{"_id":"62a3ab3285c7d52d753c6ef6","slug":"ward-boy-giving-oxygen-to-the-plant-jpnagar-news-mbd431036836","type":"story","status":"publish","title_hn":"प्लांट को ‘ऑक्सीजन’ दे रहे वार्ड ब्वाय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
प्लांट को ‘ऑक्सीजन’ दे रहे वार्ड ब्वाय
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कोरोना की दूसरी लहर में ऑक्सीजन की किल्लत को देखते हुए शासन के निर्देश पर जनपद के सरकारी अस्पतालों में सात नए ऑक्सीजन जेनरेट प्लांट स्थापित किए गए हैं, लेकिन इन प्लांटों पर ऑपरेटरों की तैनाती नहीं की गई है। हालात ये हैं कि ऑक्सीन प्लांटों को अस्पताल के जेनरेटर ऑपरेटर, इलेक्ट्रीशियन और वार्ड ब्वाय ऑक्सीजन प्लांट को चला रहे हैं।
पिछले दो साल तक कोरोना ने जमकर कहर बरपाया था। जनपद में 203 लोगों की मृत्यु हुई। जबकि सैकड़ों बच्चे, बुजुर्ग, युवाओं ने जान गंवाई। दूसरी लहर में सबसे अधिक मौत ऑक्सीजन नहीं मिलने की वजह से हुई थी। लोगों को ऑक्सीजन की किल्लत न हो इसके लिए सरकार ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ढबारसी, हसनपुर, गजरौला, जोया, बछरायूं में एक ऑक्सीजन जेनरेट प्लांट लगाया गया है। जबकि जिला अस्पताल में दो ऑक्सीजन प्लांट लगाए गए हैं। इसके अलावा पांच निजी अस्पतालों में भी प्लांट स्थापित किए गए। खास बात यह है कि सरकारी अस्पतालों में लगे प्लांट पर कर्मचारियों की तैनाती नहीं की गई है। इन ऑक्सीजन प्लांट को जेनरेटर ऑपरेटर, इलेक्ट्रीशियन और वार्ड ब्वाय आपरेट कर रहे हैं। खास बात है कि ये कर्मचारी प्लांट को केवल चालू और बंद करते हैं। जबकि वह किसी छोटी तकनीकी खामी को भी ठीक नहीं कर सकते हैं।
जिला अस्पताल में पीएम केयर फंड से ऑक्सीजन प्लांट लगाया है। इस प्लांट की ऑक्सीजन बनाने की क्षमता 666.7 लीटर प्रति मिनट है। प्लांट का निर्माण का कार्य लगभग पूरा हो चुका था। दो दिन बाद प्लांट का उद्घाटन होना था। इसके लिए कंपनी कर्मी ट्रायल कर रहे थे। 13 जुलाई 2021 को कंपनी कर्मियों ने ट्रायल के लिए जैसे ही बटन खोला, तभी तेज धमाके के साथ प्लांट का रिसीवर टैंक फट गया था। बॉयलर के ऊपर लगी जाली भी फट गई। इस दौरान कंपनी का एक कर्मचारी भी घायल हो गया था। सामने आया था कि टैंक में गैस अधिक एकत्र होने की वजह से हादसा हुआ था।
विज्ञापन
विज्ञापन
पिछले दो साल तक कोरोना ने जमकर कहर बरपाया था। जनपद में 203 लोगों की मृत्यु हुई। जबकि सैकड़ों बच्चे, बुजुर्ग, युवाओं ने जान गंवाई। दूसरी लहर में सबसे अधिक मौत ऑक्सीजन नहीं मिलने की वजह से हुई थी। लोगों को ऑक्सीजन की किल्लत न हो इसके लिए सरकार ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ढबारसी, हसनपुर, गजरौला, जोया, बछरायूं में एक ऑक्सीजन जेनरेट प्लांट लगाया गया है। जबकि जिला अस्पताल में दो ऑक्सीजन प्लांट लगाए गए हैं। इसके अलावा पांच निजी अस्पतालों में भी प्लांट स्थापित किए गए। खास बात यह है कि सरकारी अस्पतालों में लगे प्लांट पर कर्मचारियों की तैनाती नहीं की गई है। इन ऑक्सीजन प्लांट को जेनरेटर ऑपरेटर, इलेक्ट्रीशियन और वार्ड ब्वाय आपरेट कर रहे हैं। खास बात है कि ये कर्मचारी प्लांट को केवल चालू और बंद करते हैं। जबकि वह किसी छोटी तकनीकी खामी को भी ठीक नहीं कर सकते हैं।
विज्ञापन
जिला अस्पताल में पीएम केयर फंड से ऑक्सीजन प्लांट लगाया है। इस प्लांट की ऑक्सीजन बनाने की क्षमता 666.7 लीटर प्रति मिनट है। प्लांट का निर्माण का कार्य लगभग पूरा हो चुका था। दो दिन बाद प्लांट का उद्घाटन होना था। इसके लिए कंपनी कर्मी ट्रायल कर रहे थे। 13 जुलाई 2021 को कंपनी कर्मियों ने ट्रायल के लिए जैसे ही बटन खोला, तभी तेज धमाके के साथ प्लांट का रिसीवर टैंक फट गया था। बॉयलर के ऊपर लगी जाली भी फट गई। इस दौरान कंपनी का एक कर्मचारी भी घायल हो गया था। सामने आया था कि टैंक में गैस अधिक एकत्र होने की वजह से हादसा हुआ था।
विज्ञापन