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Amroha News: भोले बाबा के सत्संग में गईं महिलाओं ने कहा-हादसे से कांप उठी थी रूह

Thu, 04 Jul 2024 02:06 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा Updated Thu, 04 Jul 2024 02:06 AM IST
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The women who went to Bhole Baba's satsang said that their hearts were shaken by the accident.
अमरोहा। हाथरस के सिकंदराराऊ क्षेत्र के गांव फुलरई मुगलगढ़ी में नारायण साकार हरि महाराज उर्फ भोले बाबा के सत्संग में अमरोहा देहात थानाक्षेत्र के गांव मानकजुड़ी और कैलसा बॉर्डर से भी दस से अधिक महिलाएं गई थीं। सत्संग खत्म होने के बाद सभी घर लौटने के लिए बस में सवार हो गई थीं। हादसे से पूरी तरह अनजान इन महिलाओं को पता चल तो उनकी रूह कांप गई। उनके परिजन भी परेशान हो उठे।
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बुधवार की रात उनके सकुशल घर लौटने के बाद परिजनों ने रात की सांस ली। हाथरस से लौटीं महिलाओं से हादसे के बारे में पूछा तो सभी हैरान और परेशान दिखीं। परिजनों को गले लगाया और भगवान का हाथ जोड़कर शुक्रिया अदा किया। अमरोहा देहात थानाक्षेत्र के मानकजुड़ी और कैलसा बॉर्डर के रहने कई परिवार नारायण साकार हरि महाराज उर्फ भोला बाबा से जुड़े हुए हैं। ये परिवार उनके सत्संग में जाते रहते हैं।
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नारायण साकार हरि महाराज उर्फ भोले बाबा का सिकंदराराऊ क्षेत्र के गांव फुलरई मुगलगढ़ी में सत्संग था, इसलिए मानकजुड़ी के रहने वाले सत्येंद्र की पत्नी बबीता, महेश की पत्नी क्रांति, हेमराज की पत्नी ओमवती और धृतपाल की पत्नी चंद्रकाली, कैलसा बॉर्डर पर रहने वाली रामदेई और नन्ही समेत दस से अधिक महिलाएं सोमवार की रात हाथरस के लिए निकली थीं।
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सभी कांठ से आईं अलग-अलग तीन बसों में सवार होकर गई थीं। मंगलवार की सुबह सत्संग में शामिल हुईं और दोपहर करीब दो बजे सत्संग खत्म होने के बाद घर लौटने के लिए अपनी-अपनी बस में सवार हो गईं। अन्य साथियों के आने का इंतजार करने लगीं। इस बीच सत्संग स्थल पर भगदड़ मच गई और बड़ी संख्या में लोगों की मौत हो गई लेकिन सत्संग के बाद हुए हादसे को लेकर अमरोहा की महिलाएं पूरी तरह अनजान थीं। जब हादसे की जानकारी मानकजुड़ी और कैलसा बॉर्डर के लोगों को हुई तो उन्होंने हाथरस में मौजूद महिलाओं से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की। लंबे समय तक फोन पर संपर्क नहीं हुआ तो परिजन परेशान हो उठे। किसी की कॉल नहीं उठी तो किसी का फोन बंद आ रहा था। लगातार परिजन फोन पर संपर्क करने की कोशिश करते रहे। इसके बाद रात करीब दस बजे फोन पर संपर्क हुआ तो परिजनों ने ही महिलाओं को हादसे के बारे में बताया और उनकी कुशलता पूछी लेकिन जब बबीता, क्रांति, ओमवती, चंद्रकाली, रामदेवी और नन्ही को सत्संग में हुए भयावह हादसे के बारे में पता चला तो उनकी रूह कांप गई। सभी महिलाएं बदहवास हो गईं। किसी तरह घर पहुंचने की जद्दोजहद करने लगीं। मंगलवार की रात करीब एक बजे सभी महिलाएं अपने घर आईं और तुरंत टीवी खोलकर हादसे की खबर देखी। हालांकि, बुधवार को भी महिलाएं हैरान और परेशान दिखीं।
...जब सत्संग से लौटते समय अमरोहा के 12 लोगों की सड़क हादसे में हो गई थी मौत
अमरोहा। 16 नवंबर 2014 की सुबह एक सड़क हादसे में अमरोहा जनपद के 12 लोगों की मौत हो गई थी। जबकि, चार अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए थे। इस दौरान भी ये सभी लोग नारायण साकार हरि महाराज उर्फ भोले बाबा के सत्संग से घर लौट रहे थे। हादसा कुंदर्की थानाक्षेत्र के मझुली इलाके में हुआ था। सभी लोग टाटा मैजिक में सवार थे, जिसे पीछे से अज्ञात वाहन ने जोरदार टक्कर मार दी थी। मृतकों में 10 महिलाएं और दो पुरुष शामिल थे।

अमरोहा। हाथरस में सत्संग में भगदड़ के दौरान बड़ी संख्या में लोगों को लेकर अमरोहा का प्रशासन की सतर्क हो गया। बुधवार को दिनभर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी इसकी जांच पड़ताल में जुटे रहे। प्रशासन को हाथरस से मिली सूची में कई शवों के लावारिस होने का दावा किया गया है। एएसपी राजीव कुमार सिंह ने कहा अमरोहा के कुछ लोग हाथरस सत्संग में गए थे, जो मंगलवार की रात सकुशल लौट आए हैं। हाथरस प्रशासन से लगातार संपर्क किया जा रहा है।
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