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बारिश से फसलों के साथ किसानों के अरमानों पर फिरा पानी
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हसनपुर क्षेत्र में बारिश से तबाह धान की फसल।
- फोटो : HASANPUR
हसनपुर। बेमौसम बारिश ने फसलों के साथ किसानों के अरमानों पर पानी फेर दिया। खेतों में भरा पानी तीन दिन बाद भी नहीं सूखा है। जमीन पर पड़े धान से पौधे जमने लगे हैं। बात यहां तक रुकती तो ठीक थी, लेकिन बिजनौर बैराज से पानी छूटने के बाद गंगा उफान पर है। खाद क्षेत्र में बाढ़ के हालात बने हुए हैं। खेतों में खड़ी फसल बर्बाद होने की कगार पर पहुंच गई है। धान, उड़द, आलू, सरसों और सब्जी की फसल गल गई हैं। बारिश से न केवल फसल ही बर्बाद हुई है, बल्कि कई किसानों के अरमानों पर पानी फिर गया है। इस बार फसल के अच्छे दाम मिलने की उम्मीद लगाए बैठे किसानों के सारे सपने टूट गए। किसी को बेटी की शादी करनी थी तो किसी को कर्ज चुकाना था। अब उन्हें सरकार से मिलने वाले औने-पौने मुआवजे से ही संतोष करना पडे़गा। इस बार किसानों की दीवाली का त्योहार भी फीका ही रह जाएगा।
रविवार व सोमवार को हुई बेमौसम बरसात की मार क्षेत्र में धान की फसल पर पड़ी है। खेत में कटी हुई पड़ी धान की फसल खराब हो रही है। सबसे ज्यादा नुकसान कटे हुए धान को हुआ है। बरसात इतनी ज्यादा हुई कि खेतों में पानी भर गया है। जो अभी तक खेतों से नहीं निकल पाया है। पिछले कई दिनों से किसान धान की फसल की कटाई कर रहे थे। इसके चलते भारी मात्रा में धान मंडी पहुंच रहा था। किसान भी किसी तरह धान की कटाई करके उन्हें बेचने के लिए लगे हुए थे, लेकिन बेमौसम हुई बरसात ने सब कुछ बर्बाद कर दिया। किसानों का कहना है कि बर्बाद हुई फसलों का मुआवजा जल्द से जल्द मिलना चाहिए। यदि मुआवजा नहीं मिलता है तो नुकसान की भरपाई नहीं हो पाएगी। दिवाली का त्योहार भी फीका रह जाएगा।
वहीं, कृषि अधिकारियों का कहना है कि हसनपुर तहसील क्षेत्र में बेमौसम हुई बरसात से करीब एक हजार हेक्टेयर से अधिक भूमि पर खड़ी धान की फसल को नुकसान हुआ है। इसके अलावा करीब 200 हेक्टेयर भूमि पर लगाई गई आलू की फसल को भारी नुकसान हुआ है। इसका सर्वे करा लिया गया है। जिन किसानों ने योजना के तहत फसलों का बीमा करा रखा है। उन्हें बीमा के तहत मुआवजा दिया जाएगा और जिन किसानों ने बीमा नहीं करा रखा है। उन किसानों को दैवी आपदा के तहत प्रशासन की ओर से आर्थिक मदद देने की कोशिश की जाएगी।
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बेमौसम हुई बरसात से सरसों की फसल नष्ट हो गई है। अब दोबारा ही सरसों की फसल की बुवाई की जाएगी। फसल बेचकर फसल बेचकर बिजली का बिल जमा करने की तैयारी थी। लेकिन ज्यादा नुकसान होने पर अब समझ नहीं आ रहा कि बिजली का बिल कैसे जमा किया जाए।
- सतीश कुमार किसान, गांव सुतारी
बयान:
बेमौसम हुई बरसात से धान की फसल को अधिक नुकसान हुआ है। धान की फसल से लोगों को
ज्यादा उम्मीद थी। गन्ने का बकाया भुगतान मिल नहीं पाया है। धान बेचकर होली का त्योहार खुशी से मनाने की तैयारी थी, लेकिन अब होली कैसे मनेगी।
- शशि गुर्जर, किसान शहवाजपुर
अधिकारी का बयान:
बेमौसम हुई बरसात से किसानों की धान एवं आलू की फसल को नुकसान हुआ है। तहसील क्षेत्र में प्रभावित धान एवं आलू की फसल का सर्वे करा लिया गया है। जिसकी रिपोर्ट जिलाधिकारी स्तर पर सौंप दी गई है। जल्द ही फसलों का मुआवजा दिया जाएगा।
- विजय वीर सिंह, कृषि रक्षा अधिकारी हसनपुर
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रविवार व सोमवार को हुई बेमौसम बरसात की मार क्षेत्र में धान की फसल पर पड़ी है। खेत में कटी हुई पड़ी धान की फसल खराब हो रही है। सबसे ज्यादा नुकसान कटे हुए धान को हुआ है। बरसात इतनी ज्यादा हुई कि खेतों में पानी भर गया है। जो अभी तक खेतों से नहीं निकल पाया है। पिछले कई दिनों से किसान धान की फसल की कटाई कर रहे थे। इसके चलते भारी मात्रा में धान मंडी पहुंच रहा था। किसान भी किसी तरह धान की कटाई करके उन्हें बेचने के लिए लगे हुए थे, लेकिन बेमौसम हुई बरसात ने सब कुछ बर्बाद कर दिया। किसानों का कहना है कि बर्बाद हुई फसलों का मुआवजा जल्द से जल्द मिलना चाहिए। यदि मुआवजा नहीं मिलता है तो नुकसान की भरपाई नहीं हो पाएगी। दिवाली का त्योहार भी फीका रह जाएगा।
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वहीं, कृषि अधिकारियों का कहना है कि हसनपुर तहसील क्षेत्र में बेमौसम हुई बरसात से करीब एक हजार हेक्टेयर से अधिक भूमि पर खड़ी धान की फसल को नुकसान हुआ है। इसके अलावा करीब 200 हेक्टेयर भूमि पर लगाई गई आलू की फसल को भारी नुकसान हुआ है। इसका सर्वे करा लिया गया है। जिन किसानों ने योजना के तहत फसलों का बीमा करा रखा है। उन्हें बीमा के तहत मुआवजा दिया जाएगा और जिन किसानों ने बीमा नहीं करा रखा है। उन किसानों को दैवी आपदा के तहत प्रशासन की ओर से आर्थिक मदद देने की कोशिश की जाएगी।
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बेमौसम हुई बरसात से सरसों की फसल नष्ट हो गई है। अब दोबारा ही सरसों की फसल की बुवाई की जाएगी। फसल बेचकर फसल बेचकर बिजली का बिल जमा करने की तैयारी थी। लेकिन ज्यादा नुकसान होने पर अब समझ नहीं आ रहा कि बिजली का बिल कैसे जमा किया जाए।
- सतीश कुमार किसान, गांव सुतारी
बयान:
बेमौसम हुई बरसात से धान की फसल को अधिक नुकसान हुआ है। धान की फसल से लोगों को
ज्यादा उम्मीद थी। गन्ने का बकाया भुगतान मिल नहीं पाया है। धान बेचकर होली का त्योहार खुशी से मनाने की तैयारी थी, लेकिन अब होली कैसे मनेगी।
- शशि गुर्जर, किसान शहवाजपुर
अधिकारी का बयान:
बेमौसम हुई बरसात से किसानों की धान एवं आलू की फसल को नुकसान हुआ है। तहसील क्षेत्र में प्रभावित धान एवं आलू की फसल का सर्वे करा लिया गया है। जिसकी रिपोर्ट जिलाधिकारी स्तर पर सौंप दी गई है। जल्द ही फसलों का मुआवजा दिया जाएगा।
- विजय वीर सिंह, कृषि रक्षा अधिकारी हसनपुर