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आज दीपदान, कल कार्तिक पूर्णिमा का स्नान
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तिगरी धाम में गंगा घाट किनारे दीप जलातीं महिलाएं।
- फोटो : JPNAGAR
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तिगरी धाम। कार्तिक पूर्णिमा की पूर्व संध्या पर गुरुवार की शाम सूर्यास्त के समय दीपदान होगा। श्रद्धालु गंगाघाट पहुंचकर पितरों का तर्पण करेंगे। इसके लिए सभी तैयारी पूरी कर ली गई हैं। मेले में करीब 15 लाख से अधिक श्रद्धालु पहुंच गए हैं। सुरक्षा को लेकर व्यवस्था चाक चौबंद है। कार्तिक पूर्णिमा पर 19 नवंबर की मुख्य गंगा स्नान होगा। इसके लिए काफी संख्या में श्रद्धालु तिगरी मेला पहुंच गए हैं, कुछ श्रद्धालु गुरुवार को तिगरीधाम पहुंचेंगे। सूर्यास्त के समय गंगा घाट पर स्नान कर गंगा में दीपदान कर पितरों का तर्पण किया जाएगा।
पंडित आशुतोष त्रिवेदी ने बताया कि मान्यता है कि महाभारत युद्ध में मारे गए हजारों सैनिक और असंख्य योद्धाओं की आत्मा शांति के लिए भगवान श्रीकृष्ण ने पांडवों की मौजूदगी में सर्वप्रथम चतुर्दशी को दीपदान किया था, तब से यह परंपरा चल रही है। तभी से कार्तिक पूर्णिमा पर तिगरी धाम लगने वाले ऐतिहासिक मेले के मुख्य स्नान से एक दिन चतुर्दशी पर अपने पितरों का तर्पण करते हैं। यह दीपदान वही लोग करते हैं, जिनके सगे संबंधी एक वर्ष के अंदर उन्हें छोड़कर परम पिता परमेश्वर की शरण में चले गए हैं। उन्होंने बताया कि गंगा में स्नान करने के बाद सूर्यास्त के समय दीपदान करें। इसके बाद भी गंगा में स्नान करें। साथ ही खाना और दक्षिणा दान करें। कार्तिक मेले के दौरान गंगा में दीपदान करने मृत आत्माओं को शांति मिलती है।
तिगरी धाम मेला पश्चिमी यूपी का सबसे बड़ा मेला माना जाता है। यहां मुरादाबाद, बरली, लखनऊ मंडल के अलावा दिल्ली एनसीआर क्षेत्र के श्रद्धालु गंगा स्नान और दीपदान के लिए आते हैं।
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पंडित आशुतोष त्रिवेदी ने बताया कि मान्यता है कि महाभारत युद्ध में मारे गए हजारों सैनिक और असंख्य योद्धाओं की आत्मा शांति के लिए भगवान श्रीकृष्ण ने पांडवों की मौजूदगी में सर्वप्रथम चतुर्दशी को दीपदान किया था, तब से यह परंपरा चल रही है। तभी से कार्तिक पूर्णिमा पर तिगरी धाम लगने वाले ऐतिहासिक मेले के मुख्य स्नान से एक दिन चतुर्दशी पर अपने पितरों का तर्पण करते हैं। यह दीपदान वही लोग करते हैं, जिनके सगे संबंधी एक वर्ष के अंदर उन्हें छोड़कर परम पिता परमेश्वर की शरण में चले गए हैं। उन्होंने बताया कि गंगा में स्नान करने के बाद सूर्यास्त के समय दीपदान करें। इसके बाद भी गंगा में स्नान करें। साथ ही खाना और दक्षिणा दान करें। कार्तिक मेले के दौरान गंगा में दीपदान करने मृत आत्माओं को शांति मिलती है।
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तिगरी धाम मेला पश्चिमी यूपी का सबसे बड़ा मेला माना जाता है। यहां मुरादाबाद, बरली, लखनऊ मंडल के अलावा दिल्ली एनसीआर क्षेत्र के श्रद्धालु गंगा स्नान और दीपदान के लिए आते हैं।
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