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गजरौला में समय पर ऑक्सीजन नहीं मिलने से दो महिलाओं की मौत
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गजरौला। समय पर ऑक्सीजन नहीं मिलने से मौतों का सिलसिला जारी है। दो और महिलाओं की मौत ऑक्सीजन के अभाव में हो गई। वहीं चौथे दिन भी सप्लायर के गोदाम पर ताला लगा रहा। सिलिंडर का वितरण कब, कहां और किस आधार पर हो रहा है। इसकी जानकारी किसी को नहीं है। सप्लायर की मनमानी पर भी अंकुश नहीं लग रहा है। वहीं सोशल मीडिया पर ऑक्सीजन मिलने के तमाम दावे खोखले साबित हो रहे हैं। गजरौला में ऑक्सीजन सफेद हाथी बनकर रह गई है।
मंगलवार को भी हसनपुर रोड अल्लीपुर स्थित मुकीम खान के ऑक्सीजन गोदाम पर ताला लगा रहा। शाम तक लोग सिलिंडर मिलने की उम्मीद में वहीं डटे रहे। नहीं मिलने पर निराश होकर लौट गए। आसपास के लोगों ने बताया कि सिलिंडर रात में ही किसी समय दिए जाते हैं। वहीं ऑक्सीजन मिलने का कोई समय निर्धारित नहीं होने के कारण परेशानहाल लोग इधर-उधर चक्कर लगा रहे हैं।
वहीं नगर में दो व्यापारियों की माताओं का निधन ऑक्सीजन के अभाव में हो गया। परिजनों के मुताबिक उन्होंने ऑक्सीजन के लिए सप्लायर के गोदाम के कई चक्कर लगाए लेकिन सफलता नहीं मिली। सोशल मीडिया पर ऑक्सीजन मिलने के ठिकानों के संबंध में डाली जा रही पोस्ट पर भी लोग सवालिया निशान लगा रहे हैं। समाजसेवी तेजवीर सिंह अलूना का कहना है कि हकीकत तो यही है कि आम लोगों को ऑक्सीजन मिल ही नहीं रही। उन्होंने जिला प्रशासन से अनुरोध किया है कि गजरौला में ऑक्सीजन वितरण का स्थान और समय निर्धारित कराएं। साथ ही वितरण में पारदर्शिता भी रखी जाए ताकि कालाबाजारी करने वालों पर अंकुश लग सके।
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मंगलवार को भी हसनपुर रोड अल्लीपुर स्थित मुकीम खान के ऑक्सीजन गोदाम पर ताला लगा रहा। शाम तक लोग सिलिंडर मिलने की उम्मीद में वहीं डटे रहे। नहीं मिलने पर निराश होकर लौट गए। आसपास के लोगों ने बताया कि सिलिंडर रात में ही किसी समय दिए जाते हैं। वहीं ऑक्सीजन मिलने का कोई समय निर्धारित नहीं होने के कारण परेशानहाल लोग इधर-उधर चक्कर लगा रहे हैं।
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वहीं नगर में दो व्यापारियों की माताओं का निधन ऑक्सीजन के अभाव में हो गया। परिजनों के मुताबिक उन्होंने ऑक्सीजन के लिए सप्लायर के गोदाम के कई चक्कर लगाए लेकिन सफलता नहीं मिली। सोशल मीडिया पर ऑक्सीजन मिलने के ठिकानों के संबंध में डाली जा रही पोस्ट पर भी लोग सवालिया निशान लगा रहे हैं। समाजसेवी तेजवीर सिंह अलूना का कहना है कि हकीकत तो यही है कि आम लोगों को ऑक्सीजन मिल ही नहीं रही। उन्होंने जिला प्रशासन से अनुरोध किया है कि गजरौला में ऑक्सीजन वितरण का स्थान और समय निर्धारित कराएं। साथ ही वितरण में पारदर्शिता भी रखी जाए ताकि कालाबाजारी करने वालों पर अंकुश लग सके।
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