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वितीय अनियमितता के चलते जीजीआईसी गोहन की प्रधानाचार्य हटीं
Updated Thu, 14 Sep 2017 12:51 AM IST
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उरई। राजकीय बालिका इंटर कालेज गोहन की प्रधानाचार्य निर्मला वर्मा को वित्तीय अनियमितता के चलते मंगलवार को पद से हटा दिया गाय। इन पर छात्राओं से तय मानक से अधिक फीस वसूली का आरोप था। मामले की जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। कालेज की वरिष्ठ प्रवक्ता कुसमावती वर्मा को प्रधानाचार्य का चार्ज दिया गया है।
राजकीय बालिका इंटर कालेज गोहन की प्रधानाचार्य निर्मला वर्मा के खिलाफ कालेज की छात्राओं ने डीआईओएस भगवत प्रसाद पटेल से शिकायत की थीं। इसमें निर्धारित फीस से अधिक वसूलने सहित कई गंभीर आरोप लगाए थे। प्राथमिक जांच में शिकायतें सही पाई गई। इस पर उन्हें पद से हटा दिया गया। उनके स्थान पर विद्यालय की वरिष्ठ प्रवक्ता कुसमावती वर्मा को प्रभारी प्रधानाचार्य बनाया गया है। उनके कार्यकाल में कालेज में हुए सभी कार्यों की जांच कराई जाएगी।
डीआईओएस भगवत प्रसाद पटेल ने बताया कि निर्मला वर्मा तीन साल से प्रधानाचार्य के पद पर तैनात थी। उन पर लगे आरोपों की विस्तृत जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। कमेटी की जांच में शिकायतें सही मिलीं तो निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। जांच समिति में जीआईसी बंगरा के प्रभारी प्रधानाचार्य जयदेव नगाईच, राजकीय हाई स्कूल अजीतापुर के प्रधानाध्यापक अमित नागर तथा डीआईओएस कार्यालय के वरिष्ठ लिपिक उमाशंकर प्रजापति को शामिल किया गया है।
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वित्तीय अनियमितता के आरोप में हटीं जीजीआईसी की प्रधानाचार्य
-छात्राओं से अवैध वसूली का मामला
-कुसमावती वर्मा को बनाया गया प्रभारी प्रधानाचार्य
-जांच के लिए तीन सदस्यी टीम का किया गठन
राजकीय बालिका इंटर कालेज गोहन की प्रधानाचार्य निर्मला वर्मा के खिलाफ कालेज की छात्राओं ने डीआईओएस भगवत प्रसाद पटेल से शिकायत की थीं। इसमें निर्धारित फीस से अधिक वसूलने सहित कई गंभीर आरोप लगाए थे। प्राथमिक जांच में शिकायतें सही पाई गई। इस पर उन्हें पद से हटा दिया गया। उनके स्थान पर विद्यालय की वरिष्ठ प्रवक्ता कुसमावती वर्मा को प्रभारी प्रधानाचार्य बनाया गया है। उनके कार्यकाल में कालेज में हुए सभी कार्यों की जांच कराई जाएगी।
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डीआईओएस भगवत प्रसाद पटेल ने बताया कि निर्मला वर्मा तीन साल से प्रधानाचार्य के पद पर तैनात थी। उन पर लगे आरोपों की विस्तृत जांच के लिए तीन सदस्यीय कमेटी गठित की गई है। कमेटी की जांच में शिकायतें सही मिलीं तो निलंबन की कार्रवाई की जाएगी। जांच समिति में जीआईसी बंगरा के प्रभारी प्रधानाचार्य जयदेव नगाईच, राजकीय हाई स्कूल अजीतापुर के प्रधानाध्यापक अमित नागर तथा डीआईओएस कार्यालय के वरिष्ठ लिपिक उमाशंकर प्रजापति को शामिल किया गया है।
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वित्तीय अनियमितता के आरोप में हटीं जीजीआईसी की प्रधानाचार्य
-छात्राओं से अवैध वसूली का मामला
-कुसमावती वर्मा को बनाया गया प्रभारी प्रधानाचार्य
-जांच के लिए तीन सदस्यी टीम का किया गठन