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Amroha News: तिगरी जाने वाले श्रद्धालुओं की राह में गड्ढे ही गड्ढे
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गजरौला। ओसीता जगदेवपुर के निकट सड़क पर बने गहरे गड्ढे तिगरी गंगा मेले के श्रद्धालुओं की परेशानी का सबब बनेंगे। जिस मार्ग से श्रद्धालुओं के लाखों ट्रैक्टर ट्रॉली गुजरते हैं, उसके गड्ढे श्रद्धालुओं के साथ हादसे का भी कारण बन सकते हैं।
कार्तिक पूर्णिमा पर लग रहे तिगरी गंगा मेले में इस बार 20 से 25 लाख श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। मुख्य स्नान के बाद श्रद्धालुओं के ट्रैक्टर ट्रॉली तिगरी मार्ग से कांकाठेर के बाहर लगी महाराणा प्रताप की प्रतिमा के बराबर से गुजारे जाते हैं। ओसीता जगदेवपुर में रेलवे लाइन पर बने अंडरपास से करीब दो सौ मीटर दूर कांकाठेर-ओसीता जगदेवपुर मार्ग पर रेलवे का हाइट गेज है। जिसके दोनों तरफ गहरे गड्ढे बने हुए हैं। जिनमें आए दिन वाहन फंस जाते हैं। मगर हैरत की बात यह है कि किसी ने भी हाइट गेज के दोनों तरफ बने गड्ढों की सुध नहीं ली है, जबकि मेले की तैयारियां बड़े जोर शोर से चल रही हैं। सीओ श्वेताभ भास्कर का कहना है कि रेलवे को पत्र लिखा है कि वह हाइट गेज के दोनों तरफ के गड्ढों को दुरुस्त कराए।
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मेला शुरू होने में पांच दिन बाकी, सड़क और रोशनी का काम अधूरा
गजरौला। तिगरी गंगा मेला शुरु होने में पांच दिन बचे हैं, लेकिन मेले की तैयारियां अभी अधूरी हैं। सड़क बनाने का काम पूरा नहीं हो सका। मेला स्थल पर गंगा रोड व सदर चौक को छोड़ कहीं पर बिजली के खंभे नहीं लगे, जबकि मनोरंजन के लिए झूला व हिंडोला तैयार हो गए हैं।
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देवोत्थान एकादशी पर तिगरी गंगा मेले का विधि विधान से पूजन कर शुभारंभ किया जाता है। तिगरी निवासी पंडित गंगा शरण शर्मा के मुताबिक 23 नवंबर को देवोत्थान एकादशी है। मेले की तैयारियां जोर शोर से चल रही है। मेले में दुकानदार अपना सामान लेकर पहुंचने लगे हैं। मगर हैरत की बात यह है कि अभी तक तैयारियां अधूरी हैं। सदर चौक के आस पास व गंगा रोड के अलावा कहीं पर भी बिजली के खंभे नहीं लगाए गए। जिसके चलते दिन छिपते ही मेला स्थल पर अंधेरा छा जाता है। सड़क बनाने का काम पूरा नहीं हो सका है। ट्रैक्टर रोड के सामने से गंगा घाट तक की सड़क अभी नहीं बनाई गई है। जबकि डीएम रोजाना मेले का भ्रमण कर तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश दे रहे हैं। संवाद
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कार्तिक पूर्णिमा पर लग रहे तिगरी गंगा मेले में इस बार 20 से 25 लाख श्रद्धालुओं के आने की संभावना है। मुख्य स्नान के बाद श्रद्धालुओं के ट्रैक्टर ट्रॉली तिगरी मार्ग से कांकाठेर के बाहर लगी महाराणा प्रताप की प्रतिमा के बराबर से गुजारे जाते हैं। ओसीता जगदेवपुर में रेलवे लाइन पर बने अंडरपास से करीब दो सौ मीटर दूर कांकाठेर-ओसीता जगदेवपुर मार्ग पर रेलवे का हाइट गेज है। जिसके दोनों तरफ गहरे गड्ढे बने हुए हैं। जिनमें आए दिन वाहन फंस जाते हैं। मगर हैरत की बात यह है कि किसी ने भी हाइट गेज के दोनों तरफ बने गड्ढों की सुध नहीं ली है, जबकि मेले की तैयारियां बड़े जोर शोर से चल रही हैं। सीओ श्वेताभ भास्कर का कहना है कि रेलवे को पत्र लिखा है कि वह हाइट गेज के दोनों तरफ के गड्ढों को दुरुस्त कराए।
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मेला शुरू होने में पांच दिन बाकी, सड़क और रोशनी का काम अधूरा
गजरौला। तिगरी गंगा मेला शुरु होने में पांच दिन बचे हैं, लेकिन मेले की तैयारियां अभी अधूरी हैं। सड़क बनाने का काम पूरा नहीं हो सका। मेला स्थल पर गंगा रोड व सदर चौक को छोड़ कहीं पर बिजली के खंभे नहीं लगे, जबकि मनोरंजन के लिए झूला व हिंडोला तैयार हो गए हैं।
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देवोत्थान एकादशी पर तिगरी गंगा मेले का विधि विधान से पूजन कर शुभारंभ किया जाता है। तिगरी निवासी पंडित गंगा शरण शर्मा के मुताबिक 23 नवंबर को देवोत्थान एकादशी है। मेले की तैयारियां जोर शोर से चल रही है। मेले में दुकानदार अपना सामान लेकर पहुंचने लगे हैं। मगर हैरत की बात यह है कि अभी तक तैयारियां अधूरी हैं। सदर चौक के आस पास व गंगा रोड के अलावा कहीं पर भी बिजली के खंभे नहीं लगाए गए। जिसके चलते दिन छिपते ही मेला स्थल पर अंधेरा छा जाता है। सड़क बनाने का काम पूरा नहीं हो सका है। ट्रैक्टर रोड के सामने से गंगा घाट तक की सड़क अभी नहीं बनाई गई है। जबकि डीएम रोजाना मेले का भ्रमण कर तैयारियां पूर्ण करने के निर्देश दे रहे हैं। संवाद