{"_id":"5a4bd1d44f1c1b10788b623b","slug":"121514918356-auraiya-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"समाधान दिवस पर अन्ना मवेशियों का धावा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
समाधान दिवस पर अन्ना मवेशियों का धावा
Updated Wed, 03 Jan 2018 12:09 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
माधौगढ़। अन्ना जानवरों से परेशान किसानों का गुस्सा एक बार फिर फूटा। मंगलवार को गुस्साए किसानों ने तहसील में चल रहे समाधान दिवस के दौरान ही अन्ना जानवरों का हुजूम छोड़ दिया। इससे तहसील परिसर में अफरा तफरी मच गई। फरियादियों की समस्याएं सुन रहे विधायक, जिलाधिकारी, एसपी को घेरकर किसानों ने अन्ना जानवरों पर रोष जताया। अन्ना मवेशियों से निजात दिलाने की मांग सरकार और प्रशासन से की। इस दौरान किसानों और पुलिस के बीच धक्का मुक्की भी हुई। बता दें कि दो दिन पहले भी किसानों ने विधायकों का घेराव कर अन्ना जानवरों की समस्या उठाई थी।
मंगलवार दोपहर एक बजे के आसपास जब तहसील परिसर में आयोजित समाधान दिवस पर डीएम मन्नान अख्तर और एसपी अमरेंद्र सिंह के साथ क्षेत्रीय विधायक मूलचंद्र निरंजन फरियादियों की समस्याएं सुन रहे थे। विधायक जैसे ही समाधान दिवस के निकलकर तहसील गेट पर पहुंचे तभी उन्हें डिकौली, हरौली, सिहारी, कैलोर, विरिया, सुलतानपुरा, धमना, रुद्रपुरा, रामहेतपुरा के आदि गांवों के दर्जनों किसानों ने घेर लिया और अन्ना जानवरों की समस्या बताने लगे।
इस पर विधायक किसानों को लेकर अधिकारियों के पास लौटे, तब तक कुछ किसान अपने साथ अन्ना जानवरों का हुजूम लेकर तहसील परिसर में आ घुसे। इन किसानों ने जानवरों को भीतर करने के बाद तहसील का मुख्य गेट भी बंद कर दिया। अन्ना जानवरों के इधर- उधर दौड़ने से तहसील परिसर में अफरा तफरी मच गई। जो लोग परिसर में खड़े होकर सुनवाई के का इंतजार कर रहे थे, उनमें भगदड़ मच गई।
विज्ञापन
जानवरों की भागदौड़ से कई दोपहिया वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गए। कुछ ही पलों में परिसर की भीड़ तहसील की छत पर नजर आने लगी। अभी अन्ना मवेशियों का हंगामा चल ही रहा था कि कई किसान समस्याएं सुन रहे अधिकारियों के सामने जा पहुंचे। किसानों ने अधिकारियों के सामने अन्ना जानवरों की समस्या बतानी शुरू कीं। कहा कि जानवरों उनकी फसलों को बर्बाद कर रहे हैं।
फसलों को बचाने के लिए उन्हें सर्दी की रातें खेतों में गुजारनी पड़ रही है। प्राकृतिक आपदा तो बस में नहीं है, लेकिन इन अन्ना मवेशियों के लिए सरकार और प्रशासन क्यों हाथ पर हाथ धरे बैठा है। अधिकारियों से किसानों को भिड़ता देख पुलिस ने भी किसानों को तहसील से बाहर करने का प्रयास किया। इस पर दोनों के बीच धक्का मुक्की शुरू हो गई। काफी देर बाद जब डीएम ने किसानों को अन्ना मवेशियों की समस्या से निजात दिलाने का आश्वासन दिया। तब जाकर मामला शांत हुआ। इसके बाद अन्ना मवेशियों को भी बाहर किया गया।
गुस्साए किसानों ने विधायक समेत डीएम व एसपी को घेरा
तहसील परिसर में अफरातफरी, कई वाहन क्षतिग्रस्त हुए
अमर उजाला ब्यूरो
विज्ञापन
मंगलवार दोपहर एक बजे के आसपास जब तहसील परिसर में आयोजित समाधान दिवस पर डीएम मन्नान अख्तर और एसपी अमरेंद्र सिंह के साथ क्षेत्रीय विधायक मूलचंद्र निरंजन फरियादियों की समस्याएं सुन रहे थे। विधायक जैसे ही समाधान दिवस के निकलकर तहसील गेट पर पहुंचे तभी उन्हें डिकौली, हरौली, सिहारी, कैलोर, विरिया, सुलतानपुरा, धमना, रुद्रपुरा, रामहेतपुरा के आदि गांवों के दर्जनों किसानों ने घेर लिया और अन्ना जानवरों की समस्या बताने लगे।
विज्ञापन
इस पर विधायक किसानों को लेकर अधिकारियों के पास लौटे, तब तक कुछ किसान अपने साथ अन्ना जानवरों का हुजूम लेकर तहसील परिसर में आ घुसे। इन किसानों ने जानवरों को भीतर करने के बाद तहसील का मुख्य गेट भी बंद कर दिया। अन्ना जानवरों के इधर- उधर दौड़ने से तहसील परिसर में अफरा तफरी मच गई। जो लोग परिसर में खड़े होकर सुनवाई के का इंतजार कर रहे थे, उनमें भगदड़ मच गई।
विज्ञापन
जानवरों की भागदौड़ से कई दोपहिया वाहन भी क्षतिग्रस्त हो गए। कुछ ही पलों में परिसर की भीड़ तहसील की छत पर नजर आने लगी। अभी अन्ना मवेशियों का हंगामा चल ही रहा था कि कई किसान समस्याएं सुन रहे अधिकारियों के सामने जा पहुंचे। किसानों ने अधिकारियों के सामने अन्ना जानवरों की समस्या बतानी शुरू कीं। कहा कि जानवरों उनकी फसलों को बर्बाद कर रहे हैं।
फसलों को बचाने के लिए उन्हें सर्दी की रातें खेतों में गुजारनी पड़ रही है। प्राकृतिक आपदा तो बस में नहीं है, लेकिन इन अन्ना मवेशियों के लिए सरकार और प्रशासन क्यों हाथ पर हाथ धरे बैठा है। अधिकारियों से किसानों को भिड़ता देख पुलिस ने भी किसानों को तहसील से बाहर करने का प्रयास किया। इस पर दोनों के बीच धक्का मुक्की शुरू हो गई। काफी देर बाद जब डीएम ने किसानों को अन्ना मवेशियों की समस्या से निजात दिलाने का आश्वासन दिया। तब जाकर मामला शांत हुआ। इसके बाद अन्ना मवेशियों को भी बाहर किया गया।
गुस्साए किसानों ने विधायक समेत डीएम व एसपी को घेरा
तहसील परिसर में अफरातफरी, कई वाहन क्षतिग्रस्त हुए
अमर उजाला ब्यूरो