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दो हजार 235 शिक्षकों के वेतन पर छाया संकट
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औरैया। न्यू पेंशन स्कीम प्रभावी तरीके से लागू करने को लेकर बेसिक शिक्षा विभाग ने लगाम कस दी है। स्कीम के दायरे में आने वाले लगभग 2,235 शिक्षकों के लिए न्यू पेंशन स्कीम (एनपीएस) की धनराशि की कटौती करना अनिवार्य कर दिया गया है। शिक्षकों को नंबर आवंटित कराने के लिए महीने भर का समय दिया गया है। ऐसा न करने पर इनका वेतन फरवरी माह से रोक दिया जाएगा।
जिले के 1516 परिषदीय विद्यालयों में लगभग चार हजार शिक्षक कार्यरत हैं। जिनमें सन् 2004 के बाद नई नियुक्ति में 2,235 शिक्षक हैं। ऐसे शिक्षकों को पुरानी पेंशन सुविधा से बाहर कर दिया गया है। इनके लिए एनपीएस लागू की गई है। इनके वेतन का दस फीसदी कटौती कर प्रान नंबर में जमा होगा और इतनी ही धनराशि सरकार देगी। सेवानिवृत्ति के बाद ब्याज सहित जो भी धनराशि तैयार होगी, उसका 60 फीसदी संबंधित कर्मचारी को एक मुश्त भुगतान किया जाएगा। 40 फीसदी धनराशि से उसे नई पेंशन का भुगतान होगा। खास बात यह है कि निर्देश के बावजूद कई शिक्षक एनपीएस की कटौती नहीं करा रहे हैं। वर्तमान समय में जिले में कुल 1267 शिक्षकों को प्रान नंबर मिल चुके हैं, जिनमें 578 की एनपीएस की कटौती हो रही है।
शासन ने एनपीएस की कटौती न कराने वाले शिक्षकों का जनवरी माह का भुगतान रोक दिया है। इन्हें कटौती के बाद ही वेतन भुगतान किया जाएगा। इसके साथ बिना प्रान नंबर वाले शिक्षकों का जनवरी माह का वेतन तो भुगतान किया जाए, लेकिन फरवरी माह में प्रान नंबर का आवंटन कराकर एनपीएस की कटौती कराने के बाद ही मार्च माह का वेतन मिल पाएगा। बीएसए सूर्य प्रकाश सिंह का कहना है कि जिले में एनपीएस की कटौती कराने के लिए शिक्षकों को दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं। ब्लॉक मुख्यालयों में शिविर लगाकर प्रान नंबर आवंटन किया जा रहा है। बीएसए ने सभी शिक्षकों को शिविर में पहुंचकर एनपीएस कटौती की प्रक्रिया पूरी कराने के निर्देश दिए हैं।
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-अब न्यू पेंशन स्कीम (एनपीएस) धनराशि की कटौती अनिवार्य
अमर उजाला ब्यूरो
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जिले के 1516 परिषदीय विद्यालयों में लगभग चार हजार शिक्षक कार्यरत हैं। जिनमें सन् 2004 के बाद नई नियुक्ति में 2,235 शिक्षक हैं। ऐसे शिक्षकों को पुरानी पेंशन सुविधा से बाहर कर दिया गया है। इनके लिए एनपीएस लागू की गई है। इनके वेतन का दस फीसदी कटौती कर प्रान नंबर में जमा होगा और इतनी ही धनराशि सरकार देगी। सेवानिवृत्ति के बाद ब्याज सहित जो भी धनराशि तैयार होगी, उसका 60 फीसदी संबंधित कर्मचारी को एक मुश्त भुगतान किया जाएगा। 40 फीसदी धनराशि से उसे नई पेंशन का भुगतान होगा। खास बात यह है कि निर्देश के बावजूद कई शिक्षक एनपीएस की कटौती नहीं करा रहे हैं। वर्तमान समय में जिले में कुल 1267 शिक्षकों को प्रान नंबर मिल चुके हैं, जिनमें 578 की एनपीएस की कटौती हो रही है।
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शासन ने एनपीएस की कटौती न कराने वाले शिक्षकों का जनवरी माह का भुगतान रोक दिया है। इन्हें कटौती के बाद ही वेतन भुगतान किया जाएगा। इसके साथ बिना प्रान नंबर वाले शिक्षकों का जनवरी माह का वेतन तो भुगतान किया जाए, लेकिन फरवरी माह में प्रान नंबर का आवंटन कराकर एनपीएस की कटौती कराने के बाद ही मार्च माह का वेतन मिल पाएगा। बीएसए सूर्य प्रकाश सिंह का कहना है कि जिले में एनपीएस की कटौती कराने के लिए शिक्षकों को दिशा-निर्देश जारी किए जा चुके हैं। ब्लॉक मुख्यालयों में शिविर लगाकर प्रान नंबर आवंटन किया जा रहा है। बीएसए ने सभी शिक्षकों को शिविर में पहुंचकर एनपीएस कटौती की प्रक्रिया पूरी कराने के निर्देश दिए हैं।
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-अब न्यू पेंशन स्कीम (एनपीएस) धनराशि की कटौती अनिवार्य
अमर उजाला ब्यूरो