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एमएसी कोर्ट को नगर में किराए के भवन में चलाने का प्रस्ताव
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औरैया। जनपद में मोटर दुर्घटना दावा प्राधिकरण के संचालन के लिए तिलक नगर औरैया (हाईवे के पास) किराये के एक भवन को चिह्नित किया गया है। अधिकरण की स्थापना के लिए मांगे गए प्रस्ताव के परिप्रेक्ष्य में जिलाजज सुशील कुमार ने भवन को प्रस्तावित किया है। इस कदम से कोर्ट के मुख्यालय या अन्य जगह जाने की संभावना लगभग खत्म है।
गौरतलब है कि अभी तक एमएसी से संबंधित मामले वर्तमान सत्र न्यायालयों में चलते थे लेकिन हाईकोर्ट के निर्देश पर शासन ने इन दावों की सुनवाई के लिए अलग अधिकरण स्थापित करने का निर्णय लिया है। इसके लिए स्थान के बाबत प्रस्ताव जिला जज स्तर से मांगा गया था। इस पर शुक्रवार को तिलक नगर के एक किराये के भवन को अधिकरण की स्थापना के लिए उपयुक्त मानकर प्रस्ताव भेजा गया है।
यह भी पता चला है कि जिले के सात अन्य न्यायालयों की स्थापना जून 19 तक की जानी है। इसके लिए डीएम स्तर से चार कर्मचारी आवास (जिला जजी के पास स्थित) को दिया गया है तथा जजी में स्थित एडीजे आवास में दो कोर्ट स्थापित करने का प्रस्ताव भेजा गया है। एक कोर्ट की बढ़ोतरी बिधूना मुंसिफी से की जाएगी। डीबीए के वरिष्ठ सदस्य महावीर शर्मा ने बताया कि हाईकोर्ट में दायर एक जनहित याचिका के परिप्रेक्ष्य में जिले में सात कोर्ट और स्थापित हो सकते हैं। चूंकि नई जजी बनने को काफी समय लगेगा, इसलिए वर्तमान जजी में ही छह कोर्ट की व्यवस्था का प्रस्ताव भेजा गया है।
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- सात अन्य कोर्ट भी इस वर्ष स्थापित हो सकती हैं
अमर उजाला ब्यूरो
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गौरतलब है कि अभी तक एमएसी से संबंधित मामले वर्तमान सत्र न्यायालयों में चलते थे लेकिन हाईकोर्ट के निर्देश पर शासन ने इन दावों की सुनवाई के लिए अलग अधिकरण स्थापित करने का निर्णय लिया है। इसके लिए स्थान के बाबत प्रस्ताव जिला जज स्तर से मांगा गया था। इस पर शुक्रवार को तिलक नगर के एक किराये के भवन को अधिकरण की स्थापना के लिए उपयुक्त मानकर प्रस्ताव भेजा गया है।
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यह भी पता चला है कि जिले के सात अन्य न्यायालयों की स्थापना जून 19 तक की जानी है। इसके लिए डीएम स्तर से चार कर्मचारी आवास (जिला जजी के पास स्थित) को दिया गया है तथा जजी में स्थित एडीजे आवास में दो कोर्ट स्थापित करने का प्रस्ताव भेजा गया है। एक कोर्ट की बढ़ोतरी बिधूना मुंसिफी से की जाएगी। डीबीए के वरिष्ठ सदस्य महावीर शर्मा ने बताया कि हाईकोर्ट में दायर एक जनहित याचिका के परिप्रेक्ष्य में जिले में सात कोर्ट और स्थापित हो सकते हैं। चूंकि नई जजी बनने को काफी समय लगेगा, इसलिए वर्तमान जजी में ही छह कोर्ट की व्यवस्था का प्रस्ताव भेजा गया है।
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- सात अन्य कोर्ट भी इस वर्ष स्थापित हो सकती हैं
अमर उजाला ब्यूरो