्रशासन को अवगत कराया जा चुका है पर समस्याओं के निराकरण में उदासीनता बरती जा रही है। इसके चलते मजबूरी में आंदोलन को विवश होना पड़ रहा है।
तीन दिन के कार्य बहिष्कार के बाद भी अगर ध्यान नहीं दिया गया तो 7 दिसंबर को झांसी में प्रांतीय अध्यक्ष की मौजूदगी में होने वाली बैठक में आंदोलन की अगली रणनीति पर विचार किया जाएगा और जलापूर्ति भी ठप की जाएगी। इस मौके पर रामजी सिंह गुर्जर, सुरेश चंद्र मिश्रा, मुश्ताक शाह, शमीम, रवींद्र सिंह, शिवकुमार, विवेकानंद, रामनरेश विश्वकर्मा, दिलशाद, शैलेंद्र, इकबाल, शिवनारायण पाल, प्रकाश, शिवचरन वर्मा आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
कार्य बहिष्कार के दौरान अधिशासी अभियंता कार्यालय में धरने पर बैठे कर्मचारी यूनियन के जिलाध्यक्ष रणवीर सिंह सिसौदिया ने कहा कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों की पेंशन, उपादान एवं अस्थायी पंप चालकों, श्रमिकों के बकाया भुगतान आदि मांगों को लेकर कई बार शासन प्रशासन को अवगत कराया जा चुका है पर समस्याओं के निराकरण में उदासीनता बरती जा रही है। इसके चलते मजबूरी में आंदोलन को विवश होना पड़ रहा है।
विज्ञापन
तीन दिन के कार्य बहिष्कार के बाद भी अगर ध्यान नहीं दिया गया तो 7 दिसंबर को झांसी में प्रांतीय अध्यक्ष की मौजूदगी में होने वाली बैठक में आंदोलन की अगली रणनीति पर विचार किया जाएगा और जलापूर्ति भी ठप की जाएगी। इस मौके पर रामजी सिंह गुर्जर, सुरेश चंद्र मिश्रा, मुश्ताक शाह, शमीम, रवींद्र सिंह, शिवकुमार, विवेकानंद, रामनरेश विश्वकर्मा, दिलशाद, शैलेंद्र, इकबाल, शिवनारायण पाल, प्रकाश, शिवचरन वर्मा आदि मौजूद रहे।
विज्ञापन