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पंजीकरण तो हुए पर छात्र संख्या जस की तस
Updated Thu, 10 Aug 2017 11:00 PM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
औरैया।
शिक्षा की गुणवत्ता सुदृढ़ किए जाने के लिए डीएम खुद निरीक्षण कर रहे हैं। वहीं नगर क्षेत्र के परिषदीय विद्यालयों में शिक्षा व्यवस्था सुरधरने का नाम नहीं ले रही है। वर्ष 2017-18 में जिला प्रशासन की ओर से अधिक से अधिक पंजीकरण कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं। वैसे परिषदीय विद्यालयों में पंजीकरण की संख्या तो बढ़ी है लेकिन छात्र संख्या जस की तस है।
नगर क्षेत्र के कन्या प्राथमिक विद्यालय भीखमपुर में वर्ष 2017-18 में 13 नये पंजीकरण हुए हैं। इससे पहले यहां पर छात्रों की संख्या 48 थी, लेकिन नये पंजीकरण होने के बाद यहां पर छात्र संख्या 53 हो गई है। लेकिन हकीकत में देखा जाए तो यहां पर पंजीकृत छात्र संख्या के सापेक्ष आधे ही बच्चे मिले।
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प्राथमिक विद्यालय रूहाई में इस वर्ष 14 नये छात्र-छात्राओं के पंजीकरण किए गए हैं। नये पंजीकरण होने के बाद यहां की छात्र संख्या 44 तक पहुंच गई है। यहां पर करीब 30 बच्चे पठन-पाठन करते मिले।
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कन्या प्राथमिक विद्यालय दिल्ली दरवाजा का तो हाल-बेहाल नजर आया। यहां पर 31 बच्चे पंजीकृत हैं, जबकि यहां पर मात्र तीन बच्चे ही नजर आए और वह भी मौज-मस्ती कर रहे थे। यहां पर तैनात टीचर निधी मिश्रा बच्चाें को पढ़ाने की बजाए कुर्सी पर बैठी हुई थीं। इसके बाद भी बच्चे क्लास में मौज-मस्ती कर रहे थे।
बेसिक शिक्षा अधिकारी एसपी यादव ने बताया कि छात्र संख्या में बढ़ोतरी किए जाने के निर्देश परिषदीय विद्यालय के प्रधानाध्यापकों को दिए गए हैं। अगर छात्र संख्या घट रही है तो यह सोचनीय विषय है। जल्द ही अभियान चलाकर बच्चों एवं अभिभावकों को जागरूक किया जाएगा। वहीं जिन विद्यालय में बच्चे कम हैं। संबंधित टीचर के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
- पंजीकृत छात्र संख्या के आधे बच्चे नहीं पहुंच रहे हैं स्कूल