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एसपी दफ्तर पर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी, हंगामा
ब्यूरो/अमर उजाला अमरोहा
Updated Tue, 16 May 2017 01:29 AM IST
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पुलिस
- फोटो : demo pic
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विश्व हिन्दू महासंघ (भारत) के कार्यकर्ताओं ने पुलिस अफसरों के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। सोमवार को एसपी आफिस पर पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारे लगाए और खनन माफिया से पुलिस की हमसाज होने और जांचों को दबाने के आरोप भी मढ़े।
डीआईजी के आदेशों को दबाने एवं एएसपी पर कार्यालय में महासंघ नेताओं को हड़काने की बात भी कही। बहरहाल एसपी ने पदाधिकारियों को समझाकर शांत किया। साथ ही अपने स्तर से प्रकरण की जांच का भरोसा दिलाया। इसके बाद कार्यकर्ता शांति के साथ लौट गए।
महासंघ के कार्यकर्ता प्रदेश उपाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार विराट के नेतृत्व में पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मुख्य गेट से नारे लगाने शुरू कर दिए।
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प्रदेश उपाध्यक्ष ने कहा कि 24 अप्रैल को डीआईजी से ब्रजघाट के पुरोहितों ने खनन माफिया द्वारा 20 लाख की अवैध वसूली करने, हसनपुर कोतवाल की ओर से वाल्मीकि युवक को अवैध तरीके से हवालात में रखने और उसकी पत्नी संग मारपीट करने, पुलिस से हमसाज होकर खनन माफिया द्वारा गंगा में अवैध खनन करने की शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसकी जांच डीआईजी ने स्थानीय पुलिस को सौंपी थी।
शोरगुल होने पर एएसपी ने कर्मियों को कार्यकर्ताओं के बीच भेजा, लेकिन वह एसपी को मौके पर ही बुलाने की जिद करने लगे। करीब आधा घंटा तक सभी धूप में खड़े रहे। बाद में उनका प्रतिनिधिमंडल एसपी से मिलने को तैयार हो गया। पुलिस कप्तान संतोष कुमार मिश्रा ने उनकी पूरी बात सुनी और जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
इस मौके पर उदय सिंह, दीपांकर प्रियदर्शी, सुखपाल सिंह, बलराज सिंह, योगेंद्र सिंह, धनपाल सिंह, वजीउल हसन, शबीउल हसन, शब्बू, हरपाल, राहुल वर्मा, हुकमदास, पप्पू, विपिन कुमार, जोगेश कुमा, नरेंद्र सिंह, रगवीरसिंह, संदीप समेत तमाम कार्यकर्ता मौजूद थे। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने डीएम नवनीत कुमार चहल को ज्ञापन सौंपा।
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डीआईजी के आदेशों को दबाने एवं एएसपी पर कार्यालय में महासंघ नेताओं को हड़काने की बात भी कही। बहरहाल एसपी ने पदाधिकारियों को समझाकर शांत किया। साथ ही अपने स्तर से प्रकरण की जांच का भरोसा दिलाया। इसके बाद कार्यकर्ता शांति के साथ लौट गए।
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महासंघ के कार्यकर्ता प्रदेश उपाध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार विराट के नेतृत्व में पुलिस अधीक्षक कार्यालय पर पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने पुलिस अधिकारियों के खिलाफ मुख्य गेट से नारे लगाने शुरू कर दिए।
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प्रदेश उपाध्यक्ष ने कहा कि 24 अप्रैल को डीआईजी से ब्रजघाट के पुरोहितों ने खनन माफिया द्वारा 20 लाख की अवैध वसूली करने, हसनपुर कोतवाल की ओर से वाल्मीकि युवक को अवैध तरीके से हवालात में रखने और उसकी पत्नी संग मारपीट करने, पुलिस से हमसाज होकर खनन माफिया द्वारा गंगा में अवैध खनन करने की शिकायत दर्ज कराई गई थी, जिसकी जांच डीआईजी ने स्थानीय पुलिस को सौंपी थी।
शोरगुल होने पर एएसपी ने कर्मियों को कार्यकर्ताओं के बीच भेजा, लेकिन वह एसपी को मौके पर ही बुलाने की जिद करने लगे। करीब आधा घंटा तक सभी धूप में खड़े रहे। बाद में उनका प्रतिनिधिमंडल एसपी से मिलने को तैयार हो गया। पुलिस कप्तान संतोष कुमार मिश्रा ने उनकी पूरी बात सुनी और जांच कराकर कार्रवाई का आश्वासन दिया।
इस मौके पर उदय सिंह, दीपांकर प्रियदर्शी, सुखपाल सिंह, बलराज सिंह, योगेंद्र सिंह, धनपाल सिंह, वजीउल हसन, शबीउल हसन, शब्बू, हरपाल, राहुल वर्मा, हुकमदास, पप्पू, विपिन कुमार, जोगेश कुमा, नरेंद्र सिंह, रगवीरसिंह, संदीप समेत तमाम कार्यकर्ता मौजूद थे। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने डीएम नवनीत कुमार चहल को ज्ञापन सौंपा।