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आरक्षण सूची में 288 आपत्तियां
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औरैया। पंचायत चुनाव के लिए जारी सूची में 288 आपत्तियां आई हैं। कई ग्राम पंचायतों में जातिगत आबादी के आंकड़ों को गलत तरीके से दर्शा सीट आरक्षित करने का भी आरोप लगाया गया है।
त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 30 अप्रैल तक होने हैं। जिले की सात ब्लाकों में ग्राम पंचायत प्रधान के 477 पद हैं। इसके साथ ही जिला पंचायत सदस्यों के 23 और क्षेत्र पंचायत सदस्यों के 580 पद हैं। दो और तीन मार्च को पंचायती राज विभाग ने जिले में इन पदों के आरक्षण की अनंतिम सूची जारी की गई थी। इस पर आठ मार्च तक आपत्तियां दाखिल करने का समय था। सोमवार तक 288 लोगों ने आरक्षण को लेकर आपत्ति की है। सबसे ज्यादा आपत्तियां ग्राम प्रधान पदों पर हैं। 12 मार्च तक आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। इसके बाद 15 मार्च को अंतिम सूची जारी की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि अंतिम सूची जारी होने के बाद निर्वाचन आयोग की ओर से चुनाव अधिसूचना जारी हो सकती है।
अनुसूचित जाति की सीट न होने पर जताई आपत्ति
औरैया। सदर ब्लॉक की ग्राम पंचायत बमुरीपुर में प्रधान पद की सीट पिछड़ी जाति के लिए सुरक्षित है। ग्रामीणों ने जिला पंचायत राज अधिकारी को ज्ञापन देकर इस पर आपत्ति जताई। सीट को अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित करने की मांग की।
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मंगलवार को ग्राम पंचायत बमुरीपुर के विजय कुमार, रामकीरथ, अभय यादव, रोहित मिश्रा, दिलीप कुमार, लालू, अभिलाख तिवारी, अविनाश मिश्रा, आदि ने जिला पंचायत राज अधिकारी को ज्ञापन दिया। बताया कि गांव के प्रधान पद की सीट आरक्षण के अनुसार अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित होनी चाहिए। गांव में अनुसूचित जाति की 48 प्रतिशत, पिछड़ी जाति की 35 प्रतिशत, सामान्य वर्ग की 17 प्रतिशत आबादी है। ग्रामीणों ने सीट को अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित किए जाने की मांग की। (संवाद)
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त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव 30 अप्रैल तक होने हैं। जिले की सात ब्लाकों में ग्राम पंचायत प्रधान के 477 पद हैं। इसके साथ ही जिला पंचायत सदस्यों के 23 और क्षेत्र पंचायत सदस्यों के 580 पद हैं। दो और तीन मार्च को पंचायती राज विभाग ने जिले में इन पदों के आरक्षण की अनंतिम सूची जारी की गई थी। इस पर आठ मार्च तक आपत्तियां दाखिल करने का समय था। सोमवार तक 288 लोगों ने आरक्षण को लेकर आपत्ति की है। सबसे ज्यादा आपत्तियां ग्राम प्रधान पदों पर हैं। 12 मार्च तक आपत्तियों का निस्तारण किया जाएगा। इसके बाद 15 मार्च को अंतिम सूची जारी की जाएगी। अधिकारियों का कहना है कि अंतिम सूची जारी होने के बाद निर्वाचन आयोग की ओर से चुनाव अधिसूचना जारी हो सकती है।
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अनुसूचित जाति की सीट न होने पर जताई आपत्ति
औरैया। सदर ब्लॉक की ग्राम पंचायत बमुरीपुर में प्रधान पद की सीट पिछड़ी जाति के लिए सुरक्षित है। ग्रामीणों ने जिला पंचायत राज अधिकारी को ज्ञापन देकर इस पर आपत्ति जताई। सीट को अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित करने की मांग की।
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मंगलवार को ग्राम पंचायत बमुरीपुर के विजय कुमार, रामकीरथ, अभय यादव, रोहित मिश्रा, दिलीप कुमार, लालू, अभिलाख तिवारी, अविनाश मिश्रा, आदि ने जिला पंचायत राज अधिकारी को ज्ञापन दिया। बताया कि गांव के प्रधान पद की सीट आरक्षण के अनुसार अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित होनी चाहिए। गांव में अनुसूचित जाति की 48 प्रतिशत, पिछड़ी जाति की 35 प्रतिशत, सामान्य वर्ग की 17 प्रतिशत आबादी है। ग्रामीणों ने सीट को अनुसूचित जाति के लिए सुरक्षित किए जाने की मांग की। (संवाद)