{"_id":"5a81cc734f1c1b8e238b80b7","slug":"101518455923-auraiya-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"सात ग्राम पंचायत के खातों के संचालन की रोक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सात ग्राम पंचायत के खातों के संचालन की रोक
Updated Mon, 12 Feb 2018 10:52 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला ब्यूरो
औरैया। जिले की दस बड़ी ग्राम पंचायतों में तीन वर्षों में कराए गए विकास कार्यों की जांच का मामला लटका पड़ा है। दस ग्राम पंचायत में खानपुर, सहायल व हरचंदपुर ने ही अभिलेख उपलब्ध कराए हैं। शेष ग्राम पंचायत द्वारा अभिलेख उपलब्ध कराने में की जा रही हीला-हवाली पर डीपीआरओ ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। इन पंचायतों के खाता संचालन पर रोक लगाते हुए एक सप्ताह का नोटिस दिया है।
शासन ने प्रदेश के सभी जिलों में दस बड़ी पंचायतों में पिछले तीन वर्षों में कराए गए विकास कार्यों की जांच मंडल स्तरीय जांच कमेटी के लिए टास्क फोर्स का गठन किया था। टीम के द्वारा स्थलीय निरीक्षण कर रिपोर्ट शासन को भेजने के निर्देश दिए गए थे। इस पर डीएम के निर्देश पर डीपीआरओ केके अवस्थी ने 23 दिसंबर को संबंधित ग्राम पंचायतों को पत्र भेजकर अभिलेख डीपीआरओ कार्यालय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे, लगभग दो माह का समय बीतने के बावजूद अभी तक खानपुर, सहायल, हरचंदपुर ने ही अभिलेख डीपीआरओ कार्यालय पर जमा कराए हैं। जबकि जिले की वैशाली, बेला, बरौनाकला, सेहूंद, रठगांव, रुरुखुर्द ग्राम पंचायत के अभिलेख उपलब्ध नहीं हो सके हैं। इस मामले को डीपीआरओ ने गंभीरता से लेते हुए सात ग्राम पंचायतों के खातों के संचालन पर रोक लगा दी है। तथा इन ग्राम पंचायत के सचिवों को एक सप्ताह के अंदर अभिलेख उपलब्ध कराने के निर्देश हैं। साथ ही निर्धारित समयावधि में अभिलेख उपलब्ध न कराने वाले सचिव व प्रधान से नियमानुसार रिकवरी की कार्रवाई की जाएगी।
- सात ग्राम पंचायत के खातों के संचालन पर रोक
- दस ग्राम पंचायत के जांच का मामला लटका
- दस में तीन ग्राम पंचायत ने अभिलेख उपलब्ध कराए
विज्ञापन
औरैया। जिले की दस बड़ी ग्राम पंचायतों में तीन वर्षों में कराए गए विकास कार्यों की जांच का मामला लटका पड़ा है। दस ग्राम पंचायत में खानपुर, सहायल व हरचंदपुर ने ही अभिलेख उपलब्ध कराए हैं। शेष ग्राम पंचायत द्वारा अभिलेख उपलब्ध कराने में की जा रही हीला-हवाली पर डीपीआरओ ने कड़ा रुख अख्तियार किया है। इन पंचायतों के खाता संचालन पर रोक लगाते हुए एक सप्ताह का नोटिस दिया है।
शासन ने प्रदेश के सभी जिलों में दस बड़ी पंचायतों में पिछले तीन वर्षों में कराए गए विकास कार्यों की जांच मंडल स्तरीय जांच कमेटी के लिए टास्क फोर्स का गठन किया था। टीम के द्वारा स्थलीय निरीक्षण कर रिपोर्ट शासन को भेजने के निर्देश दिए गए थे। इस पर डीएम के निर्देश पर डीपीआरओ केके अवस्थी ने 23 दिसंबर को संबंधित ग्राम पंचायतों को पत्र भेजकर अभिलेख डीपीआरओ कार्यालय पर उपलब्ध कराने के निर्देश दिए थे, लगभग दो माह का समय बीतने के बावजूद अभी तक खानपुर, सहायल, हरचंदपुर ने ही अभिलेख डीपीआरओ कार्यालय पर जमा कराए हैं। जबकि जिले की वैशाली, बेला, बरौनाकला, सेहूंद, रठगांव, रुरुखुर्द ग्राम पंचायत के अभिलेख उपलब्ध नहीं हो सके हैं। इस मामले को डीपीआरओ ने गंभीरता से लेते हुए सात ग्राम पंचायतों के खातों के संचालन पर रोक लगा दी है। तथा इन ग्राम पंचायत के सचिवों को एक सप्ताह के अंदर अभिलेख उपलब्ध कराने के निर्देश हैं। साथ ही निर्धारित समयावधि में अभिलेख उपलब्ध न कराने वाले सचिव व प्रधान से नियमानुसार रिकवरी की कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
- सात ग्राम पंचायत के खातों के संचालन पर रोक
- दस ग्राम पंचायत के जांच का मामला लटका
- दस में तीन ग्राम पंचायत ने अभिलेख उपलब्ध कराए