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Amroha News: महिलाओं के नाम पर वाहन, दौड़ा रहे पति और बच्चे
Thu, 04 Sep 2025 02:19 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Thu, 04 Sep 2025 02:19 AM IST
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अमरोहा। जिले में महिलाओं के नाम खूब वाहन खरीदे जा रहे हैं और इन्हें सड़क पर बेटे और पति दौड़ाते नजर आ आते हैं। एआरटीओ कार्यालय के आंकड़ों के मुताबिक जनपद में महिलाओं के नाम पर करीब 64 हजार वाहन पंजीकृत हैं और सिर्फ 4580 महिलाओं के ही लाइसेंस बने हैं। महिलाएं वाहन खरीदने में तो रुचि दिखाती हैं लेकिन लाइसेंस बनवाने में उनकी रुचि नहीं दिख रही है।
जिले में हर साल पंजीकृत होने वाली लगभग 20 फीसदी गाड़ियां महिलाओं के नाम दर्ज हैं लेकिन ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वाली महिलाओं की संख्या करीब सात फीसदी ही है। हर साल करीब 25 से 30 हजार ड्राइविंग लाइसेंस बनाए जाते हैं। इनमें भारी वाहनों के ड्राइविंग लाइसेंस शामिल नहीं हैं। ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने में भी अमरोहा की महिलाएं पुरुषों के मुकाबले बहुत पीछे हैं।
एआरटीओ के रिकॉर्ड के मुताबिक 3.20 लाख वाहन पंजीकृत हैं। इसके करीब 64 हजार वाहन महिलाओं के नाम पर दर्ज है जबकि 3.20 लाख वाहन पुरुषों के नाम पर रजिस्टर्ड हैं। इसके सापेक्ष 336872 पुरुषों ने ड्राइविंग लाइसेंस बनवाया है। वहीं, 64 हजार वाहन मालिक महिलाओं में से केवल 4580 ने ही ड्राइविंग लाइसेंस बनवाया है। यह संख्या पंजीकृत वाहनों के सापेक्ष काफी कम है।
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इनकम टैक्स से बचने के लिए खरीदे जाते हैं वाहन
जिले में व्यापारी, नौकरी पेशा व्यक्ति इनकम टैक्स के रडार पर आने से बचने के लिए महिलाओं के नाम वाहन खरीदते हैं, क्योंकि अधिक संपत्ति होने पर ये शक के दायरे में आ सकते हैं। यदि महिलाओं के नाम वाहन होंगे तो यह तर्क दिया जा सकता है कि उनको यह वाहन भाई, बहन, पिता व अन्य रिश्तेदारों ने गिफ्ट में दिया है।
- महिलाओं के नाम वाहन भले ही पंजीकृत हों लेकिन उनके लाइसेंस की संख्या कम है। छात्राएं और कामकाजी महिलाएं ही लाइसेंस बनवाने पर ध्यान देती हैं। महिलाओं के नाम पर दर्ज वाहनों को भी उनके पति या बच्चे दौड़ाते हैं। - महेश शर्मा, एआरटीओ प्रवर्तनए
आरटीओ कार्यालय में पंजीकृत वाहनों की स्थिति
वाहन
संख्या
बाइक/स्कूटी
257123
मोपेड/विक्की
4606
कार
30740
ट्रैक्टर
11767
क्रेन
55
मालवाहक वाहन
5159
बस
576
स्कूली वाहन
148
एंबुलेंस
312
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जिले में हर साल पंजीकृत होने वाली लगभग 20 फीसदी गाड़ियां महिलाओं के नाम दर्ज हैं लेकिन ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने वाली महिलाओं की संख्या करीब सात फीसदी ही है। हर साल करीब 25 से 30 हजार ड्राइविंग लाइसेंस बनाए जाते हैं। इनमें भारी वाहनों के ड्राइविंग लाइसेंस शामिल नहीं हैं। ड्राइविंग लाइसेंस बनवाने में भी अमरोहा की महिलाएं पुरुषों के मुकाबले बहुत पीछे हैं।
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एआरटीओ के रिकॉर्ड के मुताबिक 3.20 लाख वाहन पंजीकृत हैं। इसके करीब 64 हजार वाहन महिलाओं के नाम पर दर्ज है जबकि 3.20 लाख वाहन पुरुषों के नाम पर रजिस्टर्ड हैं। इसके सापेक्ष 336872 पुरुषों ने ड्राइविंग लाइसेंस बनवाया है। वहीं, 64 हजार वाहन मालिक महिलाओं में से केवल 4580 ने ही ड्राइविंग लाइसेंस बनवाया है। यह संख्या पंजीकृत वाहनों के सापेक्ष काफी कम है।
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इनकम टैक्स से बचने के लिए खरीदे जाते हैं वाहन
जिले में व्यापारी, नौकरी पेशा व्यक्ति इनकम टैक्स के रडार पर आने से बचने के लिए महिलाओं के नाम वाहन खरीदते हैं, क्योंकि अधिक संपत्ति होने पर ये शक के दायरे में आ सकते हैं। यदि महिलाओं के नाम वाहन होंगे तो यह तर्क दिया जा सकता है कि उनको यह वाहन भाई, बहन, पिता व अन्य रिश्तेदारों ने गिफ्ट में दिया है।
- महिलाओं के नाम वाहन भले ही पंजीकृत हों लेकिन उनके लाइसेंस की संख्या कम है। छात्राएं और कामकाजी महिलाएं ही लाइसेंस बनवाने पर ध्यान देती हैं। महिलाओं के नाम पर दर्ज वाहनों को भी उनके पति या बच्चे दौड़ाते हैं। - महेश शर्मा, एआरटीओ प्रवर्तनए
आरटीओ कार्यालय में पंजीकृत वाहनों की स्थिति
वाहन
संख्या
बाइक/स्कूटी
257123
मोपेड/विक्की
4606
कार
30740
ट्रैक्टर
11767
क्रेन
55
मालवाहक वाहन
5159
बस
576
स्कूली वाहन
148
एंबुलेंस
312