{"_id":"6a1c9454ec94a0e7600356d6","slug":"the-investigation-into-the-case-against-the-imam-of-jama-masjid-will-be-completed-soon-jpnagar-news-c-275-1-smbd1030-136065-2026-06-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amroha News: जामा मस्जिद के इमाम के खिलाफ दर्ज केस में जल्द पूरी की जाएगी विवेचना","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amroha News: जामा मस्जिद के इमाम के खिलाफ दर्ज केस में जल्द पूरी की जाएगी विवेचना
Mon, 01 Jun 2026 01:34 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Mon, 01 Jun 2026 01:34 AM IST
विज्ञापन
संभल। जामा मस्जिद के शाही इमाम के खिलाफ दर्ज हुई रिपोर्ट में जांच शुरू हो गई है। शाही इमाम पर जमीन पर कब्जा कर मकान, मस्जिद और मजार निर्माण करने का आरोप है। धोखाधड़ी समेत कई धाराओं में रिपोर्ट दर्ज हुई है। संभल सीओ कुलदीप सिंह ने बताया कि जांच शुरू करा दी गई है। इस विवेचना को जल्द पूरा कराए जाने के निर्देश दिए हैं। जो भी तथ्य सामने आएंगे उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं, दूसरी ओर इस कब्जे के मामले में डीएम कोर्ट में सुनवाई हो चुकी है। डीएम कोर्ट में फैसला सुरक्षित है और निर्णय आने पर अगली कार्रवाई की जानी है। अब निर्णय प्रशासन के पक्ष में आता है तो मस्जिद और मजार को ध्वस्त करने की कार्रवाई होना तय है।
कोतवाली क्षेत्र के गांव सैफखां सराय में यह मजार, मस्जिद स्थित है। लेखपाल मुकेश कुमार यादव ने सरकारी जमीन पर कब्जा करने के आरोप में संभल कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसमें बताया हथथै कि गाटा संख्या 452 की जमीन सार्वजनिक उपयोग के लिए आरक्षित है। इस जमीन को चकबंदी प्रक्रिया के तहत पेड़ लगाने के लिए सुरक्षित किया गया था। रिकॉर्ड में गड़बड़ी कर नाम दर्ज कर दिए गए थे लेकिन बाद में तहसीलदार संभल ने 27 जनवरी 2003 को उनके नाम खारिज कर दिए थे। भूमि को पुनः ग्राम समाज में दर्ज कर दिया गया था। इसके बावजूद, भू-माफिया प्रवृत्ति के इन व्यक्तियों ने बेशकीमती गाटे पर कब्जा बनाए रखा। आरोप यह भी है कि वक्फ बोर्ड में गलत तथ्य दर्शाकर दर्ज कराया गया है।
000000000
डीएम कोर्ट से तहसीलदार कोर्ट के पक्ष में हुआ निर्णय तो देना होगा जुर्माना
तहसीलदार कोर्ट ने जमीन खाली करने के लिए बेदखली का आदेश कर दिया है। साथ ही सात करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इस आदेश के खिलाफ ही डीएम कोर्ट में अपील की गई थी। यह जुर्माना शाही इमाम और उनके भाई पर लगाया गया है। यदि डीएम कोर्ट से तहसीलदार कोर्ट के पक्ष में निर्णय किया जाता है तो सात करोड़ रुपये का जुर्माना शाही इमाम और उनके भाई को अदा करना होगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
कोतवाली क्षेत्र के गांव सैफखां सराय में यह मजार, मस्जिद स्थित है। लेखपाल मुकेश कुमार यादव ने सरकारी जमीन पर कब्जा करने के आरोप में संभल कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज कराई है। इसमें बताया हथथै कि गाटा संख्या 452 की जमीन सार्वजनिक उपयोग के लिए आरक्षित है। इस जमीन को चकबंदी प्रक्रिया के तहत पेड़ लगाने के लिए सुरक्षित किया गया था। रिकॉर्ड में गड़बड़ी कर नाम दर्ज कर दिए गए थे लेकिन बाद में तहसीलदार संभल ने 27 जनवरी 2003 को उनके नाम खारिज कर दिए थे। भूमि को पुनः ग्राम समाज में दर्ज कर दिया गया था। इसके बावजूद, भू-माफिया प्रवृत्ति के इन व्यक्तियों ने बेशकीमती गाटे पर कब्जा बनाए रखा। आरोप यह भी है कि वक्फ बोर्ड में गलत तथ्य दर्शाकर दर्ज कराया गया है।
विज्ञापन
000000000
डीएम कोर्ट से तहसीलदार कोर्ट के पक्ष में हुआ निर्णय तो देना होगा जुर्माना
तहसीलदार कोर्ट ने जमीन खाली करने के लिए बेदखली का आदेश कर दिया है। साथ ही सात करोड़ रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इस आदेश के खिलाफ ही डीएम कोर्ट में अपील की गई थी। यह जुर्माना शाही इमाम और उनके भाई पर लगाया गया है। यदि डीएम कोर्ट से तहसीलदार कोर्ट के पक्ष में निर्णय किया जाता है तो सात करोड़ रुपये का जुर्माना शाही इमाम और उनके भाई को अदा करना होगा।
विज्ञापन