{"_id":"6612f90aa03cdd2c840b65f7","slug":"two-embankments-being-built-with-rs-240-crore-will-save-ganga-from-erosion-gajraula-news-c-284-1-smbd1015-116735-2024-04-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amroha News: गंगा के कटान से बचाएंगे 2.40 करोड़ से बनाए जा रहे दो तटबंध","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amroha News: गंगा के कटान से बचाएंगे 2.40 करोड़ से बनाए जा रहे दो तटबंध
विज्ञापन
गजरौला। दो करोड़ 40 लाख रुपये से गंगा पर बनाए जा रहे दो तटबंध इलाके को गंगा के कटान से बचाएंगी। हर साल फसलों का हजारों बीघे रकबा गंगा के कटान से बचने पर घासीपुरा व सुनपुरा के ग्रामीणों को खासी राहत मिलेगी। उनका नुकसान दूर होगा।
जिले की मंडी धनौरा व हसनपुर तहसील क्षेत्र से गंगा प्रवाहित हो रही है। मंडी धनौरा तहसील के मंडी धनौरा व गजरौला और हसनपुर तहसील क्षेत्र के हसनपुर व गंगेश्वरी ब्लॉक क्षेत्र के गांवों को गंगा में हर साल आने वाली बाढ़ तबाह कर देती है। हजारों बीघे रकबा गंगा काट देती है। जिससे किसानों को बड़ा नुकसान होता है। गजरौला क्षेत्र में सुनपुरा व घासीपुरा के सामने बीते एक साल से गंगा की धारा लगातार कटान कर रही है। पिछले साल जलधारा द्वारा किए गए कटान से दोनों गांव के ग्रामीणों की हजारों बीघे गन्ने व चारे की फसल गंगा में समा गई। किसानों को बड़े नुकसान का सामना करना पड़ा।
इससे बचाने के लिए बाढ़ खंड विभाग द्वारा दोनों गांवों के सामने पत्थर की मजबूत ठोकर (तटबंध) बनाई जा रही हैं। जिन पर दो करोड़ 40 लाख रुपये खर्च होंगे। एक ठोकर साढ़े 19 मीटर अर्ध गोलाकार बनाई जा रही है। जिसकी गहराई डेढ़ मीटर है। तीन मीटर ऊंचाई रहेगी। पत्थरों को तारों के जाल में इस तरह रखा जा रहा है कि जलधारा द्वारा जितना कटान किया जाएगा, ठोकर उतनी ही नीचे बैठती जाएगी। जिससे कटान रुक जाएगा। बाढ़ खंड के जेई सुभाष चंद गहलौत का कहना है कि दूसरी ठोकर भी अर्ध गोलाकार बनाई जा रही है। अगले महीने तक निर्माण कार्य पूर्ण हो जाएगा। दोनों ठोकर बन जाने पर इलाके में कटान नहीं किया जाएगा।
विज्ञापन
-- --
पिछले साल कार लेकर पत्नी सहित गंगा में कूद गया था युवक
गजरौला। सीकरी खादर निवासी 22 वर्षीय युवक शाने आलम ने बीते साल 24 अगस्त की शाम कार में पत्नी नाजिया को बैठाकर गंगा में कूद कर जान दी। उसने यह आत्मघाती कदम सुनपुरा व घासीपुरा के बीच उठाया था। अगले दिन उसका शव घटना स्थल से पांच किमी दूर गढ़ावली के रकबे में गंगा किनारे मिला था। जबकि 96 घंटे बाद नाजिया का शव हसनपुर तहसील क्षेत्र के दयावली खालसा के निकट गंगा में मिला था। जिस स्थान पर युवक ने गंगा में कार में पत्नी को बैठाकर जान दी, उसी स्थान पर एक ठोकर बनाई जा रही है।
विज्ञापन
जिले की मंडी धनौरा व हसनपुर तहसील क्षेत्र से गंगा प्रवाहित हो रही है। मंडी धनौरा तहसील के मंडी धनौरा व गजरौला और हसनपुर तहसील क्षेत्र के हसनपुर व गंगेश्वरी ब्लॉक क्षेत्र के गांवों को गंगा में हर साल आने वाली बाढ़ तबाह कर देती है। हजारों बीघे रकबा गंगा काट देती है। जिससे किसानों को बड़ा नुकसान होता है। गजरौला क्षेत्र में सुनपुरा व घासीपुरा के सामने बीते एक साल से गंगा की धारा लगातार कटान कर रही है। पिछले साल जलधारा द्वारा किए गए कटान से दोनों गांव के ग्रामीणों की हजारों बीघे गन्ने व चारे की फसल गंगा में समा गई। किसानों को बड़े नुकसान का सामना करना पड़ा।
विज्ञापन
इससे बचाने के लिए बाढ़ खंड विभाग द्वारा दोनों गांवों के सामने पत्थर की मजबूत ठोकर (तटबंध) बनाई जा रही हैं। जिन पर दो करोड़ 40 लाख रुपये खर्च होंगे। एक ठोकर साढ़े 19 मीटर अर्ध गोलाकार बनाई जा रही है। जिसकी गहराई डेढ़ मीटर है। तीन मीटर ऊंचाई रहेगी। पत्थरों को तारों के जाल में इस तरह रखा जा रहा है कि जलधारा द्वारा जितना कटान किया जाएगा, ठोकर उतनी ही नीचे बैठती जाएगी। जिससे कटान रुक जाएगा। बाढ़ खंड के जेई सुभाष चंद गहलौत का कहना है कि दूसरी ठोकर भी अर्ध गोलाकार बनाई जा रही है। अगले महीने तक निर्माण कार्य पूर्ण हो जाएगा। दोनों ठोकर बन जाने पर इलाके में कटान नहीं किया जाएगा।
विज्ञापन
पिछले साल कार लेकर पत्नी सहित गंगा में कूद गया था युवक
गजरौला। सीकरी खादर निवासी 22 वर्षीय युवक शाने आलम ने बीते साल 24 अगस्त की शाम कार में पत्नी नाजिया को बैठाकर गंगा में कूद कर जान दी। उसने यह आत्मघाती कदम सुनपुरा व घासीपुरा के बीच उठाया था। अगले दिन उसका शव घटना स्थल से पांच किमी दूर गढ़ावली के रकबे में गंगा किनारे मिला था। जबकि 96 घंटे बाद नाजिया का शव हसनपुर तहसील क्षेत्र के दयावली खालसा के निकट गंगा में मिला था। जिस स्थान पर युवक ने गंगा में कार में पत्नी को बैठाकर जान दी, उसी स्थान पर एक ठोकर बनाई जा रही है।