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Amroha News: जनपद के कोचिंग सेंटरों में छात्रों की सुरक्षा भगवान भरोसे, आग बुझाने के नहीं इंतजाम
Tue, 23 Jun 2026 02:00 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Tue, 23 Jun 2026 02:00 AM IST
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अमरोहा। लखनऊ में कोचिंग सेंटर में आग लगने की घटना के बाद अमरोहा जिले में संचालित कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जिले में 500 से अधिक कोचिंग सेंटर संचालित हैं, लेकिन इनमें से अधिकांश के पास अग्निशमन विभाग की अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) नहीं है। शहर और कस्बों में बड़ी संख्या में कोचिंग संस्थान बिना सुरक्षा मानकों के संचालित हो रहे हैं, जिससे हजारों छात्रों की जान जोखिम में बनी हुई है।
अमरोहा शहर के बड़ा बाजार, मोहल्ला कोट, बटवाल, लकड़ा चौराहा समेत कई क्षेत्रों में दर्जनों कोचिंग सेंटर संचालित हैं। इनमें से कई संस्थान संकरी गलियों, बहुमंजिला इमारतों और बेसमेंट में चल रहे हैं, जहां आपात स्थिति में सुरक्षित निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। शहर में कुछ कोचिंग सेंटर दूसरी मंजिल पर भी संचालित हो रहे हैं, जबकि आग लगने की स्थिति में वहां से छात्रों को सुरक्षित बाहर निकालना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। जानकारी के अनुसार जिले में केवल तीन कोचिंग सेंटरों के पास ही दमकल विभाग की एनओसी है।
बाकी कोचिंग सेंटर बिना अनुमति और सुरक्षा मानकों के संचालन कर रहे हैं। कई स्थानों पर अग्निशमन यंत्र, आपातकालीन निकास द्वार और सुरक्षा संकेतक तक उपलब्ध नहीं हैं। सोमवार को लखनऊ में कोचिंग सेंटर में आग लगने से 15 लोगों की मौत और कई छात्रों के झुलसने की घटना ने अभिभावकों और प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। घटना के बाद जिले में कोचिंग सेंटरों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की मांग तेज हो गई है। डीएम ने बताया कि जिले के सभी कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण कराया जाएगा।
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इसके लिए टीम गठित की जा रही हैं। बिना एनओसी और सुरक्षा मानकों के संचालित संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. प्रवेश कुमार ने कहा कि छात्रों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।
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अमरोहा शहर के बड़ा बाजार, मोहल्ला कोट, बटवाल, लकड़ा चौराहा समेत कई क्षेत्रों में दर्जनों कोचिंग सेंटर संचालित हैं। इनमें से कई संस्थान संकरी गलियों, बहुमंजिला इमारतों और बेसमेंट में चल रहे हैं, जहां आपात स्थिति में सुरक्षित निकासी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। शहर में कुछ कोचिंग सेंटर दूसरी मंजिल पर भी संचालित हो रहे हैं, जबकि आग लगने की स्थिति में वहां से छात्रों को सुरक्षित बाहर निकालना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। जानकारी के अनुसार जिले में केवल तीन कोचिंग सेंटरों के पास ही दमकल विभाग की एनओसी है।
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बाकी कोचिंग सेंटर बिना अनुमति और सुरक्षा मानकों के संचालन कर रहे हैं। कई स्थानों पर अग्निशमन यंत्र, आपातकालीन निकास द्वार और सुरक्षा संकेतक तक उपलब्ध नहीं हैं। सोमवार को लखनऊ में कोचिंग सेंटर में आग लगने से 15 लोगों की मौत और कई छात्रों के झुलसने की घटना ने अभिभावकों और प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है। घटना के बाद जिले में कोचिंग सेंटरों की सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की मांग तेज हो गई है। डीएम ने बताया कि जिले के सभी कोचिंग सेंटरों का निरीक्षण कराया जाएगा।
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इसके लिए टीम गठित की जा रही हैं। बिना एनओसी और सुरक्षा मानकों के संचालित संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। जिला विद्यालय निरीक्षक डॉ. प्रवेश कुमार ने कहा कि छात्रों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।