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सामने की भिडंत, चाचा-भतीजे सहित तीन की मौत, एक गंभीर
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सड़क हादसे में मारे गए अनुज उर्फ गोलू का फाइल फोटो।
- फोटो : JPNAGAR
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डिडौली (अमरोहा)। कैलसा-पाकबड़ा रोड पर दो बाइकों की आमने-सामने की भिड़ंत में राजमिस्त्री का कार्य करने वाले चाचा-भतीजे सहित तीन लोगों की मौत हो गई। एक बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया। धनतेरस की रात हुए हादसे की वजह तेज रफ्तार और हेलमेट की अनदेखी मानी जा रही है।
देहात थानाक्षेत्र के ग्राम कैलसा निवासी खेम सिंह का बेटा गोलू उर्फ अनुज (26) अपने रिश्तेदार तरुण के साथ मंगलवार रात खेत पर नलकूप से पानी चलाकर घर लौट रहा था। दूसरी ओर डिडौली क्षेत्र के नौरंगी गांव निवासी सोनू (30) अपने भतीजे दुष्यंत (29) के साथ बाइक से अमरोहा से घर लौट रहा था। सोनू और दुष्यंत आपस में चाचा-भतीजे थे। दोनों राजमिस्त्री का काम करते थे।
कैलसा-पाकबड़ा रोड पर शाहपुर गांव के निकट दोनों बाइकें आमने-सामने से टकरा गईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोनों बाइकों की रफ्तार तेज थी। इस हादसे में एक बाइक पर सवार गोलू उर्फ अनुज और दूसरी बाइक के सवार दुष्यंत की मौके पर ही मौत हो गई। सोनू और तरुण गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही डिडौली थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। दोनों घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां से दोनों को मुरादाबाद रेफर कर दिया गया। उपचार के दौरान सोनू की भी मौत हो गई। तरुण की हालत गंभीर बनी हुई है।
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सीओ सिटी विजय कुमार राणा ने बताया कि हादसे में चाचा-भतीजे सहित तीन लोगों की मौत हो गई है। शवों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पहली नजर में ओवरस्पीड हादसे की वजह मानी गई है।
खुशियों के दीप जलने से पहले छाया गम का अंधेरा
डिडौली (अमरोहा)। सड़क हादसे में चाचा-भतीजे सहित तीन लोगों की मौत ने तीन घरों की खुशियां लील लीं। मंगलवार रात धनतेरस मनाकर परिजन दिवाली पर खुशियों के दीप जलाने की तैयारियां कर रहे थे कि इस बीच उनके बीच अमंगलकारी जानकारी पहुंची तो गम का अंधियारा छा गया।
कैलसा निवासी अनुज उर्फ गोलू चार भाई-बहनों में सबसे छोटा था। उसकी दोनों बहनों की शादी हो चुकी है। उसके बड़े भाई मनोज की दस महीने पहले ट्रेन की चपेट में आकर मौत हो गई थी। अनुज ही परिवार का एक मात्र सहारा था और पिता खेम सिंह को खेती में सहयोग करता था। रह-रह कर पिता के मुंह से निकल रहा था कि दिवाली से ठीक पहले घर का चिराग बुझ गया।
यह हादसा सोनू के घर वालों के भविष्य के लिए भी बड़ा सवाल छोड़ गया। राजमिस्त्री का काम करके घर चलाने वाले सोनू पर ही पत्नी धनवती व उसके तीन बच्चे निर्भर थे। सोनू का भतीजा दुष्यंत भी जीवकोपार्जन के लिए राजमिस्त्री का काम करता था। उसके परिवार में भी पत्नी रेनू के अलावा दो बच्चे हैं।
दोनों परिवारों के नन्हे बच्चे पापा की घर वापसी के साथ पटाखे और मिठाई आने की उम्मीद लगाए हुए थे लेकिन पिता को लेकर बंधी उनकी उम्मीदों का दिया हादसे से हमेशा के लिए बुझ गया। खुशियों की किलकारी का स्थान चीख-पुकार ने लिया।
हेलमेट लगाए होते तो बच सकता था जीवन
अमरोहा। जरा सी लापरवाही से देखते-देखते तीन जिंदगियां हमेशा के लिए खत्म हो गईं। बाइकों की आमने-सामने की टक्कर में जिंदगी गंवाने वाले तीनों युवकों में से किसी के सिर पर हेलमेट नहीं था।
सीओ सिटी विजय कुमार राणा ने बताया कि दोनों बाइकों पर सवार चारों लोगों में से कोई हेलमेट नहीं लगाए था। हादसे में सभी के सिर में गहरी चोटें लगी हैं। घायल तरुण की हालत भी गंभीर है।
मौके पर मौजूद लोगों के मुंह से निकला कि हेलमेट लगाए होते तो तीनों की जिंदगी बच सकती थी। बाइक सवारों द्वारा हेलमेट की अनदेखी की चर्चा के बीच यह सवाल भी उठा कि यातायात माह में बिना हेलमेट बाइक चलाने वाले पुलिस की निगाह में क्यों नहीं आए।
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देहात थानाक्षेत्र के ग्राम कैलसा निवासी खेम सिंह का बेटा गोलू उर्फ अनुज (26) अपने रिश्तेदार तरुण के साथ मंगलवार रात खेत पर नलकूप से पानी चलाकर घर लौट रहा था। दूसरी ओर डिडौली क्षेत्र के नौरंगी गांव निवासी सोनू (30) अपने भतीजे दुष्यंत (29) के साथ बाइक से अमरोहा से घर लौट रहा था। सोनू और दुष्यंत आपस में चाचा-भतीजे थे। दोनों राजमिस्त्री का काम करते थे।
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कैलसा-पाकबड़ा रोड पर शाहपुर गांव के निकट दोनों बाइकें आमने-सामने से टकरा गईं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार दोनों बाइकों की रफ्तार तेज थी। इस हादसे में एक बाइक पर सवार गोलू उर्फ अनुज और दूसरी बाइक के सवार दुष्यंत की मौके पर ही मौत हो गई। सोनू और तरुण गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही डिडौली थाने की पुलिस मौके पर पहुंची। दोनों घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां से दोनों को मुरादाबाद रेफर कर दिया गया। उपचार के दौरान सोनू की भी मौत हो गई। तरुण की हालत गंभीर बनी हुई है।
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सीओ सिटी विजय कुमार राणा ने बताया कि हादसे में चाचा-भतीजे सहित तीन लोगों की मौत हो गई है। शवों का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। पहली नजर में ओवरस्पीड हादसे की वजह मानी गई है।
खुशियों के दीप जलने से पहले छाया गम का अंधेरा
डिडौली (अमरोहा)। सड़क हादसे में चाचा-भतीजे सहित तीन लोगों की मौत ने तीन घरों की खुशियां लील लीं। मंगलवार रात धनतेरस मनाकर परिजन दिवाली पर खुशियों के दीप जलाने की तैयारियां कर रहे थे कि इस बीच उनके बीच अमंगलकारी जानकारी पहुंची तो गम का अंधियारा छा गया।
कैलसा निवासी अनुज उर्फ गोलू चार भाई-बहनों में सबसे छोटा था। उसकी दोनों बहनों की शादी हो चुकी है। उसके बड़े भाई मनोज की दस महीने पहले ट्रेन की चपेट में आकर मौत हो गई थी। अनुज ही परिवार का एक मात्र सहारा था और पिता खेम सिंह को खेती में सहयोग करता था। रह-रह कर पिता के मुंह से निकल रहा था कि दिवाली से ठीक पहले घर का चिराग बुझ गया।
यह हादसा सोनू के घर वालों के भविष्य के लिए भी बड़ा सवाल छोड़ गया। राजमिस्त्री का काम करके घर चलाने वाले सोनू पर ही पत्नी धनवती व उसके तीन बच्चे निर्भर थे। सोनू का भतीजा दुष्यंत भी जीवकोपार्जन के लिए राजमिस्त्री का काम करता था। उसके परिवार में भी पत्नी रेनू के अलावा दो बच्चे हैं।
दोनों परिवारों के नन्हे बच्चे पापा की घर वापसी के साथ पटाखे और मिठाई आने की उम्मीद लगाए हुए थे लेकिन पिता को लेकर बंधी उनकी उम्मीदों का दिया हादसे से हमेशा के लिए बुझ गया। खुशियों की किलकारी का स्थान चीख-पुकार ने लिया।
हेलमेट लगाए होते तो बच सकता था जीवन
अमरोहा। जरा सी लापरवाही से देखते-देखते तीन जिंदगियां हमेशा के लिए खत्म हो गईं। बाइकों की आमने-सामने की टक्कर में जिंदगी गंवाने वाले तीनों युवकों में से किसी के सिर पर हेलमेट नहीं था।
सीओ सिटी विजय कुमार राणा ने बताया कि दोनों बाइकों पर सवार चारों लोगों में से कोई हेलमेट नहीं लगाए था। हादसे में सभी के सिर में गहरी चोटें लगी हैं। घायल तरुण की हालत भी गंभीर है।
मौके पर मौजूद लोगों के मुंह से निकला कि हेलमेट लगाए होते तो तीनों की जिंदगी बच सकती थी। बाइक सवारों द्वारा हेलमेट की अनदेखी की चर्चा के बीच यह सवाल भी उठा कि यातायात माह में बिना हेलमेट बाइक चलाने वाले पुलिस की निगाह में क्यों नहीं आए।

सड़क हादसे में मारे गए सोनू का फाइल फोटो।- फोटो : JPNAGAR

सड़क हादसे में मारे गए दुष्यंत का फाइल फोटो।- फोटो : JPNAGAR