{"_id":"5a89bef24f1c1b387b8b7399","slug":"121518976754-auraiya-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"भागवत सुनने से चेतना के उच्चतम स्तर पर पहुंच जाता है जीव","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
भागवत सुनने से चेतना के उच्चतम स्तर पर पहुंच जाता है जीव
Updated Sun, 18 Feb 2018 11:29 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
उरई। गल्ला व्यापार सेवा समिति के तत्वावधान में श्री राधाकृष्ण मंदिर गल्लामंडी में चल रहे विष्णु महायज्ञ मे रविवार को यज्ञाचार्य ने मंत्रोच्चारण के साथ हवन कराया। भागवताचार्य ने राजा परीक्षित के जन्म की कथा सुनाई। रासलीला में पूतना वध लीला मंचन किया।
श्री विष्णु महायज्ञ के तीसरे दिन कथा व्यास संजीव कृष्ण ठाकुर ने कहा कि भागवत के श्रवण से जीव शव से शिव बन जाता है। दुत्कार से सत्कार तक पहुंच जाता है। चेतना के उच्चतम स्तर पर पहुंच जाता है। भागवत कथा का श्रोता हर परिस्थिति में जीना सीख जाता है। महाभारत की चर्चा करते हुए कथा व्यास ने कहा कि हमें इतिहास को जरूर याद रखना चाहिए। हमारे पूर्वजों ने अच्छे कर्म किए हैं। उनके चरित्रों का श्रवण करने का यही उद्देश्य है कि श्रेष्ठ और पवित्र कर्म हमारे आचरण में भी उतर जाएं। हमें कभी भी कठोर वचनों का प्रयोग नहीं करना चाहिए। ज्यादा बोलने से व्यक्ति का पतन जल्दी होता है। अकारण न बोलकर हमें धर्म के लिए, समाज के लिए, भ्रष्टाचार मुक्ति के लिए बोलना चाहिए।
बालक राम बनारस, अखिलेश्वरी देवी गुरसरांय, महावीरदास पारीछा, आलोक मिश्रा कानपुर ने प्रवचन किए। यज्ञ की व्यवस्थाएं गल्ला व्यापार समिति के अनिल गुप्ता, पम्मी सेठ, मुकेश दीबौलिया, राजीव माहेश्वरी, शिवकुमार निगोतिया, आकाश विश्नोई आदि पदाधिकारियों ने संभाली।
विज्ञापन
-श्री राधाकृष्ण मंदिर में विष्णु महायज्ञ का तीसरा दिन
विज्ञापन
उरई। गल्ला व्यापार सेवा समिति के तत्वावधान में श्री राधाकृष्ण मंदिर गल्लामंडी में चल रहे विष्णु महायज्ञ मे रविवार को यज्ञाचार्य ने मंत्रोच्चारण के साथ हवन कराया। भागवताचार्य ने राजा परीक्षित के जन्म की कथा सुनाई। रासलीला में पूतना वध लीला मंचन किया।
श्री विष्णु महायज्ञ के तीसरे दिन कथा व्यास संजीव कृष्ण ठाकुर ने कहा कि भागवत के श्रवण से जीव शव से शिव बन जाता है। दुत्कार से सत्कार तक पहुंच जाता है। चेतना के उच्चतम स्तर पर पहुंच जाता है। भागवत कथा का श्रोता हर परिस्थिति में जीना सीख जाता है। महाभारत की चर्चा करते हुए कथा व्यास ने कहा कि हमें इतिहास को जरूर याद रखना चाहिए। हमारे पूर्वजों ने अच्छे कर्म किए हैं। उनके चरित्रों का श्रवण करने का यही उद्देश्य है कि श्रेष्ठ और पवित्र कर्म हमारे आचरण में भी उतर जाएं। हमें कभी भी कठोर वचनों का प्रयोग नहीं करना चाहिए। ज्यादा बोलने से व्यक्ति का पतन जल्दी होता है। अकारण न बोलकर हमें धर्म के लिए, समाज के लिए, भ्रष्टाचार मुक्ति के लिए बोलना चाहिए।
विज्ञापन
बालक राम बनारस, अखिलेश्वरी देवी गुरसरांय, महावीरदास पारीछा, आलोक मिश्रा कानपुर ने प्रवचन किए। यज्ञ की व्यवस्थाएं गल्ला व्यापार समिति के अनिल गुप्ता, पम्मी सेठ, मुकेश दीबौलिया, राजीव माहेश्वरी, शिवकुमार निगोतिया, आकाश विश्नोई आदि पदाधिकारियों ने संभाली।
विज्ञापन
-श्री राधाकृष्ण मंदिर में विष्णु महायज्ञ का तीसरा दिन