{"_id":"67575b38ea8040357f0d7a04","slug":"sugar-mills-owe-farmers-rs-44-crore-jpnagar-news-c-284-1-jpn1002-130516-2024-12-10","type":"story","status":"publish","title_hn":"Amroha News: चीनी मिलों पर किसानों का 44 करोड़ रुपये का बकाया","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Amroha News: चीनी मिलों पर किसानों का 44 करोड़ रुपये का बकाया
Tue, 10 Dec 2024 02:33 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Tue, 10 Dec 2024 02:33 AM IST
विज्ञापन
अमरोहा।
सुप्रीम कोर्ट ने चीनी मिलों को भले ही 14 दिनों के भीतर गन्ना मूल्य भुगतान के आदेश दे रखे हों। लेकिन, हकीकत इससे जुदा है। जरूरत के समय किसानों को उनकी फसल के मूल्य का भुगतान भी नहीं मिल पा रहा है। यही वजह है कि जिले से गन्ने की खरीद कर रहीं चीनी मिलों पर किसानों का 44 करोड़ बकाया है। वहीं, भुगतान के मामले में मंडी धनौरा की वेव शुगर मिल व हसनपुर की कोऑपरेटिव शुगर मिल सबसे पीछे चल रही हैं, तो चांगीपुर मिल भुगतान के मामले में सबसे अव्वल चल रही है।
जिले में 100940 हेक्टेयर जमीन में 1.70 लाख किसान गन्ने की खेती करते हैं। जिले में सबसे अधिक जमीन पर गन्ने का ही रकबा है। जिस पर किसानों की आजीविका निर्भर रहती है। साथ ही जिले की तीन शुगर मिलों के अलावा गैर जनपदों की सात शुगर मिलें यहां से गन्ने की खरीद करती हैं। लेकिन, जरूरत के समय किसानों को उनकी फसल का मूल्य नहीं मिल पाता है। 14 दिनों में भुगतान के सुप्रीम कोर्ट के आदेश का असर भी मिलों पर नहीं दिखाई दे रहा है। मंडी धनौरा की वेव शुगर मिल व हसनपुर की कोऑपरेटिव मिल ने 15 नवंबर के बाद खरीदे गए गन्ने का भुगतान नहीं किया है। मंडी धनौरा की शुगर मिल पर 30.8 करोड़ रुपये किसानों का बकाया है, जबकि हसनपुर मिल पर 8.03 करोड़ रुपये का भुगतान किसानों का बकाया है।
-- -
चांगीपुर शुगर मिल ने भेजा सात दिसंबर तक का भुगतान
गन्ना विभाग कार्यालय के अनुसार चांगीपुर की बिंदल शुगर मिल किसानों के गन्ना मूल्य भुगतान में सबसे आगे है। शुगर मिल द्वारा सात दिसंबर तक खरीदे गए गए 22.4 लाख क्विंटल गन्ने का भुगतान समितियों को भेज दिया है। मिल के उपाध्यक्ष जितेंद्र कुमार मलिक ने बताया कि मिल द्वारा चार नवंबर से सात दिसंबर के बीच खरीदे गए गन्ने का 21.03 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया गया है।
विज्ञापन
-- -
किस मिल पर कितना बकाया
शुगर मिल - बकाया (करोड़ रुपये में)
धनौरा - 30.80
हसनपुर - 8.03
अगवानपुर - 5.07
-- -
सभी शुगर मिल को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में 14 दिनों में गन्ना मूल्य भुगतान किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। अगर किसी मिल द्वारा भुगतान में देरी की जाएगी तो उसको नोटिस जारी किया जाएगा। - मनोज कुमार, डीसीओ
विज्ञापन
सुप्रीम कोर्ट ने चीनी मिलों को भले ही 14 दिनों के भीतर गन्ना मूल्य भुगतान के आदेश दे रखे हों। लेकिन, हकीकत इससे जुदा है। जरूरत के समय किसानों को उनकी फसल के मूल्य का भुगतान भी नहीं मिल पा रहा है। यही वजह है कि जिले से गन्ने की खरीद कर रहीं चीनी मिलों पर किसानों का 44 करोड़ बकाया है। वहीं, भुगतान के मामले में मंडी धनौरा की वेव शुगर मिल व हसनपुर की कोऑपरेटिव शुगर मिल सबसे पीछे चल रही हैं, तो चांगीपुर मिल भुगतान के मामले में सबसे अव्वल चल रही है।
जिले में 100940 हेक्टेयर जमीन में 1.70 लाख किसान गन्ने की खेती करते हैं। जिले में सबसे अधिक जमीन पर गन्ने का ही रकबा है। जिस पर किसानों की आजीविका निर्भर रहती है। साथ ही जिले की तीन शुगर मिलों के अलावा गैर जनपदों की सात शुगर मिलें यहां से गन्ने की खरीद करती हैं। लेकिन, जरूरत के समय किसानों को उनकी फसल का मूल्य नहीं मिल पाता है। 14 दिनों में भुगतान के सुप्रीम कोर्ट के आदेश का असर भी मिलों पर नहीं दिखाई दे रहा है। मंडी धनौरा की वेव शुगर मिल व हसनपुर की कोऑपरेटिव मिल ने 15 नवंबर के बाद खरीदे गए गन्ने का भुगतान नहीं किया है। मंडी धनौरा की शुगर मिल पर 30.8 करोड़ रुपये किसानों का बकाया है, जबकि हसनपुर मिल पर 8.03 करोड़ रुपये का भुगतान किसानों का बकाया है।
विज्ञापन
चांगीपुर शुगर मिल ने भेजा सात दिसंबर तक का भुगतान
गन्ना विभाग कार्यालय के अनुसार चांगीपुर की बिंदल शुगर मिल किसानों के गन्ना मूल्य भुगतान में सबसे आगे है। शुगर मिल द्वारा सात दिसंबर तक खरीदे गए गए 22.4 लाख क्विंटल गन्ने का भुगतान समितियों को भेज दिया है। मिल के उपाध्यक्ष जितेंद्र कुमार मलिक ने बताया कि मिल द्वारा चार नवंबर से सात दिसंबर के बीच खरीदे गए गन्ने का 21.03 करोड़ रुपये का भुगतान कर दिया गया है।
विज्ञापन
किस मिल पर कितना बकाया
शुगर मिल - बकाया (करोड़ रुपये में)
धनौरा - 30.80
हसनपुर - 8.03
अगवानपुर - 5.07
सभी शुगर मिल को सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में 14 दिनों में गन्ना मूल्य भुगतान किए जाने के निर्देश दिए गए हैं। अगर किसी मिल द्वारा भुगतान में देरी की जाएगी तो उसको नोटिस जारी किया जाएगा। - मनोज कुमार, डीसीओ