{"_id":"668b1c245d1c78e498026034","slug":"the-moon-of-muharram-was-sighted-jpnagar-news-c-284-1-smbd1017-121676-2024-07-08","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amroha News: मोहर्रम का चांद दिखा, गम में डूबा शिया समुदाय","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amroha News: मोहर्रम का चांद दिखा, गम में डूबा शिया समुदाय
विज्ञापन
अमरोहा। रविवार को माहे मोहर्रम का चांद दिखते ही शिया समुदाय गम में डूब गया। अजाखानों में शोक के प्रतीक काले अलम लगा दिए गए। अजादारी का सिलसिला शुरू होते ही फिजा में या हुसैन-या हुसैन की सदाएं गूंजने लगीं।
रविवार को माहे मोहर्रम का चांद दिखते ही शिया समुदाय में शोक शुरू हो गया। अजाखानों में काले अलम लगाने के बाद कहीं ढोल-ताशों तो कहीं नौबत बजने से फिजा गमगीन हो गई। इसके साथ ही देर रात तक विभिन्न अजाखानों में मजलिस और मातम का सिलसिला जारी रहा। शहर में हसन इमाम, मास्टर तबारक अली, सिब्ते सज्जाद, मुदस्सिर अली खां, कैसर मुज्तबा ने सोज-ओ-सलाम पेश किया। वहीं, घरों में महिलाओं ने भी मातम किया। अंजुमन रजाकराने हुसैनी के काईद गुलाम सज्जाद ने तीन मोहर्रम बुधवार को निकलने वाले पहले मातमी जुलूस की तैयारियां पूरी होने की बात कही।
उधर, मोहर्रम का चांद नजर आते ही नौगांवा सादात में भी मजलिस व जुलूस का सिलसिला शुरू हो गया। सोमवार को बस्ती में पहला मातमी जुलूस बरामद होगा। वहीं, रविवार शाम सभी मातमी अंजुमनों ने अलम का जुलूस निकालकर अजादारी का ऐलान किया। अजाखानों में देर रात तक हुसैनी अजादार मातम बरपा करते रहे। धर्मगुरुओं ने वाक्या-ए-कर्बला सुनाया। जिसे सुनकर हुसैनी अजादारों की आंखें नम हो गईं।
विज्ञापन
विज्ञापन
रविवार को माहे मोहर्रम का चांद दिखते ही शिया समुदाय में शोक शुरू हो गया। अजाखानों में काले अलम लगाने के बाद कहीं ढोल-ताशों तो कहीं नौबत बजने से फिजा गमगीन हो गई। इसके साथ ही देर रात तक विभिन्न अजाखानों में मजलिस और मातम का सिलसिला जारी रहा। शहर में हसन इमाम, मास्टर तबारक अली, सिब्ते सज्जाद, मुदस्सिर अली खां, कैसर मुज्तबा ने सोज-ओ-सलाम पेश किया। वहीं, घरों में महिलाओं ने भी मातम किया। अंजुमन रजाकराने हुसैनी के काईद गुलाम सज्जाद ने तीन मोहर्रम बुधवार को निकलने वाले पहले मातमी जुलूस की तैयारियां पूरी होने की बात कही।
विज्ञापन
उधर, मोहर्रम का चांद नजर आते ही नौगांवा सादात में भी मजलिस व जुलूस का सिलसिला शुरू हो गया। सोमवार को बस्ती में पहला मातमी जुलूस बरामद होगा। वहीं, रविवार शाम सभी मातमी अंजुमनों ने अलम का जुलूस निकालकर अजादारी का ऐलान किया। अजाखानों में देर रात तक हुसैनी अजादार मातम बरपा करते रहे। धर्मगुरुओं ने वाक्या-ए-कर्बला सुनाया। जिसे सुनकर हुसैनी अजादारों की आंखें नम हो गईं।
विज्ञापन