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पति की मौत के आठ साल बाद फंदे पर लटकता मिला पत्नी का शव
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देहात थाना क्षेत्र के मानकजुड़ी गांव में पति द्वारा आत्महत्या के आठ साल बाद पत्नी ने भी फंदे पर लटककर जान दे दी। महिला का शव फंदे पर लटका देख परिजनों में कोहराम मच गया। महिला की मौत की सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
परिजनों और पुलिस के मुताबिक मानकजुड़ी गांव में स्व. गुड्डू सिंह का परिवार रहता है। आठ वर्ष पूर्व गुड्डू ने फंदे पर लटककर आत्महत्या कर ली थी। उनकी मौत के बाद परिवार में उनकी सुनीता के अलावा एक बेटी और एक बेटा हैं। सुनीता सास कलावती के पास बच्चों के संग रहती थी।
शुक्रवार रात दोनों बच्चे अपनी दादी के पास छत पर सो रहे थे, जबकि सुनीता (37) नीचे कमरे में सो रही थी। शनिवार सुबह जब बच्चे छत से उतर कर नीचे आए तो देखा उनकी मां सुनीता का शव पंखे के हुक के सहारे फंदे पर लटका था। इसके बाद बच्चे दहाड़ मारकर रोने लगे। बाद में मौके पर पहुंची सास कलावती भी दृश्य को देख बेहोश हो गईं। परिवार के सदस्यों की चीख पुकार सुनकर ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। इस दौरान मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच-पड़ताल के बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थानाध्यक्ष बृजेश सिंह ने बताया कि जांच के दौरान प्रथम दृष्टया सामने आया है कि सुनीता ने फंदे पर लटक कर आत्महत्या की है। उसके पति ने आठ वर्ष पूर्व इसी तरह से फंदे पर लटकर कर आत्महत्या किए थे। वैसे भी पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी।
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पिता के बाद मां की मौत, बच्चों को है अब सिर्फ दादी का सहारा
कैलसा। आठ साल में मां-बाप की मौत से बच्चे बेसहारा हो गए हैं, उन्हें न तो पिता के आत्महत्या के कारण की जानकारी हुई और न ही मां के आत्मघाती कदम उठाने के बारे में कोई जानकारी है। दोनों बच्चों के सिर से माता-पिता का साया उठ गया है। ऐसे में अब उनके सिर पर सिर्फ दादी का सहारा है। दादी के सहारे बच्चों को खुद को खड़ा भी करना है। दूसरी तरफ दादी कलावती दोनों बच्चों की परवरिश को लेकर चिंतित दिखीं। उन्होंने कहा कि इस उम्र में खुद उन्हें बेटा, बहू और पोते पोतियों के सहारे की जरूरत है तो ऐसे में वाह कैसे इन जिम्मेदारी का निर्वहन कर सकेंगी। संवाद
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परिजनों और पुलिस के मुताबिक मानकजुड़ी गांव में स्व. गुड्डू सिंह का परिवार रहता है। आठ वर्ष पूर्व गुड्डू ने फंदे पर लटककर आत्महत्या कर ली थी। उनकी मौत के बाद परिवार में उनकी सुनीता के अलावा एक बेटी और एक बेटा हैं। सुनीता सास कलावती के पास बच्चों के संग रहती थी।
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शुक्रवार रात दोनों बच्चे अपनी दादी के पास छत पर सो रहे थे, जबकि सुनीता (37) नीचे कमरे में सो रही थी। शनिवार सुबह जब बच्चे छत से उतर कर नीचे आए तो देखा उनकी मां सुनीता का शव पंखे के हुक के सहारे फंदे पर लटका था। इसके बाद बच्चे दहाड़ मारकर रोने लगे। बाद में मौके पर पहुंची सास कलावती भी दृश्य को देख बेहोश हो गईं। परिवार के सदस्यों की चीख पुकार सुनकर ग्रामीणों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। इस दौरान मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच-पड़ताल के बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थानाध्यक्ष बृजेश सिंह ने बताया कि जांच के दौरान प्रथम दृष्टया सामने आया है कि सुनीता ने फंदे पर लटक कर आत्महत्या की है। उसके पति ने आठ वर्ष पूर्व इसी तरह से फंदे पर लटकर कर आत्महत्या किए थे। वैसे भी पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर पुलिस आगे की कार्रवाई करेगी।
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पिता के बाद मां की मौत, बच्चों को है अब सिर्फ दादी का सहारा
कैलसा। आठ साल में मां-बाप की मौत से बच्चे बेसहारा हो गए हैं, उन्हें न तो पिता के आत्महत्या के कारण की जानकारी हुई और न ही मां के आत्मघाती कदम उठाने के बारे में कोई जानकारी है। दोनों बच्चों के सिर से माता-पिता का साया उठ गया है। ऐसे में अब उनके सिर पर सिर्फ दादी का सहारा है। दादी के सहारे बच्चों को खुद को खड़ा भी करना है। दूसरी तरफ दादी कलावती दोनों बच्चों की परवरिश को लेकर चिंतित दिखीं। उन्होंने कहा कि इस उम्र में खुद उन्हें बेटा, बहू और पोते पोतियों के सहारे की जरूरत है तो ऐसे में वाह कैसे इन जिम्मेदारी का निर्वहन कर सकेंगी। संवाद