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Auraiya News: 175 साल पुराना नहर पुल जर्जर, 3.15 करोड़ रुपये बजट के बावजूद निर्माण रुका
Mon, 07 Sep 2026 12:15 AM IST
कानपुर ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
संवाद न्यूज एजेंसी, औरैया
Updated Mon, 07 Sep 2026 12:15 AM IST
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फोटो -14- जर्जर पुल के निचले हिस्से का नजारा। संवाद
अछल्दा। औरैया-बिधूना मार्ग पर स्थित लगभग 175 वर्ष पुराना नहर पुल जर्जर स्थिति में है। पुल के निचले हिस्से से ईंटें गिर रही हैं और छत पर गड्ढे बन गए हैं, जिससे बड़े हादसे का खतरा बना हुआ है। इसकी खराब हालत को देखते हुए 18 दिसंबर 2023 से भारी वाहनों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है।
पीडब्ल्यूडी ने अगस्त 2023 में 3.15 करोड़ रुपये की लागत से नए टू-लेन पुल का प्रस्ताव भेजा था। शासन ने जनवरी 2025 में पूरी धनराशि भी अवमुक्त कर दी थी। बजट मिलने के डेढ़ साल बाद भी नए पुल का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। इससे स्थानीय लोगों और राहगीरों में आक्रोश है। राहगीरों को रोजाना जान जोखिम में डालकर इसी जर्जर पुल से सफर करना पड़ रहा है। पुल के निचले हिस्से का प्लास्टर उखड़ गया है और ईंटें टूटकर गिर रही हैं। पुल की खत्म होती मियाद उसके क्षतिग्रस्त निचले हिस्से से स्पष्ट दिखती है। सरकारी सिस्टम इसे लेकर कोई खास कदम नहीं उठा रहा है।
निर्माण खंड औरैया की अधिशासी अभियंता अलका सिंह ने देरी का कारण बताया। उन्होंने कहा कि सिंचाई विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) मिलने में देरी हुई। यह अनापत्ति प्रमाण पत्र मार्च 2026 में मिला है। अलका सिंह ने आश्वस्त किया कि अक्तूबर महीने में नहर का क्लोजर मिलेगा। इसके बाद नए पुल का निर्माण कार्य तेजी से शुरू करा दिया जाएगा।
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पीडब्ल्यूडी ने अगस्त 2023 में 3.15 करोड़ रुपये की लागत से नए टू-लेन पुल का प्रस्ताव भेजा था। शासन ने जनवरी 2025 में पूरी धनराशि भी अवमुक्त कर दी थी। बजट मिलने के डेढ़ साल बाद भी नए पुल का निर्माण कार्य शुरू नहीं हो सका है। इससे स्थानीय लोगों और राहगीरों में आक्रोश है। राहगीरों को रोजाना जान जोखिम में डालकर इसी जर्जर पुल से सफर करना पड़ रहा है। पुल के निचले हिस्से का प्लास्टर उखड़ गया है और ईंटें टूटकर गिर रही हैं। पुल की खत्म होती मियाद उसके क्षतिग्रस्त निचले हिस्से से स्पष्ट दिखती है। सरकारी सिस्टम इसे लेकर कोई खास कदम नहीं उठा रहा है।
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निर्माण खंड औरैया की अधिशासी अभियंता अलका सिंह ने देरी का कारण बताया। उन्होंने कहा कि सिंचाई विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) मिलने में देरी हुई। यह अनापत्ति प्रमाण पत्र मार्च 2026 में मिला है। अलका सिंह ने आश्वस्त किया कि अक्तूबर महीने में नहर का क्लोजर मिलेगा। इसके बाद नए पुल का निर्माण कार्य तेजी से शुरू करा दिया जाएगा।
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