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Amroha News: कुपोषण से जूझ रहे जिले के छह हजार बच्चे
Fri, 03 Jan 2025 12:52 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
संवाद न्यूज एजेंसी, अमरोहा
Updated Fri, 03 Jan 2025 12:52 AM IST
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अमरोहा।
बच्चाें में कुपोषण को दूर करने के लिए सरकार कई कल्याणकारी योजनाएं चला रही है। लेकिन, जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। कुपोषण की काली छाया इन मासूम बच्चों का बचपना छीन रही है। खेलने कूदने की उम्र में ये मासूम कुपोषण से जंग लड़ रहे हैं। जिलेभर में ऐसे बच्चों की संख्या छह हजार से भी अधिक है।
बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग को गर्भवती और धात्री महिलाओं समेत बच्चों को कुपोषण से दूर रखने की जिम्मेदारी दी गई है। इसके लिए सरकार कई योजनाओं के माध्यम से कुपोषण के खिलाफ अभियान भी चलाती रही है। लेकिन, धरातल पर स्थिति ठीक नही हैं। बच्चों का बचपन स्वस्थ रखने के लिए भोजन के साथ आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से पूरक आहार देने की योजना है। साथ ही हॉटकुक्ड योजना के तहत भी आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को गरमागरम खाना परोसा जाता है। इसके बाद भी जिले में 6242 बच्चे कुपोषण से जंग लड़ रहे हैं। इनमें 1089 बच्चे अति कुपोषित और 5153 बच्चे कुपोषित की श्रेणी में हैं।
कुपोषण से उबारने के लिए सुपर-30 टीम
बच्चों को कुपोषण से बाहर निकालने के लिए डीएम निधि गुप्ता वत्स ने अधिकारियों की सुपर-30 टीम बनाई है। जहां कुपोषित बच्चों के परिवारों को सरकार की अन्य योजनाओं का लाभ देते हुए उनको कुपोषण की श्रेणी से बाहर निकालने ही जिम्मेदारी अधिकारियों को सौंपी गई है। डीएम ने भी जोया ब्लॉक के गांव चुबका की जिम्मेदारी ली है। डीएम के अनुसार इन बच्चों के परिवारों को उनकी जरूरत के अनुसार सरकार की ऐसी लाभपरक योजनाओं से जोड़ा जाएगा, जिससे उनकी आय का कुछ स्रोत बन सके। जिससे बच्चों के खान-पान में सुधार कर उनको कुपोषण की श्रेणी से बाहर निकालने में मदद मिल सकेगी।
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1314 आंगनबाड़ी केंद्रों पर छह साल तक के बच्चाें को दिया जाता है पोषाहार
विभाग की ओर से छह साल तक के बच्चाें की सेहत का ख्याल रखने के लिए आंगनबाड़ी केंद्राें के माध्यम से पूरक आहार दिया जाता है। जिले में 1314 आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से गर्भवर्ती व धात्री महिला तथा बच्चों को पूरक आहार दिया जाता है। लेकिन, पिछले तीन महीने से आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषाहार भी नहीं आ रहा है। इससे बच्चों संग धात्री महिलाओं को केंद्रों पर आकर बैरंग वापस लौटना पड़ रहा है। केवल कागजों में ही कुपोषण से जंग लड़ी जा रही है।
डीएम ने चुबका तो सीडीओ ने ली अम्हेड़ा की जिम्मेदारी
डीएम की ओर से बनाई गई सुपर-30 टीम में डीएम ने जोया ब्लॉक के चुबका, सीडीओ अश्वनी कुमार मिश्रा को जोया के अम्हेड़ा, परियोजना निदेशक अमरेंद्र प्रताप सिंह को अमरोहा के मिठनपुर, डीडीओ सरिता द्विवेदी को रजबपुर, डीएसओ रीना कुमारी को मीरपुर, जिला खाद्य विपणन अधिकारी अजय प्रताप सिंह को पथरा मुस्तकम, डीपीआरओ पारूल सिसोदिया को ढकिया, बीएसए डॉ. मोनिका को मरौरा, सहायक निदेशक मत्स्य नीतू सिंह को बीझलपुर, डीपीओ ज्ञान प्रकाश तिवारी को सिहाली जागीर, जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी शिखा शर्मा को पीरगढ़, जिला प्रोबेशन अधिकारी राकेश सिंह को शेरपुर, एडीपीआरओ विमल कुमार को मोहम्मदपुर मुस्तकम, जिला समाज कल्याण अधिकारी पंखुड़ी जैन को सुल्तानठेर, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी नौशाद हुसैन को आदमपुर, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी अलका चौधरी को शाहपुर पैगंबरपुर, सीवीओ डॉ. आभा दत्त को हीजखेड़ा, बीडीओ अमरोहा को धनोरी मीर, बीडीओ धनौरा को चुचैला कला, बीडीओ गजरौला को तिगरी, बीडीओ हसनपुर को अंधेरपुरी, बीडीओ गंगेश्वरी को सिरसा गुजर, ईओ अमरोहा को मोहल्ला सराय कोना, सीडीपीओ अमरोहा को मोहल्ला अफगानान, सीडीपीओ गंगेश्वरी को रूखालू, बीईओ अमरोहा को मोहल्ला दानिश मंदान, बीईओ गंगेश्वरी को रूस्तमपुर, बीईओ धनौरा को पपसरी खादर, बीईओ हसनपुर को डगरौली व बीईओ जोया को श्यामपुर की जिम्मेदारी दी गई है।
- बच्चों को कुपोषण की श्रेणी से बाहर लाकर उनको स्वस्थ बनाने के पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। अधिकारियों की टीमें बनाकर उनको भी जिम्मेदारी दी गई है। किसी वजह से पूरक आहार नहीं आ सका था। जल्द ही केंद्रों पर पूरक आहार पहुंचने की उम्मीद है। - निधि गुप्ता वत्स, डीएम
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बच्चाें में कुपोषण को दूर करने के लिए सरकार कई कल्याणकारी योजनाएं चला रही है। लेकिन, जमीनी हकीकत कुछ और ही बयां कर रही है। कुपोषण की काली छाया इन मासूम बच्चों का बचपना छीन रही है। खेलने कूदने की उम्र में ये मासूम कुपोषण से जंग लड़ रहे हैं। जिलेभर में ऐसे बच्चों की संख्या छह हजार से भी अधिक है।
बाल विकास एवं पुष्टाहार विभाग को गर्भवती और धात्री महिलाओं समेत बच्चों को कुपोषण से दूर रखने की जिम्मेदारी दी गई है। इसके लिए सरकार कई योजनाओं के माध्यम से कुपोषण के खिलाफ अभियान भी चलाती रही है। लेकिन, धरातल पर स्थिति ठीक नही हैं। बच्चों का बचपन स्वस्थ रखने के लिए भोजन के साथ आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से पूरक आहार देने की योजना है। साथ ही हॉटकुक्ड योजना के तहत भी आंगनबाड़ी केंद्रों पर बच्चों को गरमागरम खाना परोसा जाता है। इसके बाद भी जिले में 6242 बच्चे कुपोषण से जंग लड़ रहे हैं। इनमें 1089 बच्चे अति कुपोषित और 5153 बच्चे कुपोषित की श्रेणी में हैं।
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कुपोषण से उबारने के लिए सुपर-30 टीम
बच्चों को कुपोषण से बाहर निकालने के लिए डीएम निधि गुप्ता वत्स ने अधिकारियों की सुपर-30 टीम बनाई है। जहां कुपोषित बच्चों के परिवारों को सरकार की अन्य योजनाओं का लाभ देते हुए उनको कुपोषण की श्रेणी से बाहर निकालने ही जिम्मेदारी अधिकारियों को सौंपी गई है। डीएम ने भी जोया ब्लॉक के गांव चुबका की जिम्मेदारी ली है। डीएम के अनुसार इन बच्चों के परिवारों को उनकी जरूरत के अनुसार सरकार की ऐसी लाभपरक योजनाओं से जोड़ा जाएगा, जिससे उनकी आय का कुछ स्रोत बन सके। जिससे बच्चों के खान-पान में सुधार कर उनको कुपोषण की श्रेणी से बाहर निकालने में मदद मिल सकेगी।
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1314 आंगनबाड़ी केंद्रों पर छह साल तक के बच्चाें को दिया जाता है पोषाहार
विभाग की ओर से छह साल तक के बच्चाें की सेहत का ख्याल रखने के लिए आंगनबाड़ी केंद्राें के माध्यम से पूरक आहार दिया जाता है। जिले में 1314 आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से गर्भवर्ती व धात्री महिला तथा बच्चों को पूरक आहार दिया जाता है। लेकिन, पिछले तीन महीने से आंगनबाड़ी केंद्रों पर पोषाहार भी नहीं आ रहा है। इससे बच्चों संग धात्री महिलाओं को केंद्रों पर आकर बैरंग वापस लौटना पड़ रहा है। केवल कागजों में ही कुपोषण से जंग लड़ी जा रही है।
डीएम ने चुबका तो सीडीओ ने ली अम्हेड़ा की जिम्मेदारी
डीएम की ओर से बनाई गई सुपर-30 टीम में डीएम ने जोया ब्लॉक के चुबका, सीडीओ अश्वनी कुमार मिश्रा को जोया के अम्हेड़ा, परियोजना निदेशक अमरेंद्र प्रताप सिंह को अमरोहा के मिठनपुर, डीडीओ सरिता द्विवेदी को रजबपुर, डीएसओ रीना कुमारी को मीरपुर, जिला खाद्य विपणन अधिकारी अजय प्रताप सिंह को पथरा मुस्तकम, डीपीआरओ पारूल सिसोदिया को ढकिया, बीएसए डॉ. मोनिका को मरौरा, सहायक निदेशक मत्स्य नीतू सिंह को बीझलपुर, डीपीओ ज्ञान प्रकाश तिवारी को सिहाली जागीर, जिला दिव्यांगजन सशक्तीकरण अधिकारी शिखा शर्मा को पीरगढ़, जिला प्रोबेशन अधिकारी राकेश सिंह को शेरपुर, एडीपीआरओ विमल कुमार को मोहम्मदपुर मुस्तकम, जिला समाज कल्याण अधिकारी पंखुड़ी जैन को सुल्तानठेर, जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी नौशाद हुसैन को आदमपुर, जिला पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी अलका चौधरी को शाहपुर पैगंबरपुर, सीवीओ डॉ. आभा दत्त को हीजखेड़ा, बीडीओ अमरोहा को धनोरी मीर, बीडीओ धनौरा को चुचैला कला, बीडीओ गजरौला को तिगरी, बीडीओ हसनपुर को अंधेरपुरी, बीडीओ गंगेश्वरी को सिरसा गुजर, ईओ अमरोहा को मोहल्ला सराय कोना, सीडीपीओ अमरोहा को मोहल्ला अफगानान, सीडीपीओ गंगेश्वरी को रूखालू, बीईओ अमरोहा को मोहल्ला दानिश मंदान, बीईओ गंगेश्वरी को रूस्तमपुर, बीईओ धनौरा को पपसरी खादर, बीईओ हसनपुर को डगरौली व बीईओ जोया को श्यामपुर की जिम्मेदारी दी गई है।
- बच्चों को कुपोषण की श्रेणी से बाहर लाकर उनको स्वस्थ बनाने के पूरे प्रयास किए जा रहे हैं। अधिकारियों की टीमें बनाकर उनको भी जिम्मेदारी दी गई है। किसी वजह से पूरक आहार नहीं आ सका था। जल्द ही केंद्रों पर पूरक आहार पहुंचने की उम्मीद है। - निधि गुप्ता वत्स, डीएम