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शिखरना में तीन गोवंशों की फिर हुई मौत 20-27-22
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अयाना(औरैया)। शिखरना गोशाला में गोवंशों की मौत का सिलसिला थमता नजर नहीं आ रहा है। शनिवार को तीन गोवंशों की मौत हो गई। गोशाला संचालक सहित ग्रामीणों ने तहसील प्रशासन को जानकारी दी है।
अयाना क्षेत्र के शिखरना गोशाला में अव्यवस्था के कारण लगातार गोवंशों की मौत हो रही है। गोशाला में छाया के लिए टिन शेड की व्यवस्था न होने और समय से चारा, दाना, पानी न मिलने के कारण गोवंश बीमार पड़ रहे हैं। शनिवार को भी तीन गोवंशों की मौत हो गई। समय से चारा और इलाज न मिल पाने के कारण अब तक दर्जनों गोवंशों की मौत हो चुकी है। बावजूद इसके गोशाला में व्यवस्था में सुधार नहीं हो रहा है। गोवंशों को लिए अभी तक टिन शेड नहीं लगाई गई है। बारिश और धूप में रहने के कारण गोवंश बीमार पड़ रहे हैं।
सेवादारों ने बताया कि सूचना के बाद भी चिकित्सक बीमार गोवंशों को देखने के लिए नहीं पहुंच रहे हैं। मरने के बाद गोवंशों को परिसर में मिट्टी में गाड़ा जा रहा है। जिससे ग्रामीणों में रोष है। वहीं गोशाला का संचालन कर रहे लोग गोवंशों की मौत का कारण झगड़कर घायल होना बता रहे हैं। बीडीओ औरैया बब्बन मौर्या ने बताया कि उन्हें किसी भी गोवंश के मरने की जानकारी नहीं है। गोशाला की देखरेख और गोवंशों को चारा, दाना दिए जाने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।
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अयाना क्षेत्र के शिखरना गोशाला में अव्यवस्था के कारण लगातार गोवंशों की मौत हो रही है। गोशाला में छाया के लिए टिन शेड की व्यवस्था न होने और समय से चारा, दाना, पानी न मिलने के कारण गोवंश बीमार पड़ रहे हैं। शनिवार को भी तीन गोवंशों की मौत हो गई। समय से चारा और इलाज न मिल पाने के कारण अब तक दर्जनों गोवंशों की मौत हो चुकी है। बावजूद इसके गोशाला में व्यवस्था में सुधार नहीं हो रहा है। गोवंशों को लिए अभी तक टिन शेड नहीं लगाई गई है। बारिश और धूप में रहने के कारण गोवंश बीमार पड़ रहे हैं।
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सेवादारों ने बताया कि सूचना के बाद भी चिकित्सक बीमार गोवंशों को देखने के लिए नहीं पहुंच रहे हैं। मरने के बाद गोवंशों को परिसर में मिट्टी में गाड़ा जा रहा है। जिससे ग्रामीणों में रोष है। वहीं गोशाला का संचालन कर रहे लोग गोवंशों की मौत का कारण झगड़कर घायल होना बता रहे हैं। बीडीओ औरैया बब्बन मौर्या ने बताया कि उन्हें किसी भी गोवंश के मरने की जानकारी नहीं है। गोशाला की देखरेख और गोवंशों को चारा, दाना दिए जाने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है।
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