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लक्ष्य टीबी मुक्त समाज का...जिले में हर साल बढ़ रहा मरीजों का आंकड़ा

Moradabad  Bureau मुरादाबाद ब्यूरो
Updated Wed, 24 Mar 2021 12:49 AM IST
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The goal of TB free society ... The number of patients increasing every year in the district
अमरोहा। आज विश्व क्षय रोग दिवस है। जिले में टीबी संक्रमण बढ़ता जा रहा है। वर्ष 2021 में अब तक केवल तीन महीने में 621 मरीज मिले हैं। इससे पहले वर्ष-2020 में 2850 मरीज मिले थे। इसके अलावा वर्ष 2019 में 2596 और वर्ष 2018 में 2564 टीबी के मरीज मिले थे। मरीजों के बचाव और इलाज के लिए स्वास्थ्य विभाग प्रयास कर रहा है। पीड़ित को निगरानी में दवाई दी जाती है और जांच की सुविधा भी निशुल्क मुहैया करवाई जा रही है। टीबी के मरीजों का पूरा रिकॉर्ड विभाग के पास है। समय-समय पर इनकी निगरानी भी की जा रही है। वर्ष 2025 तक टीबी को खत्म करने का लक्ष्य है। लेकिन साल दर साल मरीजों की संख्या बढ़ना चिंता का विषय हैं। इसके लिए लोगों को जागरूक होना पड़ेगा। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ सौभाग्य प्रकाश ने बताया जनपद में टीबी के रोगियों की खोज के लिए सभी ब्लॉकों में संचारी रोग के साथ टीबी के रोगियों की खोज के लिए अभियान चलाया गया है। टीमों द्वारा घर-घर जाकर संदिग्ध लोगों की खोज की गई है। उनके सैंपल लेकर जांच के लिए लैब भेजे थे। टीबी संक्रमित मरीजों को उपचार दिया जा रहा है।
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किस वर्ष में कितने मरीज मिले
वर्ष----------------मरीज
2018--------------2564
2019--------------2596
2020--------------2850
2021 के तीन महीने में 621
इस वजह से होती है टीबी
क्षय रोग अधिकारी डॉ मुमताज अंसारी ने बताया कि टीबी रोग एक बैक्टीरिया के संक्रमण के कारण होता है। इसे फेफड़ों का रोग माना जाता है, लेकिन यह फेफड़ों से रक्त प्रवाह के साथ शरीर के अन्य भागों में भी फैल सकता है। रोग सांस के जरिए शरीर में प्रवेश करते हैं। किसी रोगी के खांसने, बात करने, छींकने या थूकने के समय बलगम और थूक की बहुत ही छोटी-छोटी बूंदें हवा में फैल जाती हैं। जिनमें उपस्थित बैक्टीरिया कई घंटों तक हवा में रह सकते हैं और स्वस्थ व्यक्ति के शरीर में सांस लेते समय प्रवेश करके रोग पैदा करते हैं। औद्योगीकरण और तंग रहन-सहन भी टीबी का कारण माना जा रहा है।
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टीबी के लक्षण
. भूख न लगना, कम लगना तथा वजन अचानक कम हो जाना।
. बेचैनी एवं सुस्ती छाई रहना, सीने में दर्द का एहसास होना, थकावट रहना व रात में पसीना आना।
. हल्का बुखार रहना।
. खांसी आती रहना, खांसी में बलगम आना तथा बलगम में खून आना। कभी-कभी जोर से अचानक खांसी में खून आ जाना।
. गर्दन की लिम्फ ग्रंथियों में सूजन आ जाना तथा वहीं फोड़ा होना।
. गहरी सांस लेने में सीने में दर्द होना, कमर की हड्डी पर सूजन, घुटने में दर्द, घुटने मोड़ने में परेशानी आदि।
. महिलाओं को टेम्प्रेचर के साथ गर्दन जकड़ना, आंखें ऊपर को चढ़ना या बेहोशी आना ट्यूबरकुलस मेनिन्जाइटिस के लक्षण हैं।
. पेट की टीबी में पेट दर्द, अतिसार या दस्त, पेट फूलना आदि होते हैं।
. टीबी न्यूमोनिया के लक्षण में तेज बुखार, खांसी और छाती में दर्द होता है।
टीबी मरीजों के लिए सलाह
. टीबी की दवा नियमित रूप से लें
. कोरोना के लक्षण दिखने पर चिकित्सक से सलाह लें
. घर से बाहर निकलते वक्त मास्क जरूर लगाएं
. स्वस्थ व्यक्ति के ज्यादा करीब जाने से बचें
. छींकते-खांसते वक्त मुंह पर रुमाल जरूर रखें
. पौष्टिक और संतुलित आहार लें
. अपना रूम किसी के साथ शेयर न करें
. स्वच्छता का विशेष खयाल रखें
बचाव के तरीके
. दो हफ्ते से ज्यादा खांसी होने पर डॉक्टर को दिखाएं। दवा का पूरा कोर्स लें
. मरीज हवादार और अच्छी रोशनी वाले कमरे में रहे। साथ ही एसी से परहेज करे
. पौष्टिक खाना खाए, एक्सरसाइज और योग करें
. बीड़ी, सिगरेट, हुक्का, तंबाकू, शराब आदि से परहेज करें
. भीड़-भाड़ वाली और गंदी जगहों पर जाने से बचें
. बच्चे के जन्म पर बीसीजी का टीका लगवाएं
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