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बाढ़ खंड की परेशानी का सबब बनी तिगरी में कटान कर रही गंगा की धारा
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बाढ़ खंड की परेशानी का सबब बनी तिगरी में कटान कर रही गंगा की धारा
गजरौला (अमरोहा)। तिगरी में गंगा की जलधारा द्वारा किया जा रहा कटान बाढ़ खंड के साथ ही ग्रामीणों की चिंता का भी सबब बन गया है। कटान करते हुए गंगा तिगरी के समीप पहुंच गई है। गंगा स्नान घाट से तिगरी गंगा किनारे का काफी रास्ता भी कट गय है। यह कटान नहीं रुका तो तिगरी गंगा मेले का नक्शा बदल सकता है। साथ ही मेले में आने वाले श्रद्घालुओं के लिए रास्ता बनाए जाने की समस्या खड़ी हो सकती है।
तिगरी गांव गंगा किनारे बसा है। गांव को गंगा के कटान से बचाव के लिए तिगरी और गंगा के बीच पक्का बांध बना है। यहीं पर लाखों श्रद्घालु अमावस्या और पूर्णिमा पर गंगा में स्नान करते हैं। गंगा बांध किनारे पक्का रास्ता भी है। स्नान करने के बाद श्रद्घालु गंगा किनारे-किनारे श्मशान घाट की तरफ इसी मार्ग से आते जाते हैं। मगर कई दिन से गंगा द्वारा तेजी से कटान किए जाने के कारण गंगा तिगरी के समीप पहुंच गई है। कई जगह पर जल धारा ने रास्ता भी काट दिया। तिगरी निवासी ग्रामीणों और आस पास के लोगों का कहना है कि जल्द ही कटान नहीं रुका तो कार्तिक पूर्णिमा पर लगने वाले तिगरी गंगा मेले का नक्शा बदल सकता है। क्योंकि मेले में लाखों श्रद्धालु इसी मार्ग से भी आते जाते हैं। मेले की तैयारियों का जायजा लेने आए डीएम ने बाढ़ खंड के अफसरों को कटान रोकने के निर्देश दिए।
मेला स्थल पर फसल कटान का काम तेजी पर
तिगरी गंगा मेला स्थल पर खड़ी फसल को काटने का काम तेजी से चल रहा है। मेला स्थल पर उगाई गई
धान की फसल को काटने के बाद ग्रामीणों द्वारा झाड़ने का काम चल रहा है। वहीं लोग शकरकंद को भी खोदने में लगे हैं। इसके अलावा गन्ने की फसल का कटान कर उसे गोशालाओं में भेजा जा रहा है। क्योंकि अभी कोल्हू चल नहीं रहे हैं।
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गजरौला (अमरोहा)। तिगरी में गंगा की जलधारा द्वारा किया जा रहा कटान बाढ़ खंड के साथ ही ग्रामीणों की चिंता का भी सबब बन गया है। कटान करते हुए गंगा तिगरी के समीप पहुंच गई है। गंगा स्नान घाट से तिगरी गंगा किनारे का काफी रास्ता भी कट गय है। यह कटान नहीं रुका तो तिगरी गंगा मेले का नक्शा बदल सकता है। साथ ही मेले में आने वाले श्रद्घालुओं के लिए रास्ता बनाए जाने की समस्या खड़ी हो सकती है।
तिगरी गांव गंगा किनारे बसा है। गांव को गंगा के कटान से बचाव के लिए तिगरी और गंगा के बीच पक्का बांध बना है। यहीं पर लाखों श्रद्घालु अमावस्या और पूर्णिमा पर गंगा में स्नान करते हैं। गंगा बांध किनारे पक्का रास्ता भी है। स्नान करने के बाद श्रद्घालु गंगा किनारे-किनारे श्मशान घाट की तरफ इसी मार्ग से आते जाते हैं। मगर कई दिन से गंगा द्वारा तेजी से कटान किए जाने के कारण गंगा तिगरी के समीप पहुंच गई है। कई जगह पर जल धारा ने रास्ता भी काट दिया। तिगरी निवासी ग्रामीणों और आस पास के लोगों का कहना है कि जल्द ही कटान नहीं रुका तो कार्तिक पूर्णिमा पर लगने वाले तिगरी गंगा मेले का नक्शा बदल सकता है। क्योंकि मेले में लाखों श्रद्धालु इसी मार्ग से भी आते जाते हैं। मेले की तैयारियों का जायजा लेने आए डीएम ने बाढ़ खंड के अफसरों को कटान रोकने के निर्देश दिए।
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मेला स्थल पर फसल कटान का काम तेजी पर
तिगरी गंगा मेला स्थल पर खड़ी फसल को काटने का काम तेजी से चल रहा है। मेला स्थल पर उगाई गई
धान की फसल को काटने के बाद ग्रामीणों द्वारा झाड़ने का काम चल रहा है। वहीं लोग शकरकंद को भी खोदने में लगे हैं। इसके अलावा गन्ने की फसल का कटान कर उसे गोशालाओं में भेजा जा रहा है। क्योंकि अभी कोल्हू चल नहीं रहे हैं।
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