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Amroha News: बूंदाबांदी से कटी फसल के खराब होने की आशंका
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अमरोहा। जिले में मौसम के लगातार बदलते मिजाज ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। धूप और बादलों के बीच चल रही आंखमिचौली के बीच मंगलवार शाम हुई हल्की बूंदाबांदी ने तैयार फसल के बर्बाद होने की आशंका बढ़ा दी है। हालात यह हैं कि किसान दिन-रात मेहनत कर किसी भी तरह फसल काटकर सहजने में जुटे हैं।
पिछले कुछ दिनों से मौसम का रुख अस्थिर बना हुआ है। रविवार से शुरू हुए बदलाव के बाद सोमवार और मंगलवार को भी कभी तेज धूप तो कभी घने बादल छाए रहे। मंगलवार शाम करीब पांच बजे अचानक ठंडी हवाओं के साथ बूंदाबांदी शुरू हो गई, जिससे किसानों के चेहरे पर मायूसी छा गई। जिले में करीब 90 हजार हेक्टेयर भूमि पर गेहूं की फसल खड़ी है, जिसमें अधिकांश फसल पक चुकी है और कटाई जारी है।
जानकारी के अनुसार करीब 8 से 10 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की फसल पहले ही कटकर खेतों में पड़ी है। ऐसे में बारिश होने से इस फसल को सबसे ज्यादा नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। यह इस सीजन की पांचवीं बारिश है। इससे पहले भी तेज हवाओं और बारिश के चलते कई स्थानों पर फसल गिर चुकी है, जिसे किसान किसी तरह संभालने में लगे थे। पिछले 24 घंटे में अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम 18 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि 13 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ठंडी हवाएं चलीं। इससे पहले सोमवार को अधिकतम पारा 35 डिग्री तक पहुंच गया था।
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जिला कृषि अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि बारिश गेहूं की फसल के लिए नुकसानदायक है, खासकर उन किसानों के लिए जिनकी फसल कटकर खेतों में पड़ी है। उन्होंने आशंका जताई कि आगामी दिनों में भी मौसम खराब रह सकता है। संवाद
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पिछले कुछ दिनों से मौसम का रुख अस्थिर बना हुआ है। रविवार से शुरू हुए बदलाव के बाद सोमवार और मंगलवार को भी कभी तेज धूप तो कभी घने बादल छाए रहे। मंगलवार शाम करीब पांच बजे अचानक ठंडी हवाओं के साथ बूंदाबांदी शुरू हो गई, जिससे किसानों के चेहरे पर मायूसी छा गई। जिले में करीब 90 हजार हेक्टेयर भूमि पर गेहूं की फसल खड़ी है, जिसमें अधिकांश फसल पक चुकी है और कटाई जारी है।
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जानकारी के अनुसार करीब 8 से 10 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की फसल पहले ही कटकर खेतों में पड़ी है। ऐसे में बारिश होने से इस फसल को सबसे ज्यादा नुकसान होने की आशंका जताई जा रही है। यह इस सीजन की पांचवीं बारिश है। इससे पहले भी तेज हवाओं और बारिश के चलते कई स्थानों पर फसल गिर चुकी है, जिसे किसान किसी तरह संभालने में लगे थे। पिछले 24 घंटे में अधिकतम तापमान 31 डिग्री और न्यूनतम 18 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि 13 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से ठंडी हवाएं चलीं। इससे पहले सोमवार को अधिकतम पारा 35 डिग्री तक पहुंच गया था।
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जिला कृषि अधिकारी मनोज कुमार ने बताया कि बारिश गेहूं की फसल के लिए नुकसानदायक है, खासकर उन किसानों के लिए जिनकी फसल कटकर खेतों में पड़ी है। उन्होंने आशंका जताई कि आगामी दिनों में भी मौसम खराब रह सकता है। संवाद