{"_id":"64d7eaa7e09ea55014019066","slug":"water-released-from-barrage-flood-situation-again-in-khadar-jpnagar-news-c-284-1-smbd1015-2797-2023-08-13","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amroha News: बैराज से छोड़ा पानी, खादर में फिर बाढ़ के हालात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amroha News: बैराज से छोड़ा पानी, खादर में फिर बाढ़ के हालात
विज्ञापन
गजरौला (अमरोहा)।
बिजनौर बैराज से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। जिससे गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है। शनिवार को भी 1,46,754 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। जिससे तिगरी में गंगा का जल स्तर 201.10 मीटर हो गया, जो खतरे के निशान से 90 सेंटीमीटर दूर है। तिगरी में खतरे का निशान 202 मीटर है। गंगा का जलस्तर बढ़ने से तिगरी में पुरोहितों, दुकानदारों की झोपड़ियों पानी की चपेट में आ गईं हैं। हालात यह हैं कि दूर तक खेतों में पानी ही पानी दिखाई दे रहा है।
शनिवार सुबह बिजनौर बैराज से 1.46 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण गंगा का जल स्तर 20 सेंटीमीटर बढ़ गया। तिगरी में गंगा का जल स्तर 201.10 मीटर दर्ज किया गया, जबकि शुक्रवार को 200.90 मीटर था। 20 सेंटीमीटर जल स्तर बढ़ जाने के कारण गंगा के खादर का इलाका जल मग्न हो गया। टापू में बसे दारानगर, शीशों वाली, टीकों वाली, जाटों वाली, भुड्डी वाली आदि गांवों के खेत बाढ़ के पानी से लबालब हो गए हैं। गांवों में पानी भरने लगा है। इसके अलावा अलीनगर, चकनवाला, मुरादपुर, तिगरी, पपसरा खादर, ओसीता जगदेवपुर, कांकाठेर के ग्रामीणों के खेतों में खड़ीं फसल दोबारा जल मग्न हो गईं। ओसीता जगदवेपुर के खेतों को जाने वाले रास्ते में तीन से चार फिट पानी भरा है। खेतों में बाढ़ का पानी दोबारा पानी भरने से फसलें खराब होने लगी हैं। बाढ़ खंड के जेई सुभाष चंद्र गहलौत का कहना है कि जल स्तर बढ़ने से तिगरी में गंगा खतरे के निशान से 90 सेंटीमीटर दूर रह गई है।
श्मशान घाट जलमग्न, ब्रजघाट में किया शवों का अंतिम संस्कार
फोटो-10,11
गजरौला। गंगा में आई बाढ़ के कारण तटबंद के अंदर पूरे इलाके में पानी भरा है। कहीं भी सूखा नहीं बचा। श्मशान घाट की भूमि पर एक-एक फिट पानी भरा है। अमरोहा के मीरा सराय में वृद्ध का निधन हो जाने पर परिजन शनिवार की दोपहर अंतिम संस्कार के लिए उसका शव तिगरी में लाए थे। मगर श्मशान घाट पर पानी भरा होने के कारण शव ब्रजघाट ले गए। परिजनों ने बताया कि तिगरी में श्मशान घाट के आस पास पानी भरा हुआ था। इस कारण ब्रजघाट ले जा रहे हैं। दिन भर में पांच शवों को ब्रजघाट ले जाया गया।
विज्ञापन
विज्ञापन
बिजनौर बैराज से लगातार पानी छोड़ा जा रहा है। जिससे गंगा का जलस्तर बढ़ रहा है। शनिवार को भी 1,46,754 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया। जिससे तिगरी में गंगा का जल स्तर 201.10 मीटर हो गया, जो खतरे के निशान से 90 सेंटीमीटर दूर है। तिगरी में खतरे का निशान 202 मीटर है। गंगा का जलस्तर बढ़ने से तिगरी में पुरोहितों, दुकानदारों की झोपड़ियों पानी की चपेट में आ गईं हैं। हालात यह हैं कि दूर तक खेतों में पानी ही पानी दिखाई दे रहा है।
शनिवार सुबह बिजनौर बैराज से 1.46 लाख क्यूसेक पानी छोड़े जाने के कारण गंगा का जल स्तर 20 सेंटीमीटर बढ़ गया। तिगरी में गंगा का जल स्तर 201.10 मीटर दर्ज किया गया, जबकि शुक्रवार को 200.90 मीटर था। 20 सेंटीमीटर जल स्तर बढ़ जाने के कारण गंगा के खादर का इलाका जल मग्न हो गया। टापू में बसे दारानगर, शीशों वाली, टीकों वाली, जाटों वाली, भुड्डी वाली आदि गांवों के खेत बाढ़ के पानी से लबालब हो गए हैं। गांवों में पानी भरने लगा है। इसके अलावा अलीनगर, चकनवाला, मुरादपुर, तिगरी, पपसरा खादर, ओसीता जगदेवपुर, कांकाठेर के ग्रामीणों के खेतों में खड़ीं फसल दोबारा जल मग्न हो गईं। ओसीता जगदवेपुर के खेतों को जाने वाले रास्ते में तीन से चार फिट पानी भरा है। खेतों में बाढ़ का पानी दोबारा पानी भरने से फसलें खराब होने लगी हैं। बाढ़ खंड के जेई सुभाष चंद्र गहलौत का कहना है कि जल स्तर बढ़ने से तिगरी में गंगा खतरे के निशान से 90 सेंटीमीटर दूर रह गई है।
विज्ञापन
श्मशान घाट जलमग्न, ब्रजघाट में किया शवों का अंतिम संस्कार
फोटो-10,11
गजरौला। गंगा में आई बाढ़ के कारण तटबंद के अंदर पूरे इलाके में पानी भरा है। कहीं भी सूखा नहीं बचा। श्मशान घाट की भूमि पर एक-एक फिट पानी भरा है। अमरोहा के मीरा सराय में वृद्ध का निधन हो जाने पर परिजन शनिवार की दोपहर अंतिम संस्कार के लिए उसका शव तिगरी में लाए थे। मगर श्मशान घाट पर पानी भरा होने के कारण शव ब्रजघाट ले गए। परिजनों ने बताया कि तिगरी में श्मशान घाट के आस पास पानी भरा हुआ था। इस कारण ब्रजघाट ले जा रहे हैं। दिन भर में पांच शवों को ब्रजघाट ले जाया गया।
विज्ञापन