फौजी ने मंत्री से कहा- हम देश की सेवा करते हैं पर हमारा परिवार ही सुरक्षित नहीं, गर्भवती पत्नी और मां के साथ हुई बर्बरता
फौजी की शिकायत पर कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने नाराजगी जाहिर की। तुरंत एएसपी चंद्रप्रकाश शुक्ला को तलब किया और थाना पुलिस से मामले में कार्रवाई कराकर दो घंटे में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए।
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अमरोहा में जिला अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह के सामने एक फौजी का दर्द छलक पड़ा। उसने कहा कि हम देश की सेवा करते हैं, लेकिन घर में हमारा परिवार सुरक्षित नहीं है। फौजी ने बुजुर्ग मां और गर्भवती पत्नी के साथ मारपीट व छेड़खानी का आरोप लगाया। पिटाई के बाद गर्भवती पत्नी इमरजेंसी में भर्ती है। बावजूद इसके पुलिस ने मामले में कार्रवाई नहीं। फौजी के अलफाज सुनकर कैबिनेट मंत्री ने नाराजगी व्यक्त की और एएसपी को तलब कर दो घंटे में कार्रवाई कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए।
भाजपा के प्रदेशाध्यक्ष और जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह शुक्रवार को जनपद के दो दिवसीय दौरे पर पहुंचे। दोपहर करीब तीन बजे स्वतंत्र देव सिंह जिला अस्पताल का निरीक्षण करने पहुंचे। यहां स्वास्थ्य सेवाओं का हाल जाना। उन्होंने वार्ड में भर्ती मरीजों से स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी हासिल की। तभी वर्दी पहले एक फौजी ने जय हिंद कहा तो कैबिनेट मंत्री से कदम रुक गए। धनौरा क्षेत्र के एक गांव निवासी फौजी ने मंत्री से अपना दर्द बयां किया।
दबंगों ने आठ महीने की गर्भवती पत्नी के साथ मारपीट की
कहा कि दो दिन पहले गांव में रहने वाले दबंगों ने घर में घुसकर उसकी आठ महीने की गर्भवती पत्नी के साथ मारपीट की। विरोध करने पर अश्लील हरकतें करते हुए उसके साथ छेड़खानी की। घर में मौजूद बुजुर्ग मां बचाव में आईं तो उन्हें भी मारा-पीटा। जिससे वो घायल हो गईं। आरोपियों ने गर्भवती पत्नी और मां के पेट पर लात-घूंसे मारे। घटना के बाद से पत्नी की तबियय ठीक नहीं है। वह इमरजेंसी वार्ड में भर्ती है।
मां तहरीर लेकर थाने पहुंची तो पुलिस ने तहरीर ही बदल दी
आरोप लगाया कि धनौरा थाना पुलिस ने मामले में रिपोर्ट दर्ज नहीं की। बुजुर्ग मां तहरीर लेकर थाने पहुंची तो पुलिस ने तहरीर ही बदल डाली। पूरा घटनाक्रम बदलकर मारपीट की धाराओं में केस दर्ज कर लिया। बावजूद इसके आरोपी खुलेमाम घूम रहे हैं। फौजी की शिकायत पर कैबिनेट मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने नाराजगी जाहिर की। तुरंत एएसपी चंद्रप्रकाश शुक्ला को तलब किया और थाना पुलिस से मामले में कार्रवाई कराकर दो घंटे में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए। इस दौरान उनके साथ बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह और समाज कल्याण राज्यमंत्री संजीव सिंह मौजूद थे।