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हसनपुर के सुविज्ञ एस चंद्र को मिली यूपीएससी में 394 वीं रैंक
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संघ लोक सेवा आयोग 2021 की परीक्षा में हसनपुर के सुविज्ञ एस चंद्र को भी सफलता मिली है। उन्होंने 394 वीं रैंक प्राप्त की है। उनकी सफलता से परिजनों में खुशी का माहौल है।
नगर के मोहल्ला मनापुर निवासी रमेशचंद्र सिंह तहसील में अधिवक्ता हैं। उन्होंने बताया कि बड़े भाई सतीशचंद्रा का परिवार दिल्ली के बसंत कुंज में रहता है। सतीशचंद्रा ओएनजीसी में प्रबंधक हैं। उनके इकलौते बेटे सुविज्ञ एस चंद्रा की प्रारंभिक शिक्षा दिल्ली में ही हुई है। आईआईटी मुंबई से इंजीनियरिंग करने के बाद कुछ समय के लिए कंपनी में नौकरी की। इसके बाद नौकरी छोड़कर सिविल सेवा की तैयारी की। दिल्ली में ही कोचिंग की। उन्होंने बताया दो बार वह इंटरव्यू से बाहर हो गए थे।
तीसरे प्रयास में संघ लोक सेवा आयोग 2021 की परीक्षा में सफलता हाथ ली। उन्होंने 394 वीं रैंक प्राप्त की है। इससे परिवार के लोगों में खुशी का माहौल है। सुविज्ञ एस चंद्रा की छोटी बहन इंजीनियर है। सुविज्ञ के दादा रामफूल सुमन भी कुछ समय पूर्व खंड विकास अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। अधिवक्ता सतीशचंद्र सिंह ने बताया कि बड़े भाई का परिवार त्योहारों पर एवं विशेष आयोजनों में शामिल होने के लिए अक्सर अपने पैतृक घर हसनपुर में आते रहते हैं।
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नगर के मोहल्ला मनापुर निवासी रमेशचंद्र सिंह तहसील में अधिवक्ता हैं। उन्होंने बताया कि बड़े भाई सतीशचंद्रा का परिवार दिल्ली के बसंत कुंज में रहता है। सतीशचंद्रा ओएनजीसी में प्रबंधक हैं। उनके इकलौते बेटे सुविज्ञ एस चंद्रा की प्रारंभिक शिक्षा दिल्ली में ही हुई है। आईआईटी मुंबई से इंजीनियरिंग करने के बाद कुछ समय के लिए कंपनी में नौकरी की। इसके बाद नौकरी छोड़कर सिविल सेवा की तैयारी की। दिल्ली में ही कोचिंग की। उन्होंने बताया दो बार वह इंटरव्यू से बाहर हो गए थे।
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तीसरे प्रयास में संघ लोक सेवा आयोग 2021 की परीक्षा में सफलता हाथ ली। उन्होंने 394 वीं रैंक प्राप्त की है। इससे परिवार के लोगों में खुशी का माहौल है। सुविज्ञ एस चंद्रा की छोटी बहन इंजीनियर है। सुविज्ञ के दादा रामफूल सुमन भी कुछ समय पूर्व खंड विकास अधिकारी के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। अधिवक्ता सतीशचंद्र सिंह ने बताया कि बड़े भाई का परिवार त्योहारों पर एवं विशेष आयोजनों में शामिल होने के लिए अक्सर अपने पैतृक घर हसनपुर में आते रहते हैं।
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