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गल्ला मंडी में भीगा अनाज, लाखों का नुकसान
Updated Tue, 31 Jul 2018 12:13 AM IST
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उरई। लगातार हो रही बारिश के कारण राठ रोड स्थित गल्ला मंडी में भी जबरदस्त जलभराव हो गया। इससे लाखों का अनाज भीगकर खराब हो गया। सोमवार की सुबह जब गल्ला व्यापारी मंडी पहुंचे तो चारों ओर पानी ही पानी देखकर उनका पारा चढ़ गया। गेहूं, लाही, तिल, मसूर व चना आदि की बोरियां पानी में भीगी हुईं थीं। इस पर मंडी में व्यापारी एकत्र हुए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। व्यापारियों का कहना है कि लगभग 50 लाख का नुकसान हुआ है।
व्यापारी राकेश बरेड़ा, देवीदीन, गुड्डू आटा, राम प्रकाश खरका, हरीशंकर रावत, नरेंद्र, राजू दुबे रिनिया, गोविंद दास आदि का कहना है कि मंडी में जलनिकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। जहां कहीं नालियां हैं तो वहां लोगों ंने अवैध कब्जे कर उन्हें पाट रखा है। जिससे मंडी में व्यापारियों को लाखों के नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। सुबह से पानी भरा हुआ है और कोई अधिकारी झांकने तक नहीं आया है।
मंडी के भीतर ही नहीं बाहर भी चारों ओर जलभराव है। जिससे तमाम ट्रक भी जहां के तहां फंसे खड़े हैं। गल्ला मंडी के अलावा शहर के उमरारखेड़ा, शांतिनगर, राजेंद्र नगर, बजरिया, तुफैलपुरना और रामनगर इलाकों में जलभराव के कारण सुबह तक लोग घरों में कैद रहे।
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इन इलाकों के अधिकांश स्कूल भी बारिश के कारण बंद रहे। बाजारों में दुकानों के भीतर तक पानी भरा रहा। बलदाऊ चौक, घंटाघर और स्टेशन रोड पर सुबह दुकानें खुलीं तो दुकानदार पहले भीतर भरे पानी को ही बाहर निकालने में जुटे नजर आए। जिला परिषद और राजमार्ग पर भी जलभराव का नजारा दिखाई दिया।
व्यापारियों ने जलनिकासी न होने पर की नारेबाजी
अमर उजाला ब्यूरो
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व्यापारी राकेश बरेड़ा, देवीदीन, गुड्डू आटा, राम प्रकाश खरका, हरीशंकर रावत, नरेंद्र, राजू दुबे रिनिया, गोविंद दास आदि का कहना है कि मंडी में जलनिकासी की कोई व्यवस्था नहीं है। जहां कहीं नालियां हैं तो वहां लोगों ंने अवैध कब्जे कर उन्हें पाट रखा है। जिससे मंडी में व्यापारियों को लाखों के नुकसान का सामना करना पड़ रहा है। सुबह से पानी भरा हुआ है और कोई अधिकारी झांकने तक नहीं आया है।
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मंडी के भीतर ही नहीं बाहर भी चारों ओर जलभराव है। जिससे तमाम ट्रक भी जहां के तहां फंसे खड़े हैं। गल्ला मंडी के अलावा शहर के उमरारखेड़ा, शांतिनगर, राजेंद्र नगर, बजरिया, तुफैलपुरना और रामनगर इलाकों में जलभराव के कारण सुबह तक लोग घरों में कैद रहे।
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इन इलाकों के अधिकांश स्कूल भी बारिश के कारण बंद रहे। बाजारों में दुकानों के भीतर तक पानी भरा रहा। बलदाऊ चौक, घंटाघर और स्टेशन रोड पर सुबह दुकानें खुलीं तो दुकानदार पहले भीतर भरे पानी को ही बाहर निकालने में जुटे नजर आए। जिला परिषद और राजमार्ग पर भी जलभराव का नजारा दिखाई दिया।
व्यापारियों ने जलनिकासी न होने पर की नारेबाजी
अमर उजाला ब्यूरो