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लापरवाही पर एडीओ पंचायत सहित 27 कर्मचारियों के वेतन काटे
Updated Fri, 06 Oct 2017 12:31 AM IST
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उरई। जिले को ओडीएफ बनाने को लेकर प्रशासन ने अब सख्त कदम उठाना शुरू कर दिया है। गुरुवार को गांवों में चलाए जा रहे जागरूकता अभियान में लापरवाही पर महेवा एडीओ पंचायत सहित 27 ग्राम विकास अधिकारी व ग्राम पंचायत अधिकारी पर कार्रवाई की गाज गिरी है। जिलाधिकारी के निर्देश पर मुख्य विकास अधिकारी ने क्रास चेकिंग में अनुपस्थित मिले कर्मचारियों का एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन की इस कार्रवाई से कर्मचारियों में हड़कंप है।
बताते चले कि जिले में गांवों को खुले में शौच मुक्त कराने के लिए जिला प्रशासन तमाम प्रयास कर रहा है। इसमें जहां गांवों में शौचालय बनवाएं जा रहे हैं वही लोगों को खुले में शौच न जाने के लिए भी जागरूक किया जा रहा है। गांवों में जागरूकता के लिए जिलाधिकारी ने सभी ग्राम विकास अधिकारी व ग्राम पंचायत अधिकारी को निर्देशित किया था कि वह गांवों में सुबह सुबह पहुंचकर मॉर्निंग फालोअप के रूप में लोगों को खुले में शौच न जाने के लिए प्रेरित करें। इस अभियान की जिम्मेदारी हर ब्लॉक के एडीओ पंचायत को दी थी।
अभियान को लेकर क्रास चेकिंग कराने की भी चेतावनी दी गई थी, लेकिन चेतावनी के बाद भी कर्मचारियों ने मोर्निंग फाओअप अभियान मे लापरवाही की। लापरवाही पर एडीओ पंचायत सहित 27 कर्मचारियों को एक दिन के वेतन काटने के निर्देश दिए। सीडीओ एसपी सिंह ने बताया कि 27 अगस्त को मॉर्निंग फालोअप अभियान की क्रास चेकिंग कराई गई थी, जिसमें जिले में कई कर्मचारी नदारत मिले।
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क्रास चेकिंग रिपोर्ट के अनुसार महेवा के एडीओ पंचायत छेदा लाल सहित महेवा, जालौन, डकोर व माधौगढ़ के कुछ 27 ग्राम पंचायत अधिकारी व ग्राम विकास अधिकारियों के 27 अगस्त का वेतन काटने के निर्देश दिए। बताया कि जागरूकता अभियान में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हर हाल में इस माह के अंत तक जिले को ओडीएफ बना दिया जाएगा।
- खुले में शौच जागरूकता कार्यक्रम में लापरवाही पर हुई कार्रवाई
- ग्राम पंचायत अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारियों पर गिरी गाज
अमर उजाला ब्यूरो
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बताते चले कि जिले में गांवों को खुले में शौच मुक्त कराने के लिए जिला प्रशासन तमाम प्रयास कर रहा है। इसमें जहां गांवों में शौचालय बनवाएं जा रहे हैं वही लोगों को खुले में शौच न जाने के लिए भी जागरूक किया जा रहा है। गांवों में जागरूकता के लिए जिलाधिकारी ने सभी ग्राम विकास अधिकारी व ग्राम पंचायत अधिकारी को निर्देशित किया था कि वह गांवों में सुबह सुबह पहुंचकर मॉर्निंग फालोअप के रूप में लोगों को खुले में शौच न जाने के लिए प्रेरित करें। इस अभियान की जिम्मेदारी हर ब्लॉक के एडीओ पंचायत को दी थी।
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अभियान को लेकर क्रास चेकिंग कराने की भी चेतावनी दी गई थी, लेकिन चेतावनी के बाद भी कर्मचारियों ने मोर्निंग फाओअप अभियान मे लापरवाही की। लापरवाही पर एडीओ पंचायत सहित 27 कर्मचारियों को एक दिन के वेतन काटने के निर्देश दिए। सीडीओ एसपी सिंह ने बताया कि 27 अगस्त को मॉर्निंग फालोअप अभियान की क्रास चेकिंग कराई गई थी, जिसमें जिले में कई कर्मचारी नदारत मिले।
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क्रास चेकिंग रिपोर्ट के अनुसार महेवा के एडीओ पंचायत छेदा लाल सहित महेवा, जालौन, डकोर व माधौगढ़ के कुछ 27 ग्राम पंचायत अधिकारी व ग्राम विकास अधिकारियों के 27 अगस्त का वेतन काटने के निर्देश दिए। बताया कि जागरूकता अभियान में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। हर हाल में इस माह के अंत तक जिले को ओडीएफ बना दिया जाएगा।
- खुले में शौच जागरूकता कार्यक्रम में लापरवाही पर हुई कार्रवाई
- ग्राम पंचायत अधिकारी, ग्राम विकास अधिकारियों पर गिरी गाज
अमर उजाला ब्यूरो