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Amroha News: छह लाख पशुओं के टीकाकरण का लक्ष्य
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अमरोहा। पशुओं को गला घोंटू बीमारी से बचाव को जिले में टीकाकरण अभियान चलाया जा रहा है। एक जून से शुरू हुए अभियान में जिले को 5.85 पशुओं को टीकाकरण करने का लक्ष्य दिया गया है। पशुपालन विभाग की टीम घर-घर जाकर पशुओं का टीकाकरण कर रही है। फिलहाल एक लाख से अधिक पशुओं टीकाकरण किया जा चुका है।
गोवंशीय एवं भैंसों में होने वाली गला घोंटू बीमारी को लेकर पशुपालन विभाग सतर्क हो गया है। विभाग को जिले में 5.85 लाख पशुओं के टीकाकरण का लक्ष्य दिया गया है। इस बीमारी में पशुओं को तेज बुखार के साथ ही गले व छाती में सूजन हो जाती है तथा नाक से स्राव होना भी शुरू हो जाता है। जिसके चलते पशु को सांस लेने में दिक्कत होने लगती है और पशु दूध देना भी कम कर देता है। पहले से ही टीकाकरण कराकर इस बीमारी पर काबू पाया जा सकता है। लक्ष्य निर्धारण के बाद जिले में टीकाकरण अभियान की शुरुआत कर दी गई है।
जिले में एक जून से अब तक एक लाख से अधिक पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. खुशीराम ने बताया कि ऐसे क्षेत्र जहां बरसात में बाढ़ का खतरा रहता हैं, वहां प्राथमिकता के आधार पर टीकाकरण किया जा रहा है। 15 जुलाई तक चलने वाले इस अभियान में सभी पशुओं का टीकाकरण पूरा कर दिया जाएगा।
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बचाव के उपाय:
- संक्रमित पशु को अन्य पशुओं से अलग रखें
- संक्रमित पशु के आस-पास चूने का छिड़काव करें
- पशु को गीले व नम मौसम से बचाएं
- वर्ष में दो बार टीकाकरण कराएं
- परेशानी बढ़ने पर पशु चिकित्सक से इलाज कराएं
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टीकाकरण से पशुओं में दूध उत्पादन में कोई कमी नहीं आती है। विभाग की टीम घर-घर पहुंचकर पशुओं का टीकाकरण कर रही है। सभी किसान भाइयों से अपील है कि पशुओं को बीमारी से बचाव के लिए टीकाकरण अवश्य कराएं। - डॉ. खुशीराम, सीवीओ
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गोवंशीय एवं भैंसों में होने वाली गला घोंटू बीमारी को लेकर पशुपालन विभाग सतर्क हो गया है। विभाग को जिले में 5.85 लाख पशुओं के टीकाकरण का लक्ष्य दिया गया है। इस बीमारी में पशुओं को तेज बुखार के साथ ही गले व छाती में सूजन हो जाती है तथा नाक से स्राव होना भी शुरू हो जाता है। जिसके चलते पशु को सांस लेने में दिक्कत होने लगती है और पशु दूध देना भी कम कर देता है। पहले से ही टीकाकरण कराकर इस बीमारी पर काबू पाया जा सकता है। लक्ष्य निर्धारण के बाद जिले में टीकाकरण अभियान की शुरुआत कर दी गई है।
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जिले में एक जून से अब तक एक लाख से अधिक पशुओं का टीकाकरण किया जा चुका है। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. खुशीराम ने बताया कि ऐसे क्षेत्र जहां बरसात में बाढ़ का खतरा रहता हैं, वहां प्राथमिकता के आधार पर टीकाकरण किया जा रहा है। 15 जुलाई तक चलने वाले इस अभियान में सभी पशुओं का टीकाकरण पूरा कर दिया जाएगा।
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बचाव के उपाय:
- संक्रमित पशु को अन्य पशुओं से अलग रखें
- संक्रमित पशु के आस-पास चूने का छिड़काव करें
- पशु को गीले व नम मौसम से बचाएं
- वर्ष में दो बार टीकाकरण कराएं
- परेशानी बढ़ने पर पशु चिकित्सक से इलाज कराएं
टीकाकरण से पशुओं में दूध उत्पादन में कोई कमी नहीं आती है। विभाग की टीम घर-घर पहुंचकर पशुओं का टीकाकरण कर रही है। सभी किसान भाइयों से अपील है कि पशुओं को बीमारी से बचाव के लिए टीकाकरण अवश्य कराएं। - डॉ. खुशीराम, सीवीओ