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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Amroha News ›   Thirteen years ago, a brother-in-law and his wife were murdered after a minor quarrel at the Tigri fair

Amroha News: तेरह साल पहले तिगरी मेले में मामूली कहासुनी के बाद साले-बहनोई का कर दिया था कत्ल

Sun, 08 Jun 2025 02:13 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा Updated Sun, 08 Jun 2025 02:13 AM IST
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Thirteen years ago, a brother-in-law and his wife were murdered after a minor quarrel at the Tigri fair
अमरोहा। तेरह साल पहले तिगरी मेले में रिश्ते के साले-बहनोई की हत्या को लोग आज भी नहीं भूले हैं। डेरों में मामूली कहासुनी के बाद हत्यारों ने दोनों को शराब में जहर पिलाकर मार डाला था और शव को गंगा में बहा दिया था। करीब चौबीस घंटे बाद दोनों के शव गंगा से बरामद हुए थे। भले ही देर लगी लेकिन, पीड़ित परिवारों को इंसाफ भी मिला।
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दोहरे हत्याकांड के छह दोषी उम्रकैद की सजा काट रहे हैं। कोर्ट ने सभी पर 6.6 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया था। दोषियों को सजा और पीड़ित परिवारों को इंसाफ दिलाने में पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक रिपोर्ट की अहम भूमिका रही थी। मामले में हत्यारों को पुलिस ने कितना बचने का प्रयास किया यह भी किसी से छिपा नहीं था।
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नवंबर 2012 में कार्तिक पूर्णिमा के मौके पर तिगरी धाम में लगे मेले में मुरादाबाद जिले के छजलैट थानाक्षेत्र के मघी गांव निवासी शीशपाल सिंह भी परिवार के साथ गए थे। सेक्टर-10 में इनके डेरों के पास रजबपुर क्षेत्र के घंसूरपुर निवासी गुरुदेव सिंह, अमरजीत सिंह, कमल सिंह, वीरेंद्र सिंह, अरविंद व चकमजिदपुर निवासी जयवृत सिंह के डेरे थे। दोनों पक्षों के बच्चों में कहासुनी हो गई थी।
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इसके बाद 27 नवंबर 2012 को यह सभी लोग शीशपाल के बेटे प्रिंस और उनके रिश्ते के बहनोई नवनीत को नहाने के बहाने ले गए, जहां सभी ने मिलकर प्रिंस और नवनीत को शराब में जहर देकर मार डाला और दोनों के शवों को गंगा में बहा दिया था। मृतक प्रिंस शीशपाल सिंह का इकलौता बेटा था। देर रात तक प्रिंस और नवनीत डेरों में नहीं लौटे तो परिजनों ने हत्यारों से जानकारी की तो उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।
इसके बाद शीशपाल ने मेला कोतवाली में प्रिंस और नवनीत की गुमशुदगी दर्ज कराई थी। अगले दिन यानी चौबीस घंटे बाद दोनों के शव गंगा से बरामद हुए थे। पोस्टमार्टम और एफएसएल की रिपोर्ट में शराब में जहर की पुष्टि हुई थी। मामले में आठ माह बाद कोर्ट के आदेश पर पुलिस ने आरोपी गुरुदेव, अमरजीत सिंह, कमल, वीरेंद्र, अरविंद व जयवृत सिंह के खिलाफ हत्या और अन्य धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी। मामले में कोर्ट ने 30 अगस्त 2024 को सभी दोषी गुरुदेव, अमरजीत सिंह, कमल, वीरेंद्र, अरविंद व जयवृत सिंह को उम्रकैद की सजा सुनाई थी।
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हत्या की पुष्टि के बाद भी पीड़ित परिवार को इंसाफ के लिए भटकना पड़ा
मुरादाबाद निवासी प्रिंस और उसके रिश्तेदार नवनीत की हत्या के मामले में पुलिस ने खूब लापरवाही बरती थी। दोषियों को लाभ पहुंचाने के लिए पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया था। पोस्टमार्टम और फोरेंसिक (एफएसएल) रिपोर्ट में हत्या की पुष्टि के बाद भी पीड़ित परिवार दर-दर की ठोकरें खाता रहा। कोर्ट ने मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करने के निर्देश के बाद पुलिस हरकत में आई। हत्या के करीब आठ माह बाद पुलिस में दोषियों के खिलाफ केस दर्ज किया था। इसके बाद पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट के आधार पर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया था।
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12 साल में 150 से ज्यादा बार हुई थी सुनवाई
इस मुकदमे की विवेचना तत्कालीन थानाध्यक्ष उपेंद्र कुमार और राजीव कुमार तरार ने की। एफएसएल रिपोर्ट के मजबूत साक्ष्य के साथ विवेचक ने रजबपुर क्षेत्र के घंसूरपुर निवासी गुरुदेव सिंह, अमरजीत सिंह, कमल सिंह, वीरेंद्र सिंह, अरविंद व चकमजिदपुर निवासी जयवृत सिंह के खिलाफ करीब 175 पेज का आरोप पत्र दाखिल किया था। बाद में पुलिस ने सभी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया था। करीब 12 साल में मुकदमे में 150 से अधिक बार सुनवाई हुई थी।
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दूसरे दिन गंगा से बरामद हुए थे दोनों के शव
अमरोहा का तिगरी धाम मेला पश्चिमी यूपी के ऐतिहासिक मेलों में से एक है। यहां हर साल कार्तिक पूर्णिमा पर मेला लगता है। साल 2012 में जिस समय मामूली कहासुनी के बाद प्रिंस और उसके रिश्ते के बहनोई नवनीत की शराब में जहर पिलाकर हत्या की गई थी। उसे समय लाखों श्रद्धालु गंगा में आस्था की डुबकी लगा रहे थे। हत्यारों ने शराब में जहर पिलाकर दोनों को गंगा में बहा दिया था। घटना से पूरी तरह अनजान परिजन प्रिंस और नवनीत को देर रात तक तलाशते रहे। इसके बाद मेला कोतवाली में ही दोनों की गुमशुदगी दर्ज कराई गई। इसके बाद दूसरे दिन प्रिंस और नवनीत के शव गंगा से बरामद हुए थे।
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