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किसानों का सत्यापन शुरू, ऋणमाफी योजना का मिलेगा लाभ
ब्यूरो अमर उजाला /अमरोहा।
Updated Sat, 23 Dec 2017 02:05 AM IST
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कर्ज माफी योगी सरकार का मुख्य एजेंडा रहा है लेकिन जिले के अफसर इसमें भी खेल कर रहे हैं। शासनादेश को दरकिनार कर जिले के हजारों किसानों को कर्ज माफी से वंचित कर दिया गया। वंचित किसानों को परिवार मानते हुए दो हेक्टेयर से अधिक जमीन दिखाकर ऋण माफी का लाभ नहीं दिया गया है। अब-जब उमर उजाला ने किसान के साथ हुए खेल का मुद्दा प्रमुखता से उठाया तो अफसरों में हड़कंप मच गया। आनन-फानन में 899 किसानों की सूची जिले की चारों तहसीलों को भेजकर सत्यापन शुरू करा दिया है। अगर सत्यापन में बेईमानी नहीं हुुई तो लापरवाह अधिकारियों की गर्दन फंसनी तय है। हालांकि जिम्मेदार सत्यापन कराने के बाद ही वंचित किसानों को कर्ज माफी का लाभ दिलाने की बात कह रहे हैं।
मालूम रहे कि विधान सभा चुनाव के दौरान भजपा ने कर्ज माफी को जमकर भुनाया। सरकार बनी तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहली ही कैबिनेट की बैठक में कर्ज माफी को मंजूरी देकर लघु एवं सीमांत किसानों का एक-एक लाख रुपए तक का कर्ज माफ कर दिया। शासनादेश जारी कर ऐसे किसानों का सत्यापन कराया गया। जिले में भी हुआ। कई हजार किसानों का कर्ज माफ भी हुआ लेकिन अफसरों ने जनपद के हजारों किसानों को परिवार मानते हुए दो हेक्टेयर से अधिक जमीन दिखाकर कर्ज माफी से बाहर कर दिया। मसला मुद्दा बना तो अधिकारियों ने वंचित किसानों का दोबारा से सत्यापन शुरू कर दिया है।
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मालूम रहे कि विधान सभा चुनाव के दौरान भजपा ने कर्ज माफी को जमकर भुनाया। सरकार बनी तो मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पहली ही कैबिनेट की बैठक में कर्ज माफी को मंजूरी देकर लघु एवं सीमांत किसानों का एक-एक लाख रुपए तक का कर्ज माफ कर दिया। शासनादेश जारी कर ऐसे किसानों का सत्यापन कराया गया। जिले में भी हुआ। कई हजार किसानों का कर्ज माफ भी हुआ लेकिन अफसरों ने जनपद के हजारों किसानों को परिवार मानते हुए दो हेक्टेयर से अधिक जमीन दिखाकर कर्ज माफी से बाहर कर दिया। मसला मुद्दा बना तो अधिकारियों ने वंचित किसानों का दोबारा से सत्यापन शुरू कर दिया है।
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