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छह टीमें गठित, 22 दिन बीते, एंबुलेंस लाभार्थियों की जांच शून्य
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गर्भवती, प्रसूता व अन्य स्त्री रोग से पीड़ित महिलाओं को अस्पताल पहुंचाने और ले जाने जाने के लाभार्थियों के फर्जी आंकड़े प्रस्तुत करने की आंच अमरोहा भी पहुंच गई है। यहां भी लाभार्थियों के आंकड़ों की जांच होगी। सीएमओ ने सत्रह दिन पहले छठ टीमें गठित की थी। लेकिन जिम्मेदार जांच करने को तैयार नहीं है। शासन से रिमाइंडर आ रहे हैं, इसके बाद भी जांच शून्य पड़ी हुई है।
अमरोहा जनपद में कुल 43 एंबुलेंस हैं। इसमें 21 एंबुलेंस 102, 20 एंबुलेंस 108 और दो एंबुलेंस एएलएस हैं। इन एंबुलेंसों से गर्भवती, प्रसूता व अन्य स्त्री रोग से पीड़ित महिलाओं और सड़क हादसे में घायलों को अस्पताल तक पहुंचाने की सुविधा दी जाती है। लेकिन कुछ दिन पहले लाभार्थियों के अस्पताल पहुंचाने और घर छोड़ने के नाम पर 102-108 एंबुलेंस संचालकों की ओर से फेरे बढ़ाने की शिकायत मिली थी। जिसके बाद शासन स्तर से प्रदेश भर में इसकी जांच शुरू कराई है। प्रदेश के कई जिलों में लाभार्थियों और एंबुुलेंस संचालकों द्वारा प्रस्तुत किए गए आंकडों में गड़बड़ी पकड़ी गई है। इस संबंध में शासन ने 20 मई को आदेश दिए थे। जबकि 13 जून को सीएम डॉ संजय अग्रवाल ले एसीएमओ डॉ दिनेश कुमार को नोडल अधिकारी बनाते हुए अमरोहा, धनौरा, गजरौला, हसनपुर, जोया, रहरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर तीन-तीन सदस्य दिन गठित की थी। लेकिन उनके आदेशों के 21 दिन बाद भी टीमों ने जांच शुरू नहीं की है।
सीएमओ डॉ संजय अग्रवाल ने बताया कि सभी टीमों को इस साल से फरवरी, मार्च और अप्रैल के आकड़ों की जांच करनी है। आकड़ों की ब्लाकवार रिपोर्ट तैयार की जाएगी। पहले की टीमे गठित कर दी गई थीं। अब मेरा तबादला हो गया है। इसमें क्या कार्रवाई हुई इसकी जानकारी नहीं है।
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अमरोहा जनपद में कुल 43 एंबुलेंस हैं। इसमें 21 एंबुलेंस 102, 20 एंबुलेंस 108 और दो एंबुलेंस एएलएस हैं। इन एंबुलेंसों से गर्भवती, प्रसूता व अन्य स्त्री रोग से पीड़ित महिलाओं और सड़क हादसे में घायलों को अस्पताल तक पहुंचाने की सुविधा दी जाती है। लेकिन कुछ दिन पहले लाभार्थियों के अस्पताल पहुंचाने और घर छोड़ने के नाम पर 102-108 एंबुलेंस संचालकों की ओर से फेरे बढ़ाने की शिकायत मिली थी। जिसके बाद शासन स्तर से प्रदेश भर में इसकी जांच शुरू कराई है। प्रदेश के कई जिलों में लाभार्थियों और एंबुुलेंस संचालकों द्वारा प्रस्तुत किए गए आंकडों में गड़बड़ी पकड़ी गई है। इस संबंध में शासन ने 20 मई को आदेश दिए थे। जबकि 13 जून को सीएम डॉ संजय अग्रवाल ले एसीएमओ डॉ दिनेश कुमार को नोडल अधिकारी बनाते हुए अमरोहा, धनौरा, गजरौला, हसनपुर, जोया, रहरा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पर तीन-तीन सदस्य दिन गठित की थी। लेकिन उनके आदेशों के 21 दिन बाद भी टीमों ने जांच शुरू नहीं की है।
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सीएमओ डॉ संजय अग्रवाल ने बताया कि सभी टीमों को इस साल से फरवरी, मार्च और अप्रैल के आकड़ों की जांच करनी है। आकड़ों की ब्लाकवार रिपोर्ट तैयार की जाएगी। पहले की टीमे गठित कर दी गई थीं। अब मेरा तबादला हो गया है। इसमें क्या कार्रवाई हुई इसकी जानकारी नहीं है।
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