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कम वसूली पर जिलाधिकारी ने लगाई अधीनस्थों की फटकार
Updated Mon, 05 Nov 2018 11:33 PM IST
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उरई। जिलाधिकारी डॉ. मन्नान अख्तर की अध्यक्षता में कलक्ट्रेट सभागार में अक्तूबर माह की राजस्व वसूली एवं निस्तारित वादों की समीक्षा की गई। डीएम ने समीक्षा के दौरान कम वसूली पर जिम्मेदार विभागों के अधिकारियों को फटकार लगाई और जल्द से जल्द लक्ष्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
उन्होंने कहा कि वसूली लक्ष्य को हर हालत में शत प्रतिशत पूर्ण करना है, इसलिए अधिकारी वसूली में लक्ष्य में विशेष रुचि लेकर लक्ष्य पूरा करें। समीक्षा के दौरान सर्वप्रथम उन्होंने व्यापार कर, स्टांप, रजिस्ट्रेशन आदि की समीक्षा की। इन विभागों का वसूली लक्ष्य संतोषजनक पाया गया।
इसके बाद उन्होंने वन विभाग, लौह, खनिज, मंडी समितियों, नगर पालिकाओ आदि की समीक्षा की, इसमें लक्ष्य के सापेक्ष वसूली काफी कम पाई गई। इस पर उन्होंने संबधित विभाग के अधिकारियों की कड़ी फटकार लगाते हुए जल्द से जल्द लक्ष्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
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इसके बाद उन्होंने वादों के निस्तारण की समीक्षा की। उन्होंने पांच वर्ष या उससे पुराने वादों के बारे में जानकारी लेते हुए कहा कि इन लंबित वादों को शीघ्र से शीघ्र निस्तारित किए जाए। बैठक के दौरान आईजीआरएस एवं मुख्यमंत्री संबंधित हेल्पलाइन के लंबित प्रकरण की भी समीक्षा की।
समीक्षा के दौरान तहसीलों में लंबित प्रकरण पाए जाने पर उसे तुरंत निस्तारित किए जाने के निर्देश दिए। ईडीएम पुष्पेंद्र सिंह ने आईजीआरएस एवं मुख्यमंत्री हेल्पलाईन के ऑनलाइन निस्तारित किए जाने के बारे में जानकारी दी। इस पर डीएम ने कहा कि जब तक शिकायतों का निस्तारण न हो जाए तब तक अधिकारी शिकायतकर्ता से फोन से बात जरूर करते रहें और पता करे कि वह संतुष्ट हैं कि नहीं।
जिलाधिकारी ने सभी तहसीलों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे गौशाला चलाने हेतु गांवों में समिति बना लें, जिससे छोटे छोटे गौशाला का निर्माण कराया जा सके। इस दौरान अपर जिलाधिकारी प्रमिल कुमार सिंह, सीटी मजिस्ट्रेट जेपी सिंह, अतिरिक्त मजिस्ट्रेट अशोक कुमार आदि अधिकारी उपस्थित रहे।
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उन्होंने कहा कि वसूली लक्ष्य को हर हालत में शत प्रतिशत पूर्ण करना है, इसलिए अधिकारी वसूली में लक्ष्य में विशेष रुचि लेकर लक्ष्य पूरा करें। समीक्षा के दौरान सर्वप्रथम उन्होंने व्यापार कर, स्टांप, रजिस्ट्रेशन आदि की समीक्षा की। इन विभागों का वसूली लक्ष्य संतोषजनक पाया गया।
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इसके बाद उन्होंने वन विभाग, लौह, खनिज, मंडी समितियों, नगर पालिकाओ आदि की समीक्षा की, इसमें लक्ष्य के सापेक्ष वसूली काफी कम पाई गई। इस पर उन्होंने संबधित विभाग के अधिकारियों की कड़ी फटकार लगाते हुए जल्द से जल्द लक्ष्य पूर्ण करने के निर्देश दिए।
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इसके बाद उन्होंने वादों के निस्तारण की समीक्षा की। उन्होंने पांच वर्ष या उससे पुराने वादों के बारे में जानकारी लेते हुए कहा कि इन लंबित वादों को शीघ्र से शीघ्र निस्तारित किए जाए। बैठक के दौरान आईजीआरएस एवं मुख्यमंत्री संबंधित हेल्पलाइन के लंबित प्रकरण की भी समीक्षा की।
समीक्षा के दौरान तहसीलों में लंबित प्रकरण पाए जाने पर उसे तुरंत निस्तारित किए जाने के निर्देश दिए। ईडीएम पुष्पेंद्र सिंह ने आईजीआरएस एवं मुख्यमंत्री हेल्पलाईन के ऑनलाइन निस्तारित किए जाने के बारे में जानकारी दी। इस पर डीएम ने कहा कि जब तक शिकायतों का निस्तारण न हो जाए तब तक अधिकारी शिकायतकर्ता से फोन से बात जरूर करते रहें और पता करे कि वह संतुष्ट हैं कि नहीं।
जिलाधिकारी ने सभी तहसीलों के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे गौशाला चलाने हेतु गांवों में समिति बना लें, जिससे छोटे छोटे गौशाला का निर्माण कराया जा सके। इस दौरान अपर जिलाधिकारी प्रमिल कुमार सिंह, सीटी मजिस्ट्रेट जेपी सिंह, अतिरिक्त मजिस्ट्रेट अशोक कुमार आदि अधिकारी उपस्थित रहे।