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व कपड़े मिलने पर चेहरों पर आई खुशी
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बेसहारा बच्चों को आतिशबाजी व कपड़े भेंट करते हुए पालिकाध्यक्ष राजेश सैनी
- फोटो : DHANAURA
मंडी धनौरा। नगर पालिका अध्यक्ष राजेश सैनी ने दीपावली के मौके पर जरूरतमंद बच्चों को नए कपड़े, मिठाई व आतिशबाजी बांटी। साथ ही उन्होंने तीन बच्चों के लिए प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने का आश्वासन भी दिया है।
नगर के मोहल्ला गांधी नगर में रहने वाले रोहन, प्रिया व एकांत की माता पिता की मौत हो चुकी है। जिससे तीनों बच्चे बेसहारा हो गए। परिवार का खर्च चलाने के लिए रोहन मेहनत करता है। नाबालिग होने के कारण उसको कोई अपने यहां नौकरी पर भी नहीं रखता है। अमर उजाला द्वारा तीनों बच्चों की कहानी प्रकाशित करने के बाद उनकी सहायता के लिए कई लोगों ने अपने हाथ आगे बढ़ाए। छोटी बहन प्रिया व एकांत का प्राइमरी स्कूल में दाखिला करा दिया गया। बच्चों की कहानी की जानकारी मिलने पर बुधवार को पालिकाध्यक्ष राजेश सैनी ने तीनों बच्चों को अपने कैंप कार्यालय पर बुलाकर उनको नए कपड़े, आतिशबाजी व मिठाई भेंट की। नए कपड़े, आतिशबाजी व मिठाई पाकर तीनों के चेहरों पर खुशी झलक रही थी। प्रिया व एकांत का कहना था कि वे अपने जीवन में शायद पहली बार आतिशबाजी छोडे़ंगे। इस मौके पर डोली सैनी, लवी सैनी आदि मौजूद थे।
दीपावली के लिए लोहा एकत्र करने गया था रोहन
मंडी धनौरा। तीनों बच्चों की मदद के लिए तमाम लोग सामने आए हैं। लेकिन उसके बावजूद जब तक रोहन बालिग होकर किसी काम पर नहीं लग जाता है, तब तक तीनों बच्चों की परवरिश बेहद अहम है। रोहन ने बताया कि दीपावली के त्योहार के लिए वह अपने छोटे भाई के साथ वेव इंडस्ट्रीज के स्टील प्लांट पर गया था। वहां आसपास बिखरा पड़ा लगभग 10 किलोग्राम लोहे का कबाड़ चुन कर लाया है। संवाद
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नगर के मोहल्ला गांधी नगर में रहने वाले रोहन, प्रिया व एकांत की माता पिता की मौत हो चुकी है। जिससे तीनों बच्चे बेसहारा हो गए। परिवार का खर्च चलाने के लिए रोहन मेहनत करता है। नाबालिग होने के कारण उसको कोई अपने यहां नौकरी पर भी नहीं रखता है। अमर उजाला द्वारा तीनों बच्चों की कहानी प्रकाशित करने के बाद उनकी सहायता के लिए कई लोगों ने अपने हाथ आगे बढ़ाए। छोटी बहन प्रिया व एकांत का प्राइमरी स्कूल में दाखिला करा दिया गया। बच्चों की कहानी की जानकारी मिलने पर बुधवार को पालिकाध्यक्ष राजेश सैनी ने तीनों बच्चों को अपने कैंप कार्यालय पर बुलाकर उनको नए कपड़े, आतिशबाजी व मिठाई भेंट की। नए कपड़े, आतिशबाजी व मिठाई पाकर तीनों के चेहरों पर खुशी झलक रही थी। प्रिया व एकांत का कहना था कि वे अपने जीवन में शायद पहली बार आतिशबाजी छोडे़ंगे। इस मौके पर डोली सैनी, लवी सैनी आदि मौजूद थे।
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दीपावली के लिए लोहा एकत्र करने गया था रोहन
मंडी धनौरा। तीनों बच्चों की मदद के लिए तमाम लोग सामने आए हैं। लेकिन उसके बावजूद जब तक रोहन बालिग होकर किसी काम पर नहीं लग जाता है, तब तक तीनों बच्चों की परवरिश बेहद अहम है। रोहन ने बताया कि दीपावली के त्योहार के लिए वह अपने छोटे भाई के साथ वेव इंडस्ट्रीज के स्टील प्लांट पर गया था। वहां आसपास बिखरा पड़ा लगभग 10 किलोग्राम लोहे का कबाड़ चुन कर लाया है। संवाद
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