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उरई-राठ मार्ग के दिन बहुरे, भरे जा रहे गड्ढे
Updated Fri, 03 Aug 2018 11:57 PM IST
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मुहम्मदाबाद। दो साल बाद आखिरकार गड्ढों से पटे उरई-राठ मार्ग के दिन बहुर गए और राहगीरों को राहत देने के लिए मलबा डालने का काम शुरू हो गया। गुरुवार को ही पीडब्ल्यूडी की टीम ने मार्ग का निरीक्षण किया था और शुक्रवार से ही गड्ढों को पाटने का काम शुरू हो गया। इलाकाई लोगों ने मलबा पड़ने से ही राहत महसूस की है। अधिशाषी अभियंता अनिल कुमार का कहना है कि बारिश के बाद सड़क निर्माण के रुके कार्य को चालू कराने का प्रयास किया जाएगा।
बता दें कि दो साल पहले उरई से मुहाना के बीच 22 किलोमीटर सड़क का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। जो कि सपा सरकार के जाने के बाद रुक गया था। इसके बाद से ही 12 किमी तक की सड़क पर खतरनाक गड्ढे हो गए थे। जिन पर बारिश के दिनों में चलना खतरे से खाली नहीं था।
दो दिन पहले ही राठ की ओर से आ रही प्राइवेट बस गड्ढों के कारण पलट गई थी। जिसमें 13 यात्री घायल हो गए थे। सड़क की समस्या को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसका असर यह रहा कि बस हादसे के दूसरे दिन यानी गुरुवार को पीडब्ल्यूडी अधिकारियों की टीम ने उरई-राठ मार्ग का निरीक्षण किया।
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इसके बाद मार्ग पर हो गए गड्ढों को भरवाना शुरू किया। शुक्रवार को गड्ढों पर मलबा पड़ता देख इलाकाई लोगों ने अमर उजाला के साथ पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को भी धन्यवाद दिया।
दूर हुई दिक्कत, खत्म हुआ डर
उरई निवासी शिक्षिका सरोज अग्रवाल का कहना है कि उन्हें रोजाना इस मार्ग पर स्थित मुहम्मदाबाद विद्यालय पढ़ाने जाना पड़ता था। काफी दिक्कत होती थी और डर भी लगता था। गड्ढे भरने से रास्ता कुछ तो आसान हो जाएगा।
न जाने कितने होते हादसे
मुहम्मदाबाद निवासी जावेद अख्तर का कहना है कि यदि मलबा न पड़ता तो बरसात भर में न जाने कितने हादसे होते। पूरी सड़क और बन जाए तो मुसीबत ही खत्म हो जाए। स्कूली बच्चों और नौकरीपेशा लोगों को राहत मिली है। अब इस रास्ते पर ओवर लोड वाहनों पर भी प्रतिबंध लगना चाहिए।
अमर उजाला में खबर छपने के बाद बाद गड्ढों में डाला गया मलबा
अमर उजाला ब्यूरो
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बता दें कि दो साल पहले उरई से मुहाना के बीच 22 किलोमीटर सड़क का निर्माण कार्य शुरू हुआ था। जो कि सपा सरकार के जाने के बाद रुक गया था। इसके बाद से ही 12 किमी तक की सड़क पर खतरनाक गड्ढे हो गए थे। जिन पर बारिश के दिनों में चलना खतरे से खाली नहीं था।
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दो दिन पहले ही राठ की ओर से आ रही प्राइवेट बस गड्ढों के कारण पलट गई थी। जिसमें 13 यात्री घायल हो गए थे। सड़क की समस्या को अमर उजाला ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था। इसका असर यह रहा कि बस हादसे के दूसरे दिन यानी गुरुवार को पीडब्ल्यूडी अधिकारियों की टीम ने उरई-राठ मार्ग का निरीक्षण किया।
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इसके बाद मार्ग पर हो गए गड्ढों को भरवाना शुरू किया। शुक्रवार को गड्ढों पर मलबा पड़ता देख इलाकाई लोगों ने अमर उजाला के साथ पीडब्ल्यूडी के अधिकारियों को भी धन्यवाद दिया।
दूर हुई दिक्कत, खत्म हुआ डर
उरई निवासी शिक्षिका सरोज अग्रवाल का कहना है कि उन्हें रोजाना इस मार्ग पर स्थित मुहम्मदाबाद विद्यालय पढ़ाने जाना पड़ता था। काफी दिक्कत होती थी और डर भी लगता था। गड्ढे भरने से रास्ता कुछ तो आसान हो जाएगा।
न जाने कितने होते हादसे
मुहम्मदाबाद निवासी जावेद अख्तर का कहना है कि यदि मलबा न पड़ता तो बरसात भर में न जाने कितने हादसे होते। पूरी सड़क और बन जाए तो मुसीबत ही खत्म हो जाए। स्कूली बच्चों और नौकरीपेशा लोगों को राहत मिली है। अब इस रास्ते पर ओवर लोड वाहनों पर भी प्रतिबंध लगना चाहिए।
अमर उजाला में खबर छपने के बाद बाद गड्ढों में डाला गया मलबा
अमर उजाला ब्यूरो