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बेमौसम हुई बारिश ने रोका हसनपुर और चंदनपुर मिलों का पहिया
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गजरौला क्षेत्र में गन्ना क्रय केंद्र के निकट भरा पानी।
- फोटो : JPNAGAR
गजरौला। बेमौसम हुई बारिश ने जनपद के किसान सहकारी चीनी मिल हसनपुर व त्रिवेणी शुगर मिल चंदनपुर का पहिया रोक दिया है। गन्ना क्रय केंद्र स्थलों पर पानी भरा होने के कारण तौल ठीक से नहीं हो पा रही। इसी वजह से चीनी मिल शुरू नहीं हुई हैं, जबकि 24 और 25 अक्तूबर को दोनों मिलों का चक्का घूमना था। अब चीनी मिलें 28 अक्तूबर व एक नवंबर को चलाने की बात कही जा रही है।
बेमौसम बरसात ने फसलों को ही नुकसान नहीं पहुंचाया है, बल्कि औद्योगिक इकाइयों को भी प्रभावित किया है। जहां ईंधन भीग जाने के कारण गन्ना कोल्हू भी बंद हो गए हैं। वहीं शुगर मिल चालू नहीं हुई हैं। जनपद की दि किसान सहकारी चीनी हसनपुर 24 अक्तूबर को चलाया जाना था, जबकि त्रिवेणी शुगर मिल चंदनपुर को चलाए जाने की तारीख 25 अक्तूबर मुकर्रर की गई थी, लेकिन बीते सप्ताह हुई मूसलाधार बारिश से गन्ना क्रय केंद्र स्थलों पर पानी भर जाने के बाद अब कीचड़ हो गया। जिसके चलते न तो किसान क्रय केंद्रों तक गन्ना लेकर जा सकते न ही गन्ने का भी उठान नहीं किया जा सकता। इसी वजह से दोनों मिलों का मुकर्रर तारीख पर पहिया नहीं घूमा। अब हसनपुर चीनी मिल दो दिन बाद 28 अक्तूबर को चलाई जाएगी, जबकि त्रिवेणी शुगर मिल चंदनपुर एक नवंबर को चलाने की तारीख निश्चित की गई है।
63 हजार किसान करते हैं गन्ना आपूर्ति
गजरौला। दि किसान सहकारी चीनी मिल हसनपुर को 23 हजार 500 किसान गन्ना आपूर्ति करते हैं। जबकि चंदनपुर मिल पर किसानों की संख्या तकरीबन दोगुना अधिक है। त्रिवेणी शुगर मिल चंदनपुर को 40 हजार किसान गन्ना आपूर्ति करते हैं। जहां चीनी मिल नहीं चले हैं, वहीं किसान जरूरतों को पूरा करने के लिए कोल्हुओं पर गन्ना डालने को मजबूर हैं।
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पहले हसनपुर चीनी मिल 24 अक्तूबर और त्रिवेणी शुगर चंदनपुर 25 अक्तूबर को चलाया जाना था। अब हसनपुर मिल 28 अक्तूबर को चलेगी। इसके लिए उनको निमंत्रण भी मिल गया है। त्रिवेणी शुगर मिल चंदनपुर एक नवंबर को चलाई जाएगी। -प्रीतम सिंह ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक गन्ना विकास समिति गजरौला
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बेमौसम बरसात ने फसलों को ही नुकसान नहीं पहुंचाया है, बल्कि औद्योगिक इकाइयों को भी प्रभावित किया है। जहां ईंधन भीग जाने के कारण गन्ना कोल्हू भी बंद हो गए हैं। वहीं शुगर मिल चालू नहीं हुई हैं। जनपद की दि किसान सहकारी चीनी हसनपुर 24 अक्तूबर को चलाया जाना था, जबकि त्रिवेणी शुगर मिल चंदनपुर को चलाए जाने की तारीख 25 अक्तूबर मुकर्रर की गई थी, लेकिन बीते सप्ताह हुई मूसलाधार बारिश से गन्ना क्रय केंद्र स्थलों पर पानी भर जाने के बाद अब कीचड़ हो गया। जिसके चलते न तो किसान क्रय केंद्रों तक गन्ना लेकर जा सकते न ही गन्ने का भी उठान नहीं किया जा सकता। इसी वजह से दोनों मिलों का मुकर्रर तारीख पर पहिया नहीं घूमा। अब हसनपुर चीनी मिल दो दिन बाद 28 अक्तूबर को चलाई जाएगी, जबकि त्रिवेणी शुगर मिल चंदनपुर एक नवंबर को चलाने की तारीख निश्चित की गई है।
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63 हजार किसान करते हैं गन्ना आपूर्ति
गजरौला। दि किसान सहकारी चीनी मिल हसनपुर को 23 हजार 500 किसान गन्ना आपूर्ति करते हैं। जबकि चंदनपुर मिल पर किसानों की संख्या तकरीबन दोगुना अधिक है। त्रिवेणी शुगर मिल चंदनपुर को 40 हजार किसान गन्ना आपूर्ति करते हैं। जहां चीनी मिल नहीं चले हैं, वहीं किसान जरूरतों को पूरा करने के लिए कोल्हुओं पर गन्ना डालने को मजबूर हैं।
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पहले हसनपुर चीनी मिल 24 अक्तूबर और त्रिवेणी शुगर चंदनपुर 25 अक्तूबर को चलाया जाना था। अब हसनपुर मिल 28 अक्तूबर को चलेगी। इसके लिए उनको निमंत्रण भी मिल गया है। त्रिवेणी शुगर मिल चंदनपुर एक नवंबर को चलाई जाएगी। -प्रीतम सिंह ज्येष्ठ गन्ना विकास निरीक्षक गन्ना विकास समिति गजरौला