UP: कार की धुलाई करते समय अचानक गिरा वाहन मालिक, हार्ट अटैक आने से मौत... हैरान करने वाली वीडियो आई सामने
अमरोहा के जोया में घर के बाहर कार धो रहा वाहन मालिक अचानक नीचे गिर गया। इससे वह बेहोश हो गया। परिजनों ने आसपास के लोगों की मदद उसे अस्पताल पहुंचाया। जहां उसे मृत घोषित कर दिया। चिकित्सकों ने इसका कारण हार्टअटैक बताया है।
विस्तार
अमरोहा जिले में हार्टअटैक के मामले लगातार बढ़ते जा रहे हैं। अब जोया के मोहल्ला खेड़ा में कार की धुलाई करते समय टैक्सी मालिक आसिफ उर्फ लाला (50) की हार्ट अटैक से मौत हो गई। वह अचानक बेहोश होकर जमीन पर गिर पड़े। पूरी घटना एक दुकान के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई।
परिजनों ने उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन बचाया नहीं जा सका। यह घटना सोमवार की सुबह करीब सात बजे हुई। इस दौरान आसिफ उर्फ लाला अपने ही घर के बाहर खड़ी कार की धुलाई कर रहे थे। तभी अचानक उनकी तबीयत खराब हुई और वह जमीन पर मुंह के बल गिर पड़े। कुछ देर परिजन बिल्कुल अनजान रहे।
राहगीरों ने उन्हें पड़ा देखा तो अचंभित रह गए। तुरंत ही घर के लोग बाहर आ गए और अचेत अवस्था में उन्हें निजी अस्पताल में भर्ती कराया। जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मौत का कारण हार्ट अटैक बताया गया है। मृतक आसिफ के परिवार में पत्नी के अलावा चार बच्चे हैं।
मोबाइल पर गेम देखते समय गई मासूम की जान
हसनपुर में बीस जनवरी को मां के साथ मोबाइल देखते समय पांच साल की बच्ची की तबीयत बिगड़ गई। परिजन उसे चिकित्सक के पास ले गए लेकिन उसे मृत घोषित कर दिया। परिजनों का कहना है कि बच्ची को कोई बीमारी नहीं थी। चिकित्सक का कहना है कि हार्टअटैक भी मौत का कारण हो सकता है।
यह घटना हसनपुर क्षेत्र के गांव हथीखेड़ा की है। गांव में महेश खड़गवंशी का परिवार रहता है। परिवार में पत्नी और पांच वर्षीय इकलौती बेटी कामिनी थी। शुक्रवार की रात करीब नौ बजे कामिनी अपनी मां के साथ चारपाई पर बैठकर मोबाइल देख रही थी। इसी बीच कामिनी की तबीयत बिगड़ी तो वह बेहोश हो गई।
इसके बाद उसके हाथ से मोबाइल नीचे गिर गया। परिजनों ने बेहोशी की हालत में कामिनी को निजी चिकित्सक को दिखाया। जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। परिजनों ने बताया कि अचानक उसे सांस लेने में तकलीफ हुई और वह बेहोश हो गई। उधर, निजी चिकित्सक कहना है कि बच्ची की मौत का कारण हार्ट अटैक भी हो सकता है।
कामिनी कक्षा एक की छात्रा थी। बिना किसी कानूनी कार्रवाई के ही शव का अंतिम संस्कार कर दिया गया। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र के चिकित्साधीक्षक डॉक्टर ध्रुर्वेंद्र सिंह का कहना है कि बच्ची की मौत का मामला संज्ञान में नहीं है। यदि बच्ची का पोस्टमार्टम करवाया होतो तो कारणों का पता लग सकता था।