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Amroha News: धोखाधड़ी के तीन दोषियों को ढाई साल की सजा
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अमरोहा। धोखाधड़ी के तीन दोषियों को न्यायालय ने ढाई साल की सजा सुनाई। साथ ही तीनों पर 40-40 हजार रुपये का जुर्माना लगाया। सभी दोषी जमानत पर जेल से बाहर थे।
डिडौली क्षेत्र के रहने वाले गौरव शर्मा का आरोप है कि जोया में एमफलाई रीयल स्टेट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी थी। कंपनी का लाइसेंस उषा देवी निवासी मुबारकपुर के नाम पर था। इसके एमडी रजबपुर थानाक्षेत्र के घोसीपुरा निवासी विजेंद्र, डिडौली के बूढ़नपुर गांव निवासी प्रेमपाल और रजबपुर के बदौनिया गांव निवासी हरद्वारी थे।
सभी लोगों के पास गौरव शर्मा का आना-जाना था। इस दौरान झांसे में लेकर उन्होंने लुभावने ऑफर दिए। कहा कि जितने रुपये आप लगाओगे पांच साल में दोगुने हो जाएंगे। इस दौरान सभी आरोपियों ने मिलकर कई लोगों से लाखों रुपये हड़प लिए। इस मामले में गौरव शर्मा ने उषा शर्मा, प्रेम सिंह, हरद्वारी, वीरेंद्र के खिलाफ धोखाधड़ी, अमानत में खयानत और कूटरचित दस्तावेज तैयार कराने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया था।
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बाद में पुलिस ने सभी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया था। पुलिस ने उषा देवी का नाम निकालकर प्रेम सिंह, हरद्वारी और विजेंद्र के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया था। इस मुकदमे की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश मजिस्ट्रेट ओमपाल सिंह की अदालत में चल रही थी। शनिवार को न्यायालय ने मुकदमे में आखिरी सुनवाई की। साक्ष्यों और सुबूतों के आधार पर आरोपियों को दो साल छह महीने की सजा सुनाई गई।
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डिडौली क्षेत्र के रहने वाले गौरव शर्मा का आरोप है कि जोया में एमफलाई रीयल स्टेट प्राइवेट लिमिटेड कंपनी थी। कंपनी का लाइसेंस उषा देवी निवासी मुबारकपुर के नाम पर था। इसके एमडी रजबपुर थानाक्षेत्र के घोसीपुरा निवासी विजेंद्र, डिडौली के बूढ़नपुर गांव निवासी प्रेमपाल और रजबपुर के बदौनिया गांव निवासी हरद्वारी थे।
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सभी लोगों के पास गौरव शर्मा का आना-जाना था। इस दौरान झांसे में लेकर उन्होंने लुभावने ऑफर दिए। कहा कि जितने रुपये आप लगाओगे पांच साल में दोगुने हो जाएंगे। इस दौरान सभी आरोपियों ने मिलकर कई लोगों से लाखों रुपये हड़प लिए। इस मामले में गौरव शर्मा ने उषा शर्मा, प्रेम सिंह, हरद्वारी, वीरेंद्र के खिलाफ धोखाधड़ी, अमानत में खयानत और कूटरचित दस्तावेज तैयार कराने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया था।
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बाद में पुलिस ने सभी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया था। पुलिस ने उषा देवी का नाम निकालकर प्रेम सिंह, हरद्वारी और विजेंद्र के खिलाफ आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया था। इस मुकदमे की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश मजिस्ट्रेट ओमपाल सिंह की अदालत में चल रही थी। शनिवार को न्यायालय ने मुकदमे में आखिरी सुनवाई की। साक्ष्यों और सुबूतों के आधार पर आरोपियों को दो साल छह महीने की सजा सुनाई गई।