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पिछड़ा वर्ग आरक्षण में उपवर्गीकरण कराए प्रदेश सरकार : सत्यपाल
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अमरोहा। सुभासपा जिलाध्यक्ष सत्यपाल तोमर ने कहा कि उत्तर प्रदेश में पिछड़ा वर्ग को दिए जा रहे 27 प्रतिशत आरक्षण में उपवर्गीकरण करते हुए सामाजिक न्याय समिति की रिपोर्ट को तत्काल लागू किया जाए। आगामी त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव इसी आधार पर कराए जाएं। इस संबंध में उन्होंने सीएम को संबोधित ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर को सौंपा।
मंगलवार को कलक्ट्रेट पहुंचकर सत्यपाल तोमर डिप्टी कलक्टर से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि साल 2001 में तत्कालीन मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह के कार्यकाल में हुकुम सिंह समिति का गठन हुआ था। समिति ने पिछड़े वर्गों को आरक्षण का लाभ समान रूप से दिलाने के लिए उपवर्गीकरण की सिफारिश की थी। सरकार बदलने के कारण वह रिपोर्ट अमल में नहीं लाई जा सकी।
इसके बाद 2017 में भाजपा सरकार द्वारा एक बार फिर सामाजिक न्याय समिति गठित की गई। इसकी अध्यक्षता सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति राघवेंद्र सिंह ने की। समिति ने रिपोर्ट में 27 प्रतिशत आरक्षण को तीन वर्गों में बांटने की सिफारिश की। इसमें पिछड़ा वर्ग 7 प्रतिशत, अति पिछड़ा वर्ग 9 प्रतिशत व सर्वाधिक पिछड़ा वर्ग 11 प्रतिशत हो। उन्होंने कहा कि अब तक यह रिपोर्ट लागू न होने से अन्य पिछड़ी जातियों का बड़ा वर्ग आरक्षण से वंचित है। देश के कई राज्यों जैसे हरियाणा में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार आरक्षण में वर्गीकरण किया गया है। उनकी मांग है कि प्रदेश में भी सामाजिक न्याय समिति की रिपोर्ट को अविलंब लागू की जाए। इस दौरान आदेश अमरोही, सुरेंद्र सिंह, अतीकुर्रहमान, विशाल कुमार, विवेक आदि मौजूद रहे।
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मंगलवार को कलक्ट्रेट पहुंचकर सत्यपाल तोमर डिप्टी कलक्टर से मुलाकात की। उन्होंने कहा कि साल 2001 में तत्कालीन मुख्यमंत्री राजनाथ सिंह के कार्यकाल में हुकुम सिंह समिति का गठन हुआ था। समिति ने पिछड़े वर्गों को आरक्षण का लाभ समान रूप से दिलाने के लिए उपवर्गीकरण की सिफारिश की थी। सरकार बदलने के कारण वह रिपोर्ट अमल में नहीं लाई जा सकी।
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इसके बाद 2017 में भाजपा सरकार द्वारा एक बार फिर सामाजिक न्याय समिति गठित की गई। इसकी अध्यक्षता सेवानिवृत्त न्यायमूर्ति राघवेंद्र सिंह ने की। समिति ने रिपोर्ट में 27 प्रतिशत आरक्षण को तीन वर्गों में बांटने की सिफारिश की। इसमें पिछड़ा वर्ग 7 प्रतिशत, अति पिछड़ा वर्ग 9 प्रतिशत व सर्वाधिक पिछड़ा वर्ग 11 प्रतिशत हो। उन्होंने कहा कि अब तक यह रिपोर्ट लागू न होने से अन्य पिछड़ी जातियों का बड़ा वर्ग आरक्षण से वंचित है। देश के कई राज्यों जैसे हरियाणा में सुप्रीम कोर्ट के निर्देशानुसार आरक्षण में वर्गीकरण किया गया है। उनकी मांग है कि प्रदेश में भी सामाजिक न्याय समिति की रिपोर्ट को अविलंब लागू की जाए। इस दौरान आदेश अमरोही, सुरेंद्र सिंह, अतीकुर्रहमान, विशाल कुमार, विवेक आदि मौजूद रहे।
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