फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Amroha News ›   The dream of becoming an entrepreneur is dying at the doorsteps of the banks.

Amroha News: बैंकों की चौखटों पर दम तोड़ रहा युवाओं के उद्यमी बनने का सपना

Sat, 11 Oct 2025 02:27 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा Updated Sat, 11 Oct 2025 02:27 AM IST
विज्ञापन
The dream of becoming an entrepreneur is dying at the doorsteps of the banks.
अमरोहा। सीएम युवा उद्यमी योजना के तहत युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने की सरकार की मुहिम बैंकों की लेटलतीफी के कारण परवान नहीं चढ़ पा रही है। इसकी वजह से बैंकों में बड़ी संख्या में आवेदन लंबित पड़े हैं। उद्योग विभाग के आंकड़ों के अनुसार बैंकों को ऋण के लिए 3301 आवेदन भेजे गए थे जिनमें से 799 युवाओं को ही लोन मिल सका है।
विज्ञापन


सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों की स्थापना के लिए सरकार की ओर से विभिन्न योजनाओं के तहत 10 से 20 लाख रुपये तक का ऋण दिया जा रहा है लेकिन नए उद्योग लगाने की कोशिश में जुटे युवाओं को बैंकों के ऋण देने में आनाकानी करने से योजना परवान नहीं चढ़ पा रही है। आवेदन के बाद भी महीनों तक फाइलें बैंकों में धूल फांकती रहती हैं। इसके बाद उन्हें अलग-अलग कारण बताते हुए अस्वीकृत कर दिया जा रहा है।
विज्ञापन


बैंक में लोन के लिए आवेदन करने वाले युवाओं की मानें तो कई बार चक्कर लगाने के बाद भी उनका लोन स्वीकृत नहीं किया जाता है। उद्योग विभाग के आंकड़ों के अनुसार जिले को इस बार 1800 लक्ष्य के सापेक्ष 3828 आवेदन मिले थे। इनमें से 3301 आवेदन बैंकों में भेजे गए थे जिसमें से केवल 799 युवाओं को लोन मिल सका है।
विज्ञापन
विज्ञापन






1800 युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ने का लक्ष्य

योजना के तहत जिले में इस साल 1800 युवाओं का स्वरोजगार से जोड़ने का लक्ष्य मिला है जबकि पिछले साल एक हजार युवाओं का लक्ष्य दिया गया था लेकिन बैंकों की उदासीनता युवाओं को इंतजार करा रही है।



लगातार हो रही समीक्षा

योजना की प्रगति के लिए डीएम लगातार हर माह समीक्षा कर बैंकों को निर्देश देतीं हैं लेकिन इसके बारे भी बैंकों की स्थिति ठीक नही है। लगातार समीक्षा के बाद भी बैंकों में बड़ी संख्या में आवेदन लंबित चल रहे हैं।




इस तरह से बैंक कर रहे परेशान

आवेदक राशिद कुरेशी ने बताया कि बैंक आसानी से युवाओं की फाइलों स्वीकृत नहीं कर रहे है। इससे आवेदक कभी बैंकों तो कभी जिला उद्योग केंद्र के चक्कर काट रहे है। आरोप है कि इसमें बैंक मैनेजर और फील्ड ऑफिसर का खेल है। उनके मुताबिक अगर साठगांठ हो गई तो ठीक वरना दूसरा खेल शुरू कर देते हैं। बैंक की ओर से ऋण आवेदकों को फोन किया जाता है कि वह किसी दूसरी बैंक में दूसरा खाता खुलवा लें इस बैंक से ऋण स्वीकृत नहीं हो पाएगा। इसको लेकर युवाओं का युवा उद्यमी बनने से सपना टूटता नजर आ रहा है।





बैंकों के साथ लगातार समन्वय कर युवाओं को योजना का लाभ दिलाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। - शैलेंद्र सिंह, उपायुक्त, उद्योग
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed