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मानक ताक पर रख, लगने लगे बारूद के ढेर
Updated Wed, 07 Nov 2018 12:02 AM IST
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औरैया। शहर में आतिशबाजी व बारूद का जखीरा बड़ा खतरा है। माफियाओं ने इनका बड़े पैमाने पर स्टाक कर रखा है। 2011 में याकूबपुर में धमाके से सात लोगों की जान चली गई थी। पांच मकान धराशायी हुए थे।
त्योहार को लेकर माफियाओं ने बड़े पैमाने पर बारूद व आतिशबाजी का स्टाक कर रखा है। प्रतिदिन 20 से 25 पेटी माल उतर रहा है। सराफा बाजार व ब्रह्मनगर में बड़े पैमाने पर स्टाक है। यह सब बुधवार तक नहीं खप पाएगा। हाकिमों की इन तक पहुंच नहीं हैै। सूत्रों के अनुसार प्रशासन का दबाव पड़ने पर माफिया भार क्षमता कम कराकर अपना लाइसेंस जारी करवा लेते हैं। इसके बाद धड़ल्ले से बारूद बेचते हैं। अभी भी जिला प्रशासन नहीं चेता तो दिक्कत हो सकती है।
नहीं पहुंचेगी फायर ब्रिगेड
शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों में बारूद व आतिशबाजी के ढेर लगे हैं। मानक के अनुसार आबादी वाले क्षेत्रों में बारूद नहीं रखी जा सकती है। इसके बाद भी स्टाक जमा है। इन इलाकों में दमकल नहीं पहुंच सकती। हादसा होने पर मुश्किल हो जाएगी। शहर के जिस क्षेत्र में विस्फोटक पदार्थों को इकट्ठा किया जा रहा है, उससे महज सौ कदम की दूरी पर पुलिस पिकेट है। इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही।
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बड़ा खतरा है आतिशबाजी का जखीरा
2011 में दिवाली की रात धमाके में गई थी सात की जान
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त्योहार को लेकर माफियाओं ने बड़े पैमाने पर बारूद व आतिशबाजी का स्टाक कर रखा है। प्रतिदिन 20 से 25 पेटी माल उतर रहा है। सराफा बाजार व ब्रह्मनगर में बड़े पैमाने पर स्टाक है। यह सब बुधवार तक नहीं खप पाएगा। हाकिमों की इन तक पहुंच नहीं हैै। सूत्रों के अनुसार प्रशासन का दबाव पड़ने पर माफिया भार क्षमता कम कराकर अपना लाइसेंस जारी करवा लेते हैं। इसके बाद धड़ल्ले से बारूद बेचते हैं। अभी भी जिला प्रशासन नहीं चेता तो दिक्कत हो सकती है।
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नहीं पहुंचेगी फायर ब्रिगेड
शहर के भीड़भाड़ वाले इलाकों में बारूद व आतिशबाजी के ढेर लगे हैं। मानक के अनुसार आबादी वाले क्षेत्रों में बारूद नहीं रखी जा सकती है। इसके बाद भी स्टाक जमा है। इन इलाकों में दमकल नहीं पहुंच सकती। हादसा होने पर मुश्किल हो जाएगी। शहर के जिस क्षेत्र में विस्फोटक पदार्थों को इकट्ठा किया जा रहा है, उससे महज सौ कदम की दूरी पर पुलिस पिकेट है। इसके बाद भी कोई कार्रवाई नहीं हो रही।
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2011 में दिवाली की रात धमाके में गई थी सात की जान